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किसानों से MSP पर नहीं होगी मक्का खरीदी : गरियाबंद में Farmers को प्रति एकड़ 10,000 का झुनझुना, जानिए मीटिंग की सीक्रेट बातें

MP CG Times / Mon, Jan 5, 2026

गिरीश जगत, गरियाबंद। छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले के मैनपुर में किसानों और जिला प्रशासन के बीच मंगलवार को चली लंबी बैठक ने फिलहाल Farmers Protest को टाल दिया है। कलेक्टर भगवान सिंह यूईक, पुलिस अधीक्षक वेद व्रत सिरमौर्य और जिला कृषि अधिकारी चंदन राय की मौजूदगी में हुई इस अहम बैठक में किसान संघर्ष समिति ने एक बार फिर Minimum Support Price (MSP) पर मक्का खरीदी की अपनी मांग दोहराई। हालांकि प्रशासन इस मांग को तत्काल पूरा करने में असमर्थ नजर आया, लेकिन किसानों को राहत देने के लिए Relief Package पर सहमति बन गई।

बैठक में प्रशासन ने कृषक उन्नति योजना के तहत पंजीकृत प्रत्येक किसान को प्रति एकड़ 10 हजार रुपये की आय सहायता (Financial Assistance) देने का प्रस्ताव रखा, जिसे किसान संगठनों ने फिलहाल स्वीकार कर लिया। प्रशासन का मानना है कि यह सहायता किसानों को मौजूदा Agriculture Crisis से उबारने में मददगार साबित होगी।

कलेक्टर भगवान सिंह यूईक ने किसानों को बीते साल की स्थिति से अवगत कराते हुए बताया कि वर्ष 2024 में Ethanol Distillery Demand के चलते नाफेड (NAFED) ने 2100 रुपये प्रति क्विंटल की MSP दर पर मक्का की खरीदी की थी। लेकिन इस वर्ष एथेनॉल इकाइयों से मांग नहीं आने के कारण नाफेड द्वारा खरीदी संभव नहीं हो पा रही है।

इस बात को लेकर किसानों में गहरी नाराजगी देखने को मिली, क्योंकि मौजूदा बाजार में उन्हें महज 1400 से 1500 रुपये प्रति क्विंटल का ही भाव मिल पा रहा है, जो Cost of Production से भी कम है।

बैठक में किसानों ने एक और गंभीर मुद्दा उठाया। उनका कहना था कि वन भूमि पर खेती करने वाले कई किसानों की Girdaavari Report Online में दर्ज नहीं है, जिससे वे धान खरीदी पोर्टल पर पंजीयन से वंचित हो सकते हैं। इस पर जिला कृषि अधिकारी चंदन राय ने किसानों को भरोसा दिलाया कि धान खरीदी पोर्टल पर समिति मॉड्यूल के माध्यम से पंजीयन की अंतिम तिथि 7 जनवरी तक बढ़ाई गई है

इसके बाद भी कोई किसान छूट जाता है, तो कलेक्टर के माध्यम से प्रस्ताव भेजकर तिथि और आगे बढ़ाई जाएगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि No Farmer Will Be Left Out की नीति पर काम किया जा रहा है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में हुई इस High-Level Administrative Meeting के बाद किसान संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने बड़ा फैसला लिया।

समिति ने आगामी 6 जनवरी को प्रस्तावित National Highway Chakka Jam आंदोलन को स्थगित करने की घोषणा कर दी। इस फैसले के बाद जिला प्रशासन ने भी राहत की सांस ली, क्योंकि चक्का जाम से Law and Order और यातायात व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका थी।

जिले में वर्तमान स्थिति की बात करें तो गरियाबंद जिले में लगभग 8 हजार से अधिक किसान करीब 18 हजार हेक्टेयर भूमि में मक्का की खेती कर रहे हैं। पिछले वर्ष मक्का से अच्छी आमदनी को देखते हुए इस बार खेती के रकबे में करीब 20 प्रतिशत की वृद्धि हुई। लेकिन MSP पर खरीदी नहीं होने से किसान गंभीर आर्थिक संकट में फंस गए हैं। किसानों का कहना है कि मौजूदा बाजार दर में उनकी मेहनत और लागत तक नहीं निकल पा रही थी, इसी कारण वे आंदोलन की राह पर उतरने को मजबूर हुए थे।

फिलहाल प्रशासन और किसानों के बीच बनी यह सहमति Temporary Relief जरूर है, लेकिन MSP पर मक्का खरीदी की मांग अभी भी कायम है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि सरकार और प्रशासन इस मुद्दे पर कोई स्थायी समाधान निकाल पाते हैं या नहीं।

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