Brij Bhushan Case Verdict 2026 : महिला पहलवान यौन शोषण केस में बृजभूषण बरी, FIR के बाद 127 सुनवाई, कोर्ट ने सुनाया फैसला
MP CG Times / Mon, Aug 3, 2026
Brij Bhushan Case Verdict: भाजपा नेता और भारतीय कुश्ती संघ (WFI) के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह को महिला पहलवानों से जुड़े यौन शोषण केस में बड़ी राहत मिली है। दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट ने सोमवार को उन्हें बरी कर दिया। सुनवाई के दौरान पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह और WFI के पूर्व सचिव विनोद तोमर कोर्ट में मौजूद रहे।
कोर्ट का फैसला आने के बाद बृजभूषण अपने आवास पहुंचे, जहां समर्थकों ने उन पर फूल बरसाए। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा- "होइहि सोइ जो राम रचि राखा।" उन्होंने कहा, "जज ने कहा कि बृजभूषण और विनोद तोमर आप लोगों को बाइज्जत बरी किया जाता है। मैंने पहले भी कहा था कि अगर कोई आरोप साबित हो जाता तो मैं फांसी पर लटक जाता। आज मेरे लिए खुशी का दिन है।"

127 सुनवाई के बाद आया फैसला
2 जुलाई 2026 को दोनों पक्षों की दलीलें पूरी होने के बाद कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया था। मामला जनवरी 2023 में सामने आया था। तब से लेकर अब तक कुल 1133 दिनों में 127 सुनवाई हुईं।
बृजभूषण 20 जुलाई 2023 से नियमित जमानत पर थे। 10 मई 2024 को दिल्ली पुलिस की चार्जशीट के आधार पर कोर्ट ने उनके खिलाफ आरोप तय किए थे, जिसके बाद ट्रायल शुरू हुआ।
आगे क्या? हाईकोर्ट में अपील कर सकती हैं महिला पहलवान
कोर्ट से बरी होने का मतलब यह है कि अभियोजन पक्ष अदालत में आरोप साबित नहीं कर पाया, इसलिए सजा नहीं दी गई। इसका यह मतलब नहीं है कि मामला हमेशा के लिए खत्म हो गया।
अगर शिकायतकर्ता महिला पहलवान फैसले से असंतुष्ट हैं, तो वे 60 दिन के भीतर दिल्ली हाईकोर्ट में विशेष अनुमति (Leave to Appeal) लेकर इस फैसले को चुनौती दे सकती हैं। सामान्य तौर पर अनुमति का आवेदन और अपील एक साथ दाखिल की जाती है।
6 महिला पहलवानों ने की थी शिकायत, एक नाबालिग ने वापस लिया था आरोप
मई 2023 में सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद दिल्ली पुलिस ने बृजभूषण के खिलाफ FIR दर्ज की थी। कुल 6 महिला पहलवानों ने शिकायत की थी। इनमें एक नाबालिग पहलवान भी शामिल थी, जिसने बाद में अपनी शिकायत वापस ले ली और अपना बयान बदल दिया था।
आरोप तय होने के दौरान बृजभूषण ने पूरे मामले को "झूठा और प्रेरित" बताया था।
बेटे ने लिखा- साजिश हुई नाकाम, सत्य की हुई जीत
फैसले के बाद बृजभूषण के बेटे करण भूषण ने फेसबुक पर लिखा- "साजिश हुई नाकाम, सत्य की हुई जीत। पिताजी बाइज्जत बरी हुए। सत्यमेव जयते!"
वहीं WFI अध्यक्ष संजय कुमार सिंह ने कहा कि बृजभूषण पर झूठे आरोप लगाए गए थे। कोर्ट ने उन्हें सम्मानपूर्वक बरी किया है। इससे पूरे कुश्ती जगत में खुशी का माहौल है।
पहलवानों के आंदोलन के दौरान क्या-क्या बड़े घटनाक्रम हुए?
पहला धरना (जनवरी 2023)
18 जनवरी 2023: विनेश फोगाट, साक्षी मलिक, बजरंग पुनिया समेत कई पहलवानों ने जंतर-मंतर पर बृजभूषण शरण सिंह पर यौन शोषण के आरोप लगाते हुए धरना शुरू किया।
20 जनवरी 2023: पहलवानों ने भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) को शिकायत सौंपी। IOA ने मैरी कॉम की अध्यक्षता में जांच समिति बनाई।
21 जनवरी 2023: तत्कालीन खेल मंत्री अनुराग ठाकुर के साथ बैठक के बाद सरकार ने जांच का भरोसा दिया। इसके बाद पहलवानों ने पहला धरना समाप्त किया। खेल मंत्रालय ने WFI की गतिविधियों पर रोक लगा दी।
दूसरा धरना (अप्रैल-जून 2023)
23 अप्रैल 2023: जांच रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं होने और कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाते हुए पहलवान फिर जंतर-मंतर लौटे।
24 अप्रैल 2023: सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर बृजभूषण के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग की गई।
28 अप्रैल 2023: सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद दिल्ली पुलिस ने दो FIR दर्ज कीं।
28 मई 2023: नए संसद भवन की ओर मार्च के दौरान दिल्ली पुलिस ने बैरिकेडिंग कर पहलवानों को हिरासत में लिया और जंतर-मंतर का धरना खत्म करा दिया।
30 मई 2023: पहलवान हरिद्वार में गंगा में अपने मेडल बहाने पहुंचे, लेकिन किसान नेता नरेश टिकैत के समझाने पर फैसला टल गया।
7 जून 2023: अनुराग ठाकुर के साथ करीब 6 घंटे चली बैठक के बाद पहलवानों ने आंदोलन स्थगित करने का ऐलान किया।

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