खूनी झड़प…CISF जवान ने चलाईं अंधाधुंध गोलियां : असिस्टेंट कमांडेंट समेत 4 अफसरों-जवानों की मौत; विवाद के बाद AK-47 से दागीं 150 गोलियां
MP CG Times / Tue, Sep 29, 2026
जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के परिसर में देर शाम एक रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदात सामने आई है। मंगलवार शाम करीब 7:30 बजे आपसी कहासुनी के बाद एक जवान ने आपा खो दिया और अपनी सर्विस AK-47 राइफल से अपने ही साथियों पर अंधाधुंध गोलियां बरसा दीं। इस भीषण गोलीबारी में एक असिस्टेंट कमांडेंट समेत 4 सीआईएसएफ जवानों की मौके पर ही मौत हो गई।
घटना हिमाचल प्रदेश सीमा से सटे बसोहली तहसील स्थित सेवा-3 पावर प्रोजेक्ट परिसर की है। कठुआ पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी हेड कॉन्स्टेबल को गिरफ्तार कर लिया है और हथियार को कब्जे में ले लिया है।

बहस के बाद आपा खो बैठा जवान, ताबड़तोड़ दागीं 150 गोलियां
सूत्रों के मुताबिक, यह खौफनाक वारदात तब हुई जब जवानों के बीच किसी बात को लेकर बहस शुरू हुई। 2009 बैच का आरोपी हेड कॉन्स्टेबल अभिदेश कुमार सिंह बहस के दौरान अचानक उग्र हो गया। वह दफ्तर के परिसर में घुसा और अपनी सरकारी AK-47 राइफल से ताबड़तोड़ फायरिंग करने लगा।
बताया जा रहा है कि आरोपी के पास करीब 150 राउंड गोलियां थीं, जिन्हें उसने अंधाधुंध चला दिया। गोलीबारी के बाद परिसर में अफरा-तफरी मच गई।
मृतकों में असिस्टेंट कमांडेंट भी शामिल, इन जवानों ने गंवाई जान
गोलीबारी इतनी अचानक और घातक थी कि परिसर में मौजूद अफसरों और जवानों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। हमले में शहीद हुए अधिकारियों और जवानों के नाम इस प्रकार हैं:
अंकित कुमार पांडे (असिस्टेंट कमांडेंट)
लक्ष्मण सिंह (सब-इंस्पेक्टर - SI)
रफीक अहमद (कॉन्स्टेबल)
संदीप कुमार (कॉन्स्टेबल)
12 साल से बंद पड़ा है पावर प्रोजेक्ट, सुरक्षा में तैनात थी टीम
जिस जगह यह वारदात हुई, वह स्थान सामरिक दृष्टि से संवेदनशील लेकिन लंबे समय से बंद है। रावी नदी पर बना सेवा-3 (Sewa-III) प्रोजेक्ट 1993 में शुरू हुआ था।
साल 2013 में आई भीषण बाढ़ में इस पावर प्रोजेक्ट का 300 मीटर लंबा हिस्सा बह गया था, जिसके बाद से यह बीते 12 सालों से पूरी तरह बंद पड़ा हुआ है। हालांकि, सरकारी संपत्ति और बुनियादी ढांचे की सुरक्षा के लिए यहां सीआईएसएफ जवानों की तैनाती रहती है।
आरोपी गिरफ्तार, कोर्ट ऑफ इंक्वायरी के आदेश
घटना की सूचना मिलते ही कठुआ पुलिस की टीम और सीआईएसएफ के उच्च अधिकारी मौके पर पहुंचे। कठुआ पुलिस ने आरोपी हेड कॉन्स्टेबल अभिदेश कुमार सिंह को गिरफ्तार कर लिया है और उससे घटना के कारणों को लेकर कड़ाई से पूछताछ की जा रही है।
सीआईएसएफ मुख्यालय (CISF HQ) ने मामले को बेहद गंभीरता से लेते हुए कोर्ट ऑफ इंक्वायरी (Court of Inquiry) के आदेश जारी कर दिए हैं। जांच टीम यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या जवान किसी मानसिक तनाव से गुजर रहा था या उनके बीच कोई पुराना विवाद था।
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