शिवम साहू, अनूपपुर। मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले में लव अफेयर की वजह से एक युवक को मार डाला। मर्डर कर लाश को रेत वाली बोरी में डालकर पोखरी डैम में फेंक दिया। भालूमाड़ा पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू की और महज 24 घंटे के भीतर इस अंधे हत्याकांड का पर्दाफाश कर दिया।
जानकारी के मुताबिक, मृतक की पहचान छोहरी निवासी सनि उर्फ मोटू सहीस (18 वर्ष), पिता रंजू सहीस के रूप में हुई। शव की कमर में रस्सी से रेत भरी बोरी बंधी हुई थी। शव की स्थिति देखकर पुलिस को हत्या की आशंका थी।
हत्या के पीछे प्रेम प्रसंग की कहानी छिपी थी
जांच में सामने आया कि हत्या के पीछे प्रेम प्रसंग की कहानी छिपी थी। पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल, रस्सी तथा अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य भी जब्त कर लिए हैं।
पोखरी डैम में मिला था शव
पुलिस के अनुसार 2 जून 2026 को सूचना मिली थी कि ओसीएम छोहरी स्थित पोखरी डैम में एक अज्ञात युवक का शव पानी में तैर रहा है। सूचना मिलते ही भालूमाड़ा पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पानी से बाहर निकलवाया।
पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में बनी विशेष टीम
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक विक्रांत मुराब के निर्देशन में विशेष टीम गठित की गई। पुलिस ने घटनास्थल से मिले साक्ष्यों का परीक्षण किया और मृतक के परिचितों सहित संदिग्ध लोगों से पूछताछ शुरू की।
जांच के दौरान पुलिस को कुछ महत्वपूर्ण सुराग मिले, जिसके बाद संदेह का दायरा मृतक के निजी संबंधों तक पहुंचा। लगातार पूछताछ और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस को हत्या की असली वजह का पता चला।
प्रेम संबंध बना हत्या की वजह
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि मृतक सनि सहीस का आरोपी की सगी भांजी के साथ पिछले तीन से चार वर्षों से प्रेम संबंध था। दोनों के बीच लंबे समय से संपर्क था। इस संबंध की जानकारी युवती के परिवार वालों को भी हो चुकी थी।
परिजनों ने कई बार सनि को समझाने और संबंध खत्म करने का प्रयास किया, लेकिन वह नहीं माना। इसी बात को लेकर युवती के परिवार में लगातार नाराजगी बनी हुई थी। धीरे-धीरे यह नाराजगी इतनी बढ़ गई कि आरोपियों ने युवक को रास्ते से हटाने की साजिश रच डाली।
मामा ने साथियों के साथ बनाई हत्या की योजना
पुलिस के अनुसार युवती के मामा ने अपने साथी, चचेरे भाई और पड़ोसी के साथ मिलकर सनि सहीस की हत्या की योजना बनाई। योजना के तहत 29 मई की रात करीब साढ़े आठ बजे चारों आरोपी सनि को मोटरसाइकिल से बड़ी पुलिया के पास लेकर पहुंचे।
वहां सुनसान स्थान पर आरोपियों ने रस्सी से उसका गला घोंट दिया। युवक की मौके पर ही मौत हो गई। हत्या के बाद आरोपियों ने शव को छिपाने और पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की।
शव को ठिकाने लगाने के लिए डैम में फेंका
हत्या के बाद आरोपियों ने शव की कमर में रस्सी से रेत भरी बोरी बांधी ताकि शव पानी में डूबा रहे और किसी को दिखाई न दे। इसके बाद शव को ओसीएम के पोखरी डैम में फेंक दिया गया।
आरोपियों को उम्मीद थी कि पानी में शव लंबे समय तक छिपा रहेगा और हत्या का खुलासा नहीं हो पाएगा, लेकिन कुछ दिनों बाद शव पानी में तैरता हुआ दिखाई दिया और पूरा मामला सामने आ गया।
चार आरोपी गिरफ्तार
जांच के बाद पुलिस ने हत्या में शामिल चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों में किशन चौधरी (20 वर्ष), कृष्णा कुमार चौधरी (30 वर्ष), राजकुमार रैदास (34 वर्ष) और चंदन प्रसाद चौधरी (22 वर्ष) शामिल हैं।
पूछताछ में आरोपियों ने हत्या की साजिश और घटना में अपनी भूमिका स्वीकार कर ली। इसके बाद पुलिस ने उन्हें न्यायालय में पेश किया, जहां से सभी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
बाइक, रस्सी और अन्य साक्ष्य जब्त
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त मोटरसाइकिल, गला घोंटने में इस्तेमाल की गई रस्सी, मृतक का मोबाइल फोन तथा अन्य दस्तावेज जब्त कर लिए हैं। इन साक्ष्यों को मामले की विवेचना में शामिल किया गया है।
इन अधिकारियों की रही अहम भूमिका
मामले के खुलासे में थाना प्रभारी भालूमाड़ा उमेश उपाध्याय, उप निरीक्षक डी.एस. बागरी, सहायक उप निरीक्षक चन्द्रहास बांधेकर, कमलेश शुक्ला, प्रधान आरक्षक ईश्वर यादव, कृपाल सिंह, आरक्षक चक्रधर तिवारी, देवेन्द्र तिवारी, प्रदीप यादव, दिनेश किराडे, महिला आरक्षक ज्योति मालवीय, साइबर सेल के प्रधान आरक्षक राजेन्द्र अहिरवार तथा आरक्षक पंकज मिश्रा की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस अधिकारियों ने टीम की त्वरित कार्रवाई और पेशेवर जांच की सराहना की है।