Logo
Breaking News Exclusive
बोला- मैं बहुत प्यार करता था, चरित्र को लेकर करता था शक, बच्चों के सामने खौफनाक अंजाम मोबाइल नंबर को लेकर बवाल, सोशल मीडिया पर डालता है दबंगई का VIDEO, देर रात गिरफ्तारी रफ्तार का कहर CCTV में कैद; धूप में तड़पते रहा, इलाज के दौरान मौत लव ट्राएंगल बनी वजह, पेड़ पर लटकी लाश मिली थी, युवक समेत 3 आरोपी गिरफ्तार गरियाबंद में 20 फीट ऊंचाई से छलांग, सुरक्षा के नाम पर सन्नाटा, कहीं जिंदगी न छीन ले ये लापरवाही ? अतिक्रमण हटाने के बाद बदली उदंती सीता नदी अभ्यारण्य की तस्वीर, 143 फॉरेस्ट बीट में सख्त निगरानी व्यवस्था बेडरूम में पत्नी को गला घोंटकर मार डाला, मुंह से खून निकलने तक दबाया, जानवरों जैसे नाखूनों से नोचा MP में 'पिस्टल' लहराकर कट मारते निकले; सड़क पर बिछी तीनों की लाशें 8 साल के बच्चे के सामने पिता को मार डाला, दौड़ा-दौड़ाकर चाकू मारे; जान बचाने गली-गली भागता रहा इनमें 16 महिलाएं; रेस्क्यू के दौरान दूसरा ब्लास्ट, बचाव में जुटे 13 लोग घायल बोला- मैं बहुत प्यार करता था, चरित्र को लेकर करता था शक, बच्चों के सामने खौफनाक अंजाम मोबाइल नंबर को लेकर बवाल, सोशल मीडिया पर डालता है दबंगई का VIDEO, देर रात गिरफ्तारी रफ्तार का कहर CCTV में कैद; धूप में तड़पते रहा, इलाज के दौरान मौत लव ट्राएंगल बनी वजह, पेड़ पर लटकी लाश मिली थी, युवक समेत 3 आरोपी गिरफ्तार गरियाबंद में 20 फीट ऊंचाई से छलांग, सुरक्षा के नाम पर सन्नाटा, कहीं जिंदगी न छीन ले ये लापरवाही ? अतिक्रमण हटाने के बाद बदली उदंती सीता नदी अभ्यारण्य की तस्वीर, 143 फॉरेस्ट बीट में सख्त निगरानी व्यवस्था बेडरूम में पत्नी को गला घोंटकर मार डाला, मुंह से खून निकलने तक दबाया, जानवरों जैसे नाखूनों से नोचा MP में 'पिस्टल' लहराकर कट मारते निकले; सड़क पर बिछी तीनों की लाशें 8 साल के बच्चे के सामने पिता को मार डाला, दौड़ा-दौड़ाकर चाकू मारे; जान बचाने गली-गली भागता रहा इनमें 16 महिलाएं; रेस्क्यू के दौरान दूसरा ब्लास्ट, बचाव में जुटे 13 लोग घायल

: इस मेडिकल कॉलेज के 6 HOD समेत 9 डॉक्टरों का इस्तीफा: निजी प्रैक्टिस पर रोक से नाराज, कहा- वेतन में भी 20% की कटौती की गई

