अनूपपुर-शहडोल में आतंक मचाने वाला दंतैल हाथी पकड़ाया : 4 लोगों की ले चुका था जान, एक दिन पहले पिंजरा पलटकर भाग गया था हाथी
MP CG Times / Sun, May 24, 2026
अनूपपुर जिला और शहडोल जिला में पिछले डेढ़ महीने से आतंक मचा रहे दंतैल हाथी को आखिरकार वन विभाग की टीम ने पकड़ लिया है।
शनिवार को केशवाही वन परिक्षेत्र के बेलिया और रामपुर जंगल क्षेत्र में विशेष रेस्क्यू अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान हाथी को काबू कर बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व भेज दिया गया।

बांधवगढ़ और संजय गांधी टाइगर रिजर्व की टीम रही शामिल
रेस्क्यू ऑपरेशन में बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व और संजय गांधी टाइगर रिजर्व की संयुक्त टीमें शामिल थीं।
अभियान के दौरान सीसीएफ, बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर और डीएफओ समेत वन विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद रहे।
वन विभाग ने हाथी को पकड़ने के लिए रामा, लक्ष्मण और सूर्या समेत चार प्रशिक्षित हाथियों की भी मदद ली।
एक दिन पहले पिंजरा पलटकर भाग गया था हाथी
वन विभाग ने शुक्रवार को भी हाथी को पकड़ने की कोशिश की थी। उस दौरान दंतैल हाथी ने पिंजरे को पलट दिया और जंगल की ओर भाग निकला था।
इसके बाद वन विभाग की टीम ने पूरी रात हाथी की निगरानी की और शनिवार को दोबारा अभियान चलाकर उसे सफलतापूर्वक नियंत्रित कर लिया।
4 लोगों और 8 मवेशियों की हो चुकी थी मौत
वन विभाग के मुताबिक, यह हाथी पिछले डेढ़ महीने से लगातार गांवों में घुसकर उत्पात मचा रहा था।
हाथी के हमलों में अब तक 4 लोगों की मौत हो चुकी थी, जबकि 8 पालतू मवेशी भी मारे गए। इसके अलावा दो बच्चों समेत तीन लोग घायल हुए थे।
रात के समय हाथी गांवों में घुसकर फसलों और घरों के आसपास नुकसान पहुंचाता था। हाथी के डर से ग्रामीणों को रातभर जागकर पहरा देना पड़ रहा था। बताया जा रहा है कि हाथी के आतंक से करीब 25 गांव प्रभावित थे।
छत्तीसगढ़ के हाथियों के दल से बिछड़ा था
वन अधिकारियों के अनुसार, यह दंतैल हाथी करीब 18 से 22 साल का है। यह मूल रूप से कटघोरा वन क्षेत्र के हाथियों के दल का हिस्सा था।
संभावना जताई जा रही है कि झुंड से अलग होने के बाद हाथी 2 अप्रैल को मरवाही होते हुए मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले में पहुंचा था। इसके बाद यह जैतहरी, अमलाई और केशवाही वन क्षेत्रों में लगातार विचरण कर रहा था।
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