सागर जहरीली शराब कांड में 28 मौतें : 30 पर FIR, 14 गिरफ्तार, 7 शराब दुकानें सील, राहुल गांधी बोले- MP में भारत की सबसे भ्रष्ट सरकार
MP CG Times / Wed, Sep 9, 2026
एमपी के सागर जिले के बंडा और शाहगढ़ विकासखंड के आधा दर्जन गांवों में अमानक और जहरीली शराब पीने से मौतों का आंकड़ा 28 तक पहुंच गया है। कई प्रभावितों का अस्पताल में इलाज चल रहा है। हालांकि, जिला प्रशासन ने अब तक आधिकारिक तौर पर 24 मौतों की ही पुष्टि की है।
हादसे के बाद हरकत में आए प्रशासन ने अब 'घर-घर सर्वे, चौपाल और कानूनी कार्रवाई' के 3-स्तरीय फार्मूले पर काम शुरू कर दिया है। बंडा सिविल अस्पताल में अब मरीजों के आने का सिलसिला तो थम गया है, लेकिन मौतों के आंकड़ों और जांच की निष्पक्षता को लेकर राज्य में सियासी भूचाल आ गया है।

राहुल गांधी का करारा हमला: 'दवा, शराब, पानी सब जहरीला, MP में शासन बचा ही नहीं'
सागर हादसे के बाद कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने 'X' (ट्विटर) पर राज्य सरकार को आड़े हाथों लेते हुए लिखा:
"भारत की सबसे भ्रष्ट सरकार वाले राज्य मध्य प्रदेश में शासन नाम की कोई चीज बची ही नहीं है। दवा जहरीली, शराब जहरीली, पानी जहरीला! नए कानून बनाए जाते हैं, लेकिन अगले हादसे तक उन्हें किसी तहखाने में डाल दिया जाता है। जहरीली शराब ने कई घरों में मातम ला दिया है, लेकिन MP को पता है आगे क्या होगा— कुछ गिरफ्तारियां होंगी, कुछ अफसर सस्पेंड होंगे और जांच के आदेश होंगे, क्योंकि यह पहली बार नहीं है।"
भोपाल फोरेंसिक लैब से विसरा जांच की मांग
जिला कांग्रेस कमेटी सागर ग्रामीण के अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह मोहासा और प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सरकार पर मौतों का आंकड़ा दबाने का आरोप लगाया। कांग्रेस ने मांग की है कि मृतकों के विसरा की जांच सागर के बजाय भोपाल की स्वतंत्र फॉरेंसिक लैब से निष्पक्षता से कराई जाए।
ऐसे हुआ मौत का तांडव: शनिवार शाम से उल्टियां और आंखें धुंधली होने लगीं
5 सितंबर (शनिवार शाम): बंडा अस्पताल में अचानक मरीजों का पहुंचना शुरू हुआ। मरीजों का शरीर नीला पड़ने लगा, उल्टियां और आंखों की रोशनी कम होने जैसे लक्षण दिखे।
रविवार से सोमवार: रविवार सुबह तक 9 और शाम तक 15 मौतों की खबर आई। सोमवार तक यह आंकड़ा 22 के पार चला गया।
मंगलवार: मंगलवार को भी 2 और मरीजों ने दम तोड़ा, हालांकि इसके बाद नए मरीजों की संख्या में कमी आई है।
7 शराब दुकानें सील, 30 के खिलाफ FIR, 14 आरोपी गिरफ्तार
मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन और पुलिस ने ताबड़तोड़ एक्शन लिया है
बंडा क्षेत्र की 7 लाइसेंसी शराब दुकानों को सील कर सैंपलिंग कराई गई है।
पुलिस ने ठेकेदारों और अवैध सप्लायरों समेत 30 लोगों को नामजद आरोपी बनाया है। इनमें लाइसेंसी ठेकेदार सिद्धार्थ कुशवाहा, यशवंत ठाकुर, ततरवारा सरपंच चंदू उर्फ चंद्रभान राजपूत और कई शराब माफिया शामिल हैं।
अब तक 14 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है और अन्य के ठिकानों पर दबिश जारी है।
कलेक्टर ने दिए मजिस्ट्रियल जांच के आदेश
सागर कलेक्टर प्रतिभा पाल ने बंडा हादसे की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं। जैसीनगर के एसडीएम को जांच अधिकारी बनाया गया है।
जांच के मुख्य बिंदु
क्या मौतों का वास्तविक कारण अमानक/अवैध शराब का सेवन था?
शराब का निर्माण, भंडारण और सप्लाई किस स्तर पर और किसके द्वारा की गई?
क्या आबकारी और पुलिस विभाग के अधिकारियों ने अपने कर्तव्यों में लापरवाही बरती?
भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए क्या कड़े कदम उठाए जाएं?
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