शिवम साहू, अनूपपुर।
मध्य प्रदेश की जीवनरेखा
Narmada River
के उद्गम स्थल अमरकंटक में अब सुनियोजित तरीके से नया शहरी क्षेत्र विकसित किया जाएगा। धार्मिक और पर्यटन महत्व वाले इस क्षेत्र में बढ़ती आबादी और व्यावसायिक गतिविधियों का दबाव कम करने के लिए सरकार ने
Amarkantak Investment Area
का दायरा बढ़ाया है। पहले करीब 7 हजार हेक्टेयर का निवेश क्षेत्र अब बढ़ाकर
11,657.46 हेक्टेयर
से अधिक कर दिया गया है।
नए
Amarkantak Master Plan
में मुख्य संवेदनशील क्षेत्र से दूर चार गांवों की
2,134.14 हेक्टेयर जमीन पर Satellite City
विकसित करने की योजना है। यहां पर्यटकों के लिए
Hotel, Restaurant, Resort, Road Network और अन्य Tourism Facilities
विकसित की जाएंगी। मकसद यह है कि नर्मदा के उद्गम क्षेत्र पर सीधे बढ़ता दबाव कम हो और सीवेज समेत दूसरी प्रदूषणकारी गतिविधियां नदी तक न पहुंचें।
Narmada Origin को बचाने के लिए क्यों बनाई जा रही Satellite City?
इस योजना की शुरुआत
सितंबर 2024 में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश
के बाद हुई थी। सरकार का मुख्य फोकस
Narmada Origin Area की Environmental Protection
पर है।
अमरकंटक में पर्यटकों की संख्या बढ़ने के साथ होटल, रेस्टोरेंट और दूसरी व्यावसायिक गतिविधियां भी बढ़ रही हैं। ऐसे में नई बसाहट और पर्यटन से जुड़ी गतिविधियों को नर्मदा उद्गम के संवेदनशील हिस्से से दूर ले जाने की योजना बनाई गई है।
इससे एक तरफ
Tourism Infrastructure
को बढ़ाने की जगह मिलेगी, वहीं दूसरी तरफ उद्गम स्थल पर मानवीय दबाव कम करने की कोशिश होगी। खास तौर पर सीवेज को नर्मदा तक पहुंचने से रोकना इस योजना का महत्वपूर्ण उद्देश्य है।
नए निवेश क्षेत्र का
Master Plan अगले दो महीने में तैयार
किया जाएगा। इसी में यह तय होगा कि किस इलाके में होटल, रिसॉर्ट, सड़क, आवासीय क्षेत्र और दूसरी सुविधाएं विकसित होंगी।
इन 4 गांवों में बनेगी Amarkantak Satellite City
पोंड़ी
लालपुर
बरसोत
सेंदुखार
इन चारों गांवों का कुल क्षेत्रफल
2,134.14 हेक्टेयर
है। ये अमरकंटक के मुख्य संवेदनशील क्षेत्र से दूर हैं और यहां आबादी भी अपेक्षाकृत कम है। इसलिए यहां
Planned Urban Development
की गुंजाइश ज्यादा है।
नए शहर में
Hotel, Resort, Restaurant और Tourism-related Modern Facilities
विकसित की जाएंगी। हालांकि किस जमीन पर कौन-सी सुविधा बनेगी, इसका अंतिम फैसला Master Plan में होगा।
नए Investment Area में 15 Regional Units
सरकार ने नए
Investment Area
में अमरकंटक के मुख्य क्षेत्र और प्रस्तावित Satellite City समेत कुल
15 Regional Units
को शामिल किया है। इन्हें चार श्रेणियों में बांटा गया है।
1. Existing Investment Area
इस श्रेणी में
अमरकंटक, जालेश्वर, दमगढ़ और उमरगोहान
शामिल हैं। इनका कुल क्षेत्रफल
7,033.52 हेक्टेयर
है।
2. Satellite City Area
इसमें
पोंडी, लालपुर, बरसोत और सेंदुखार
शामिल हैं। इन्हीं चार गांवों की जमीन पर नया Satellite City Area विकसित किया जाएगा।
3. Satellite City और Investment Area के बीच का क्षेत्र
इस श्रेणी में
हरिटोला, पोड़की, भरिया और भुण्डाकोना
शामिल हैं। इनका कुल क्षेत्रफल
948.12 हेक्टेयर
है।
4. अन्य क्षेत्र
इस श्रेणी में
