पुष्पराजगढ़ में सड़कें जर्जर, न डॉक्टर न सोनोग्राफी सुविधा : विकास मंच ने प्रशासन को दी 7 से 30 दिन की डेडलाइन, मांगें पूरी न होने पर उग्र प्रदर्शन का अल्टीमेटम
MP CG Times / Tue, Sep 15, 2026
आदिवासी बहुल पुष्पराजगढ़ क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली, खस्ताहाल सड़कों और चरमराती यातायात व्यवस्था के खिलाफ अब विरोध के स्वर तेज हो गए हैं। स्थानीय जनसमस्याओं को लेकर पुष्पराजगढ़ विकास मंच ने मोर्चा खोलते हुए अनुविभागीय दंडाधिकारी (SDM) को ज्ञापन सौंपा है।
विकास मंच ने प्रशासन को अलग-अलग समस्याओं के समाधान के लिए 7 से 30 दिवस की समय-सीमा (Dead Line) तय की है। मंच ने दोटूक चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समय के भीतर मांगें पूरी नहीं हुईं, तो आम जनता के साथ मिलकर उग्र व चरणबद्ध लोकतांत्रिक आंदोलन किया जाएगा।

स्वास्थ्य केंद्र बदहाल: न विशेषज्ञ डॉक्टर, न सोनोग्राफी की सुविधा
विकास मंच ने क्षेत्र के सबसे बड़े सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की दुर्दशा पर गंभीर सवाल उठाए हैं:
डॉक्टरों और स्टाफ की कमी (30 दिन का अल्टीमेटम): अस्पताल में स्वीकृत पदों के बावजूद विशेषज्ञ चिकित्सकों, मेडिकल स्टाफ और श्रेणी 3 व 4 के कर्मचारियों के कई पद खाली पड़े हैं। दूर-दराज से आने वाले मरीजों को इलाज के बिना भटकना पड़ रहा है।
सोनोग्राफी सुविधा का अभाव: अस्पताल में सोनोग्राफी मशीन और रेडियोलॉजिस्ट न होने से गर्भवती महिलाओं और गंभीर मरीजों को इलाज व जांच के लिए जिला अस्पताल या निजी सेंटरों के चक्कर काटने पड़ते हैं। मंच ने 30 दिन में सोनोग्राफी और रेडियोलॉजिस्ट की व्यवस्था करने की मांग रखी है।
सफाई व्यवस्था खस्ताहाल: अस्पताल परिसर में गंदगी का आलम है, जिसकी तत्काल बेहतर साफ-सफाई कराने का अल्टीमेटम दिया गया है।

सड़कें बनीं 'डेथ ट्रैप': 7 दिनों में पेंचवर्क और शोल्डर भराई की मांग
रीवा-अमरकंटक मुख्य मार्ग समेत क्षेत्र की कई प्रमुख सड़कें गड्ढों में तब्दील हो चुकी हैं।
पटना-पोड़की और बेनीवारी-सागरटोला मार्ग: मुख्य मार्ग पर बड़े-बड़े जानलेवा गड्ढे हो गए हैं और सड़क के किनारे शोल्डर धंसने से हादसे का खतरा बना हुआ है। मंच ने 7 दिन के भीतर गड्ढों को भरने और शोल्डर मरम्मत का काम पूरा करने को कहा है।
पोड़की-बिजौरी मार्ग: लंबे समय से क्षतिग्रस्त इस मार्ग पर स्कूली छात्रों, ग्रामीणों और राहगीरों का चलना दूभर हो गया है। बारिश में स्थिति और खतरनाक हो जाती है। इसका 7 दिनों के भीतर निरीक्षण कर पेंचवर्क कराने का अल्टीमेटम दिया गया है।
राजेंद्रग्राम में ट्रैफिक का तांडव: भारी वाहनों की नो-एंट्री और पार्किंग हटाने की मांग
राजेंद्रग्राम मुख्यालय में ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है।
स्कूल टाइम पर भारी वाहनों पर रोक: स्कूली बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सुबह 9:30 से 10:30 बजे और शाम 3:30 से 5:00 बजे तक भारी वाहनों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग की गई है।
अवैध बस-ऑटो पार्किंग: निर्धारित स्टैंड होने के बावजूद मुख्य मार्ग पर बसें और ऑटो खड़े किए जाते हैं, जिससे दिनभर जाम की स्थिति बनी रहती है। मंच ने अवैध पार्किंग हटाकर वाहनों को केवल स्टैंड से संचालित कराने की मांग उठाई है।
निष्पक्ष आंदोलन की चेतावनी
पुष्पराजगढ़ विकास मंच के प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया कि उनका यह प्रयास किसी राजनीतिक दल या चुनावी एजेंडे के तहत नहीं है, बल्कि क्षेत्र की जनता को उनका बुनियादी अधिकार दिलाने की लड़ाई है। यदि तय समय-सीमा के भीतर प्रशासन ने धरातल पर कदम नहीं उठाए, तो पूरे क्षेत्र में बड़ा जन-आंदोलन खड़ा किया जाएगा।
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