अनूपपुर में सांप के काटने से 18 साल के युवक की मौत : रात में डसा, सुबह तक झाड़-फूंक कराते रहे परिजन, समय पर सही इलाज न मिलने से तड़पकर गई जान
MP CG Times / Wed, Sep 2, 2026
अनूपपुर जिले में अंधविश्वास और परिजनों की लापरवाही ने एक और हंसते-खेलते 18 साल के युवक की जिंदगी छीन ली। बिजुरी थाना क्षेत्र के वार्ड नंबर 4 भाठाडांड निवासी रवि पाव (18 वर्ष) की सांप के काटने और समय पर सही इलाज न मिलने के कारण अनूपपुर जिला अस्पताल में मौत हो गई।
बुधवार शाम करीब 6:30 बजे इलाज के दौरान रवि ने दम तोड़ दिया। यदि परिजन समय पर अस्पताल पहुंचते और झाड़-फूंक का सहारा न लेते, तो शायद युवक की जान बचाई जा सकती थी।
दादा को छोड़ने बुआ के घर गया था रवि, रात में जहरीले सांप ने डसा
घटनाक्रम के अनुसार, रवि अपने दादा को बुआ के घर गुल्लीडांड छोड़ने गया हुआ था। मंगलवार रात खाना खाने के बाद वह कमरे में सो गया। तड़के करीब 3 बजे रवि की नींद खुली और उसने परिजनों को बताया कि उसे किसी जहरीले जीव ने काट लिया है।
परिजनों ने उसकी बात को हल्के में लिया और रात में अस्पताल ले जाने के बजाय सुबह होने का इंतजार करते रहे।
झाड़-फूंक का चक्कर और फिर 'दादा' के इंतजार ने बिगाड़ा खेल
सुबह होते ही परिजन रवि को डॉक्टर के पास ले जाने के बजाय झाड़-फूंक (तांत्रिक) के पास ले गए। जब उसकी हालत बिगड़ने लगी, तब सुबह 8:30 बजे उसे बिजुरी के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया।
बिजुरी से गंभीर हालत में उसे अनूपपुर जिला अस्पताल भेजा गया। डॉक्टरों ने हालत नाजुक देखकर उसे तत्काल मेडिकल कॉलेज शहडोल रेफर कर दिया।
रेफर किए जाने के बाद भी परिजन एम्बुलेंस लेकर तुरंत रवाना नहीं हुए, वे गांव से 'दादा' के आने का इंतजार अस्पताल परिसर में ही करते रहे। इसी देरी के बीच शाम 6:30 बजे रवि की सांसें थम गईं।
डॉक्टर बोले- समय पर अस्पताल लाते तो बच सकती थी जान
जिला अस्पताल के डॉक्टरों का स्पष्ट कहना है कि सांप काटने के तुरंत बाद युवक को अस्पताल लाया जाना चाहिए था। जहर पूरे शरीर में फैल चुका था। झाड़-फूंक में घंटों कीमती समय बर्बाद किया गया, जिसके चलते अस्पताल में एंटी-वेनम और इलाज शुरू होने के बावजूद असर नहीं हो सका।
अस्पताल की सूचना पर पुलिस ने शव का पंचनामा तैयार कर पोस्टमार्टम के लिए मर्चुरी में रखवा दिया है और मामले की वैधानिक जांच शुरू कर दी है।
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