Logo
Breaking News Exclusive
आधी रात को प्रेमिका के कमरे में घुसा; 'तू किसी और से बात करती है' कहकर चाकू से गोदे 5 वार, मौत आरोपी बोला- गांव वालों ने हाथ-पैर बांधे थे, इसलिए गुस्से में 4 अपनों को मार डाला सिरफिरे युवक ने नानी, नाना, मां और ममेरी बहन को डंडे से पीट-पीटकर मार डाला; पुजारी को भी पीटा था होश आने पर 14 साल के नाबालिग के कपड़े उतरे मिले, प्राइवेट-पार्ट और कमर में दर्द होने लगा   खेत में काम करते समय विवाद; 28 साल के बेटे की कुल्हाड़ी से गर्दन काटकर हत्या, वारदात के बाद जंगल में भागा रिश्वतखोरी में टर्मिनेट दागी कर्मी को बनाया प्रभारी तो भड़के किसान; हंगामे के बाद आमसभा स्थगित गरियाबंद में हाथ-पैर और चेहरे की चमड़ियां छिलीं; परीक्षा भी छूटी, क्या वार्डन ने लगाई थी ड्यूटी? गरियाबंद में पट्टा नहीं मिला तो Highway जाम, फिर विधायक रोहित का घेराव; जानिए पूरी कहानी ? जीजा ने फोन किया तो बोला- 'हां दे दिया तलाक', ऑडियो रिकॉर्डिंग सामने आई; पेंड्रा पुलिस ने दर्ज की जीरो FIR आधी रात को 65 साल के 'मुंहबोले बाबा' ने किया रेप; भड़की 17 साल की नाबालिग ने सब्बल मारकर ब्लेड से रेता गला आधी रात को प्रेमिका के कमरे में घुसा; 'तू किसी और से बात करती है' कहकर चाकू से गोदे 5 वार, मौत आरोपी बोला- गांव वालों ने हाथ-पैर बांधे थे, इसलिए गुस्से में 4 अपनों को मार डाला सिरफिरे युवक ने नानी, नाना, मां और ममेरी बहन को डंडे से पीट-पीटकर मार डाला; पुजारी को भी पीटा था होश आने पर 14 साल के नाबालिग के कपड़े उतरे मिले, प्राइवेट-पार्ट और कमर में दर्द होने लगा   खेत में काम करते समय विवाद; 28 साल के बेटे की कुल्हाड़ी से गर्दन काटकर हत्या, वारदात के बाद जंगल में भागा रिश्वतखोरी में टर्मिनेट दागी कर्मी को बनाया प्रभारी तो भड़के किसान; हंगामे के बाद आमसभा स्थगित गरियाबंद में हाथ-पैर और चेहरे की चमड़ियां छिलीं; परीक्षा भी छूटी, क्या वार्डन ने लगाई थी ड्यूटी? गरियाबंद में पट्टा नहीं मिला तो Highway जाम, फिर विधायक रोहित का घेराव; जानिए पूरी कहानी ? जीजा ने फोन किया तो बोला- 'हां दे दिया तलाक', ऑडियो रिकॉर्डिंग सामने आई; पेंड्रा पुलिस ने दर्ज की जीरो FIR आधी रात को 65 साल के 'मुंहबोले बाबा' ने किया रेप; भड़की 17 साल की नाबालिग ने सब्बल मारकर ब्लेड से रेता गला

: CGPSC सिविल जज टॉपर की कहानी: परीक्षा में बैठने के लिए कराई प्री-डिलीवरी, नवजात बच्चे को गोद में लेकर की तैयारी, अब जज बनीं

Interview of Shweta Diwan, topper of CGPSC Civil Judge exam: सिविल जज परीक्षा के पहले प्रयास में डॉक्टर ने मेन्स के दिन ही डिलीवरी की तारीख दी थी, लेकिन मैंने परीक्षा के लिए प्री-डिलीवरी की। इसके बाद मैं अपने नवजात बच्चे को छोड़कर पेपर देने चली गई। इस दौरान मैं इंटरव्यू राउंड तक भी पहुंची, लेकिन सेलेक्ट नहीं हो सकी। यह कहना है छत्तीसगढ़ सिविल जज की टॉपर श्वेता दीवान का... जिन्होंने अपने दूसरे प्रयास में न सिर्फ इस सीजीपीएससी परीक्षा को क्रैक किया, बल्कि टॉप भी किया।

जानिए उनके सफलता की कहानी, उन्हीं की जुबानी

सवाल - अभी नन्हा बच्चा आपकी गोद में है। आपने उसके साथ कैसे तैयारी की? जवाब - मेरी जर्नी बच्चे के जन्म से पहले की है। दरअसल, पहले प्रयास में सिविल जज की प्री-परीक्षा के दौरान मैं प्रेग्नेंट थी और मेन्स के दिन ही डिलीवरी की तारीख दी गई थी। परीक्षा में बैठने के लिए मैंने प्री-डिलीवरी की। मैं इंटरव्यू तक भी पहुंची, लेकिन सेलेक्ट नहीं हो सकी। सवाल - पहले प्रयास में तमाम कोशिशों के बावजूद मेरा सेलेक्ट नहीं हो सका। ऐसे में क्या आपको लगा था कि आप दूसरे प्रयास में टॉप कर लेंगी? उत्तर- दूसरे प्रयास में बच्चा 4 महीने का था। मैंने उसकी देखभाल करते हुए पढ़ाई की। पहले प्रयास में चयन न होने पर मैं निराश हो गई थी। मुझे भगवान पर पूरा भरोसा है, मैंने कठिन परिस्थितियों में भी अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास किया। अब छोटे बच्चे के साथ आगे की तैयारी करनी थी, इसलिए पति सुयश धर दीवान के साथ-साथ मेरे माता-पिता और ससुराल वालों ने भी मेरा पूरा साथ दिया। भगवान ने भी मेरा साथ दिया, इसलिए मैंने तैयारी में कोई कसर नहीं छोड़ी। इसी का नतीजा है कि मैंने टॉप किया। प्रश्न- क्या आप शुरू से ही जज बनना चाहती थीं? उत्तर- ऐसा नहीं है, मैंने 11वीं और 12वीं में मैथ्स विषय से पढ़ाई की। फिर मैंने इंजीनियरिंग की और BALCO (भारत एल्युमिनियम कंपनी लिमिटेड) में असिस्टेंट मैनेजर के पद पर भी काम किया। 2018 में शादी होने के बाद मैंने तय किया कि मुझे सिविल जज बनना है। इसलिए 2019 में मैंने लॉ किया और फिर सिविल जज की तैयारी की। सवाल- इंटरव्यू में किस तरह के सवाल पूछे गए? जवाब- लॉ से ही जुड़े सवाल थे। सुप्रीम कोर्ट जजमेंट, आरटीआई, भारतीय संशोधन अधिनियम, वसीयत का सबूत जैसे सवाल पूछे गए। सवाल- आप जज बन गए हैं। आने वाले दिनों में आपको कई फैसले देने होंगे। इस बारे में आप क्या सोचते हैं? जवाब- मैं न्यायपालिका से इसलिए भी ज्यादा प्रभावित था क्योंकि मैं हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई ऑनलाइन देखता था। तब मुझे लगा कि यह न्याय का सशक्त माध्यम है। मुझे इसमें योगदान देना चाहिए। मैं खुद को बेहतर बनाने की कोशिश करूंगा और भविष्य में कुछ अच्छा करूंगा। Read More- Landmines, Tanks, Ruins: The Afghanista Taliban Left Behind in 2001 29 IAS-IPS

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें

विज्ञापन