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: शहडोल के दो स्कूलों में बड़ा कारनामा: 24 लीटर पेंट पोतने में लगे 443 मजदूर और 215 मिस्त्री, प्राचार्य निलंबित, देखिए बिल की कॉपी

MP Shahdol Scam in painting of two schools principal suspended: एमपी के शहडोल में शिक्षा विभाग का बड़ा घोटाला सामने आया है। यहां दो स्कूलों में मात्र 24 लीटर पेंट लगाने के लिए 443 मजदूर और 215 मिस्त्री लगाए गए। 4704 रुपए के इस पेंट को लगाने के लिए 3.38 लाख रुपए का भुगतान किया गया। इन बिलों की प्रतियां सामने आने के बाद विवाद बढ़ गया है। ब्यौहारी स्थित दो सरकारी स्कूलों में यह कारनामा किया गया है।

इधर, मामला सामने आने के बाद शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप ने सकंदी के प्राचार्य सुग्रीव शुक्ला को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के आदेश दिए। उन्होंने खुद एक्स पर इसकी जानकारी दी। शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप ने कहा कि शहडोल जिले के ब्याहारी के सकंदी शासकीय हाईस्कूल की मरम्मत के दौरान अनियमितता का मामला मेरे संज्ञान में आया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव और लोक शिक्षण आयुक्त को तत्काल जांच के निर्देश दिए गए। प्रारंभिक जांच में प्राचार्य को दोषी पाया गया।

सबसे पहले दोनों बिलों को देखिए…

ये दोनों बिल अलग-अलग स्कूलों के हैं। दोनों पर तारीख 5 मई 2025 है। जिला शिक्षा अधिकारी के हस्ताक्षर भी हैं। अब वे इसकी जांच कराने की बात भी कर रहे हैं।

4 लीटर पेंट लगाने में 168 मजदूर, 65 मिस्त्री लगे

हाई स्कूल सकंदी में मात्र 4 लीटर ऑयल पेंट खरीदा गया, जिसकी कीमत 784 रुपये यानी 196 रुपये प्रति लीटर बताई जा रही है। लेकिन दीवार पर इस पेंट को लगाने में 168 मजदूर और 65 मिस्त्री लगे। इन्हें 1,06,984 रुपये का भुगतान किया गया।

दूसरा मामला

दूसरा मामला हायर सेकेंडरी स्कूल निपनिया का है। यहां 20 लीटर पेंट खरीदा गया। इस पेंट को लगाने के लिए 275 मजदूर और 150 राजमिस्त्री लगाए गए थे। सभी को 2,31,650 रुपए का भुगतान भी किया गया। इस खर्च में खिड़की और दरवाजे की पेंटिंग का खर्च भी शामिल है, जो 20 लीटर पेंट से कहीं ज्यादा है।

दोनों बिलों से एक ही ठेकेदार को भुगतान

इन दोनों मामलों में एक ही ठेकेदार सुधाकर कंस्ट्रक्शन का नाम सामने आया है, खास बात यह है कि दोनों बिल 5 मई को बनाए गए थे। बिलों पर संबंधित स्कूलों के प्राचार्य और जिला शिक्षा अधिकारी के हस्ताक्षर हैं। सरकारी मुहर भी लगी हुई है। भास्कर ने जब शासकीय हाईस्कूल सकंदी के प्राचार्य सुग्रीव शुक्ला से बात की तो उन्होंने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया।

डीईओ ने कहा- दोषियों पर कार्रवाई होगी

जिला शिक्षा अधिकारी फूल सिंह मरपची ने इस मामले में जांच की बात कही है। उन्होंने कहा कि जो भुगतान बिल का मामला सामने आया है, उसकी हमने जांच शुरू कर दी है। जांच में दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी।

जब उनसे पूछा गया कि जो बिल दिए गए हैं, उन पर आपके हस्ताक्षर हैं, तो उन्होंने कहा- जो बिल आए हैं, वे अधूरे हैं और पूरे नहीं हैं। इसका एक ही हिस्सा आपके सामने आया है, दूसरा नहीं। इसका एक हिस्सा लोहा, रेत, सीमेंट और बजरी है, जो टैक्सेबल है। जो बिल आया है, वह जीएसटी के बिना है और उस पर कोई टैक्स नहीं है। करीब तीन लाख रुपये के ये बिल जन संरक्षण भत्ता मरम्मत कार्य के हैं। अगर बिल की कॉपी वायरल करनी थी, तो दोनों हिस्से वायरल करने थे। मेरे पास बिल के दूसरे हिस्से हैं, लेकिन जांच के कारण मैं आपको नहीं दिखा सकता।

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