बिजौरी, पमरा और भरनी
गांव शामिल हैं। ये भी नए Investment Area का हिस्सा होंगे।
इन सभी 15 Regional Units की
2011 की जनगणना के आधार पर कुल आबादी 16,135
बताई गई है। Satellite City के आसपास के गांवों का क्षेत्रफल
1,541.68 हेक्टेयर
बताया गया है।
Master Plan में तय होगा Hotel और Resort कहां बनेंगे
अभी नए Investment Area का सबसे महत्वपूर्ण अगला चरण
Master Plan Preparation
है। अगले दो महीने में तैयार होने वाले इस प्लान में Land Use का पूरा खाका तैयार किया जाएगा।
इसी में तय होगा कि
Hotel Zone, Resort Area, Residential Area, Road Network और दूसरी Tourism Facilities
कहां विकसित होंगी।
यानी चार गांवों की जमीन को Satellite City के लिए चिन्हित किया गया है, लेकिन वहां किस हिस्से में कौन-सी सुविधा बनेगी, इसका पूरा विवरण Master Plan आने के बाद स्पष्ट होगा।
2020 में Agriculture Tourism को भी मिली थी मंजूरी
अमरकंटक के विकास की योजना सिर्फ Satellite City तक सीमित नहीं है।
2020 में Master Plan में बदलाव कर Agriculture Tourism
को बढ़ावा देने का प्रावधान किया गया था।
इसके तहत मध्य प्रदेश नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम, 1973 के प्रावधानों के अनुसार कृषि भूमि पर Tourism से जुड़ी कई गतिविधियों की अनुमति दी गई।
Agriculture Land पर Cottage से Swimming Pool तक
Agricultural Tourism के तहत कृषि भूमि पर
Cottage, Camping Site और Restaurant
जैसी सुविधाएं विकसित की जा सकती हैं।
इसके अलावा
Yoga-Naturopathy Centre, Wellness Centre, Spiritual Centre और Swimming Pool
जैसी सुविधाओं की भी अनुमति दी गई है।
इसके साथ
Non-Polluting Industries, Beekeeping, Animal Husbandry और Fisheries
जैसी गतिविधियों को भी बढ़ावा देने का प्रावधान है।
इसका उद्देश्य पर्यटन के साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को जोड़ना और
Local Employment Opportunities
बढ़ाना है। यानी आने वाले समय में अमरकंटक में Tourism के नए मॉडल में होटल-रिसॉर्ट के साथ Agriculture Tourism और स्थानीय गतिविधियों को भी जोड़ा जा सकता है।
अमरकंटक में Development और Environment के बीच संतुलन
अमरकंटक की पहचान सिर्फ धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में नहीं है। यह
Narmada, Son और Johila
नदियों के उद्गम क्षेत्र के रूप में भी महत्वपूर्ण है। मैकल पर्वतमाला में स्थित यह इलाका प्राकृतिक और पर्यावरणीय दृष्टि से संवेदनशील माना जाता है।
ऐसे में सरकार की योजना का फोकस सीधे Narmada Origin के आसपास नई बसाहट बढ़ाने के बजाय उससे दूर
Planned Tourism Development
करने पर है।
योजना लागू होने के बाद अमरकंटक के मुख्य क्षेत्र में पर्यटकों और व्यावसायिक गतिविधियों का दबाव कम करने तथा नए क्षेत्र में Hotel, Resort, Road और Residential Infrastructure को व्यवस्थित तरीके से विकसित करने की कोशिश होगी।
यानी Amarkantak Satellite City का प्रस्ताव सिर्फ नया शहर बसाने की योजना नहीं है। इसका बड़ा उद्देश्य Narmada Origin की Environmental Protection के साथ Tourism Infrastructure को नए क्षेत्र में शिफ्ट करना और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाना है।