Logo
Breaking News Exclusive
MP के दतिया में कांग्रेस को बढ़त, गुजरात के मंजलपुर में भाजपा की जीत लगभग तय महिला पहलवान यौन शोषण केस में बृजभूषण बरी, FIR के बाद 127 सुनवाई, कोर्ट ने सुनाया फैसला पलभर में मची चीख-पुकार, गरियाबंद में घंटों से चल रहा Rescue Operation गरियाबंद में छात्रों के सामने अंडा-बीयर पार्टी; पैग बनाए मिले, सवाल पूछने पर कहा- गेट आउट 3 दोस्तों ने चाकू से काट डाला, तड़पा-तड़पाकर मारा, जानिए क्यों हुआ कांग्रेस नेता का मर्डर ? डूब जाता पूरा परिवार, मासूमों को गोद में रखकर बचाया, अभी भी 300 गाय खतरे में, देखिए मार्मिक तस्वीरें Devbhog अस्पताल ने बचाई जिंदगियां, Normal Delivery से लेकर High-Risk Case तक अखिलेश ने कहा- झुकती है सरकार, झुकाने वाला चाहिए; सत्तापक्ष-विपक्ष का हुआ आमना-सामना लोग रोकते रहे, लेकिन नहीं माना, उफनते नाले में उतरा; कुछ सेकेंड में निगल गई बाढ़ इसमें एक 11 साल का बच्चा भी, खेतों में धान रोपाई कर रहे लोग चपेट में आए, 4 से ज्यादा घायल MP के दतिया में कांग्रेस को बढ़त, गुजरात के मंजलपुर में भाजपा की जीत लगभग तय महिला पहलवान यौन शोषण केस में बृजभूषण बरी, FIR के बाद 127 सुनवाई, कोर्ट ने सुनाया फैसला पलभर में मची चीख-पुकार, गरियाबंद में घंटों से चल रहा Rescue Operation गरियाबंद में छात्रों के सामने अंडा-बीयर पार्टी; पैग बनाए मिले, सवाल पूछने पर कहा- गेट आउट 3 दोस्तों ने चाकू से काट डाला, तड़पा-तड़पाकर मारा, जानिए क्यों हुआ कांग्रेस नेता का मर्डर ? डूब जाता पूरा परिवार, मासूमों को गोद में रखकर बचाया, अभी भी 300 गाय खतरे में, देखिए मार्मिक तस्वीरें Devbhog अस्पताल ने बचाई जिंदगियां, Normal Delivery से लेकर High-Risk Case तक अखिलेश ने कहा- झुकती है सरकार, झुकाने वाला चाहिए; सत्तापक्ष-विपक्ष का हुआ आमना-सामना लोग रोकते रहे, लेकिन नहीं माना, उफनते नाले में उतरा; कुछ सेकेंड में निगल गई बाढ़ इसमें एक 11 साल का बच्चा भी, खेतों में धान रोपाई कर रहे लोग चपेट में आए, 4 से ज्यादा घायल

: ‘मैं अपनी जिंदगी से तंग आ गया हूं, जीना नहीं चाहता’: डॉक्टर ने फांसी लगाकर की आत्महत्या, दोनों पत्नी और बेटे की भी हो चुकी है मौत

Doctor Akhilesh Vishwakarma commits suicide by hanging in Surajpur: छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में एक डॉक्टर ने मंगलवार शाम फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। कमरे में एक सुसाइड नोट मिला। जिसमें लिखा है कि मैं अपनी जिंदगी से तंग आ चुका हूं। मैं जीना नहीं चाहता। इसलिए मैं आत्महत्या कर रहा हूं। इसमें किसी की कोई गलती नहीं है।

जानकारी के अनुसार, प्रतापपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ डॉ. अखिलेश विश्वकर्मा (52 वर्ष) मंगलवार को ड्यूटी करने के बाद अपने गृह ग्राम करंजवार पहुंचे। फिर शाम करीब 7.30 बजे उसने अपने कमरे में फांसी लगा ली। कुछ देर बाद बेटे और बहू ने उसे फंदे पर लटका देखा और फंदे से नीचे उतारा, लेकिन उसकी मौत हो चुकी थी। डॉक्टर कुछ महीनों से डिप्रेशन में थे डॉ.अखिलेश विश्वकर्मा एक जाने-माने डॉक्टर थे। करीब तीन माह पहले उन्होंने बीएमओ का प्रभार छोड़ दिया था। सहकर्मियों और उनके जानने वाले लोगों ने बताया कि डॉ. अखिलेश विश्वकर्मा पिछले कुछ समय से डिप्रेशन में थे। दोनों पत्नियों की मौत, बेटे ने भी लगाई फांसी उनकी दूसरी पत्नी की करीब ढाई साल पहले कोरोना से मौत हो गई थी। नीट की तैयारी कर रहे बेटे ने भी फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। हालाँकि, उनकी पहली पत्नी की काफी समय पहले मृत्यु हो गई थी। वह अपने बेटे और बहू के साथ करंजवार में रहता था। लेकिन उनके साथ रिश्ते बहुत अच्छे नहीं थे। पुलिस मामले की जांच में जुटी प्रतापपुर थाना प्रभारी लक्ष्मण सिंह धुर्वे का कहना है कि जब पुलिस टीम घटना स्थल पर पहुंची तो उसका शव ले जाया गया। सुसाइड नोट भी मिला है। पहली नजर में मामला आत्महत्या का लग रहा है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। Read more- Landmines, Tanks, Ruins: The Afghanistan Taliban Left Behind in 2001 29 IAS-IPS

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें

विज्ञापन