MP के 12 लाख कर्मचारियों के लिए खुशखबरी : 3% DA-DR बढ़ा: ₹4,230 तक बढ़ेगी सैलरी, एरियर 6 किस्तों में, जानिए कब से मिलेगा फायदा ?
MP CG Times / Thu, Apr 2, 2026
Employees Pensioners 3% DA Arrears Payment May October 2026: मध्य प्रदेश की मोहन सरकार ने 12 लाख कर्मचारियों और पेंशनर्स को 3% महंगाई भत्ता (DA) और महंगाई राहत (DR) देने का आदेश जारी कर दिया है। कर्मचारियों और पेंशनर्स को बढ़ा हुआ पैसा अप्रैल के वेतन के साथ मई में मिलेगा।
कर्मचारियों को अब 55 से बढ़कर 58 प्रतिशत डीए मिलेगा। वहीं पेंशनर्स को यह लाभ 1 जनवरी 2026 से दिया जाएगा। एरियर जुलाई 2025 से मार्च 2026 तक का मिलेगा, लेकिन यह राशि एक साथ नहीं दी जाएगी, बल्कि 6 किस्तों में दी जाएगी। ये किस्तें मई, जून, जुलाई, अगस्त, सितंबर और अक्टूबर में दी जाएंगी।
महंगाई भत्ता और महंगाई राहत में बढ़ोतरी से कर्मचारियों की सैलरी हर महीने करीब 465 रुपए से 4,230 रुपए तक बढ़ेगी। वहीं, एरियर के रूप में 4,185 रुपए से 38,070 रुपए तक मिलेंगे।

2,450 करोड़ रुपए का अतिरिक्त भार
मध्य प्रदेश में करीब 12 लाख कर्मचारी हैं। इनमें 7.50 लाख कर्मचारी-अधिकारी और 4.50 लाख पेंशनर्स शामिल हैं। पेंशनर्स को भी 58% की दर से महंगाई राहत (DR) दी जाएगी। इस फैसले से सरकार पर करीब 2,450 करोड़ रुपए का अतिरिक्त भार आएगा।
राज्य शासन में प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत पांचवें वेतनमान प्राप्त कर्मचारियों को वर्तमान में 315% के मान से मंहगाई भत्ता दिया जाना है। इसके आधार पर वर्ष 2026-27 में 325 प्रतिशत, वर्ष 2027-28 में 335 और वर्ष 2028-29 में 345 प्रतिशत के हिसाब से बजट प्रावधान किया जाएगा।

सरकार ने तय की बजट की लिमिट
वित्त विभाग ने विभागों को रोलिंग बजट तैयार करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही विभागों को अगले 3 सालों के लिए बजट की अलग-अलग सीमा भी तय कर दी है। यानी यह लिमिट बता दी है कि विभाग वर्ष 2026-27, 2027-28 और वर्ष 2028-29 के लिए जो बजट तय करेंगे उसकी लिमिट क्या रहेगी?
वित्त विभाग ने यह भी कहा है कि प्रशासकीय विभाग अधीनस्थ बजट नियंत्रण अधिकारी (बीसीओ) को उपलब्ध कराई गई बजट सीमा में आवश्यकता के अनुसार इंटरनल चेंज कर सकेंगे। लेकिन, विभाग का कुल बजट विभाग के लिए निर्धारित बजट सीमा के अंतर्गत ही होना आवश्यक है।
हर योजना में खर्च करने की वजह भी बतानी होगी
वित्त विभाग पहले ही यह कह चुका है कि अब हर योजना के लिए यह स्पष्ट करना होगा कि उस पर खर्च क्यों किया जा रहा है, उसका लाभ किसे होगा और उसका सामाजिक व आर्थिक असर क्या होगा? साथ ही यह भी कहा है कि विभागों की नई योजनाओं के प्रस्ताव 31 अक्टूबर तक लिए जाएंगे।
अब जानिए, क्या होता है रोलिंग बजट
रोलिंग बजट के तहत आर्थिक बदलाव, डिमांड चेन में व्यवधान या ग्राहक डिमांड में परिवर्तन के अनुसार शीघ्रता से बजट समायोजित किया जा सकता है।
ऐसे समझिए… मान लो किसी कंपनी का प्रारंभिक बजट जनवरी से दिसंबर तक है। एक महीना बीत जाने के बाद जनवरी की अवधि पूरी हो जाती है तो कंपनी अगले जनवरी के लिए एक बजट जोड़ देती है, जिससे उसके पास अभी भी 12 महीने की कार्य योजना अवधि बनी रहती है। यह चालू वर्ष के फरवरी से अगले वर्ष के जनवरी तक होती है।
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