6 HODs of Chandulal Chandrakar Medical College Durg resigned: छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में स्थित चंदूलाल चंद्राकर मेडिकल कॉलेज के 9 डॉक्टरों ने इस्तीफा दे दिया है। इन डॉक्टरों ने निजी प्रैक्टिस पर रोक के विरोध में इस्तीफा दिया है। इस्तीफा देने वाले सभी वरिष्ठ डॉक्टर हैं। इनमें 3 वरिष्ठ रेजिडेंट डॉक्टर भी शामिल हैं। डॉक्टरों के मुताबिक रोक के साथ ही वेतन में 20 फीसदी की कटौती भी की गई है। राज्य सरकार ने सरकारी डॉक्टरों के निजी अस्पतालों में प्रैक्टिस करने पर रोक लगा दी है। इसके विरोध में कचांदुर भिलाई स्थित चंदूलाल चंद्राकर शासकीय मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर भी हैं। सूत्रों के मुताबिक इस्तीफा देने वाले डॉक्टरों में मेडिसिन, सर्जरी, शिशु रोग, स्त्री रोग, एनेस्थीसिया और रेडियोलॉजी जैसे विभागों के प्रमुख भी शामिल हैं। इन डॉक्टरों ने दिया इस्तीफा
  • डॉ. रूपेश कुमार अग्रवाल, एचओडी पीडियाट्रिक्स
  • डॉ. नवील शर्मा, एचओडी सर्जरी
  • डॉ. नरेश देशमुख, एपी एनेस्थीसिया
  • डॉ. कौशल एचओडी एनेस्थीसिया
  • डॉ. समीर कथारे, एचओडी रेडियो डायग्नोसिस
  • डॉ. अंजना, एचओडी ऑब्स गायनी
  • डॉ. करण चंद्राकर, एसोसिएट प्रोफेसर पैथोलॉजी
  • डॉ. सिंघल एचओडी मेडिसिन
  • डॉ. मिथलेश कुमार यदु, एसआर पीडिया
  • स्वास्थ्य मंत्रालय ने जारी किया आदेश
  • स्वास्थ्य मंत्रालय ने जारी किया आदेश
राज्य सरकार ने 2 अगस्त को जारी किया था आदेश छत्तीसगढ़ सरकार के लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग मंत्रालय ने 2 अगस्त 2024 को एक आदेश जारी किया था। विशेष सचिव चंदन कुमार की ओर से जारी इस आदेश में साफ लिखा था कि सरकारी मेडिकल कॉलेज या अस्पताल में सेवा दे रहे सभी डॉक्टर अब निजी या अन्य अस्पतालों में प्रैक्टिस नहीं कर सकेंगे। अधिक ब्याज का लालच देकर डॉक्टर ने की 200 करोड़ की ठगी: छत्तीसगढ़ में रिटायर्ड अफसरों-कर्मचारियों, व्यापारियों-डॉक्टरों को बनाया निशाना, BSR में कराया इन्वेस्ट

डॉक्टरों ने इन परेशानियों का जिक्र किया-

  1. छत्तीसगढ़ में कुछ ही सालों में कई मेडिकल कॉलेज खुलने से डॉक्टरों की कमी हुई, सरकार ने प्राइवेट प्रैक्टिस करने वाले डॉक्टरों को सरकारी नौकरी के लिए बुलाया।
  2. डॉक्टरों को संविदा में नियुक्त दी गई, जिसके तहत उनके साथ केवल 1 साल का एग्रीमेंट किया गया। साथ ही अवधि खत्म होने के बाद नौकरी बची रहने का कोई आश्वासन भी नहीं दिया गया।
  3. नियम में यह है कि यदि कोई नियमित डॉक्टर आ जाए तो संविदा कर्मी को तुरंत बर्खास्त कर दिया जाएगा।
  4. इस वजह से संविदा डॉक्टर प्राइवेट प्रैक्टिस बंद नहीं करना चाहते क्योंकि उन्हें नौकरी का कोई आश्वासन नहीं है।
  5. प्राइवेट प्रैक्टिस के नाम पर सरकार के 20 प्रतिशत तनख्वाह पहले ही काट ली है, और उसके बाद भी प्राइवेट अस्पतालों को पंजीयन रद्द करने की धमकी दी जा रही है।
  6. प्राइवेट अस्पतालों में तनख्वाह सरकारी के तुलना में 2 से 3 गुना ज्यादा है।
  7. सरकारी अस्पतालों में कोई सुविधा नहीं है। वहां ऑपरेशन थिएटर, ओपीडी, प्रोसिजर रूम में उपकरणों की के बाद भी उन्हें काम करना पड़ता है।
  8. सरकारी अफसरशाही के सामने संविदा डॉक्टरों की एक नहीं सुनी जाती है।
  9. विभिन्न क्षेत्रों के सुपर स्पेशलिस्ट डॉक्टर शहर में 1 या 2 ही हैं, वो ही घूम-घूम के सभी जगह अपनी सेवा प्रदान करते हैं, उन्हें 1 जगह बांध दिया जाएगा तो बाकी सभी क्षेत्रों में परेशानी हो जाएगी।
  10. NPA काटने के बाद भी डॉक्टरों को प्राइवेट अस्पतालों में प्रैक्टिस नहीं करने दिया जाता है।
Read More- Landmines, Tanks, Ruins: The Afghanista Taliban Left Behind in 2001 29 IAS-IPS

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें

विज्ञापन