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: गरियाबंद में कौन ले रहा प्रति बोरी 'चढ़ावा' ? कलेक्टर की नाराजगी का असर, 360 बोरी अवैध धान जब्त, राइस मिल से 5 हजार क्विंटल धान गायब ?

गिरीश जगत, गरियाबंद। छत्तीसगढ़ के गरियाबंद में इन दिनों तेजी से अवैध धान की तस्करी हो रही है। ओडिशा से धान लाकर छत्तीसगढ़ में खपाया जा रहा है। खाद्य विभाग की टीम कार्रवाई भी कर रही है, लेकिन कहा जा रहा है कि कई ट्रक ऐसे हैं, जो चढ़ावा देकर बॉर्डर क्रॉस होते हैं। कहा जा रहा है कि 15 रुपए प्रति बोरी चढ़ावा एक साहब के पास पहुंच जाता है। कलेक्टर की नाराजगी के बाद अब विभाग फिर एक्शन मोड में नजर आ रहा है। 360 बोरी अवैध धान जब्त किया है।

मिली जानकारी के मुताबिक अमलीपदर तहसील कार्रवाई की गई है। शनिवार की रात ओडिशा से 360 बोरी धान का अवैध परिवहन करते 3 ट्रैक्टर और 2 पिकअप पकड़ाया। अब 15 रुपए प्रति बोरी सुविधा शुल्क की चर्चा ने जोर पकड़ लिया है। कलेक्टर की नाराजगी के बाद एक्शन बताया जा रहा है कि ओडिशा के धान को लेकर कलेक्टर दीपक अग्रवाल खासे नाराज थे। मातहतों को फटकार के अलावा कार्रवाई के लिए एक स्पेशल टीम गठित की गई है। प्रशासनिक मुखिया के इस तेवर के बाद लगातार कार्रवाई सामने आ रही है। 360 बोरी अवैध धान की जब्ती बताया जा रहा है कि रात को एसडीएम हितेश पिस्दा के नेतृत्व में निकली टीम ने आधीरात को ओडिशा सीमा से धान भरकर आ रहे तीन ट्रैक्टर और 2 पिकअप को जब्त कर मंडी अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है। एसडीएम हितेश पिस्दा ने बताया कि जब्त वाहनों से 360 बोरी अवैध धान जब्त किया गया है। देरी से कार्रवाई पर चुनाव की कहानी शुक्रवार की रात को भी जिले की टीम ने 430 बोरी धान का अवैध परिवहन करते एक ट्रक को पकड़ा था। हितेश पिस्दा ने कहा कि कार्रवाई लगातार जारी है। इस तहसील क्षेत्र में अब तक 14 वाहन धरे जा चुके हैं। देरी से कार्रवाई के सवाल पर एसडीएम ने चुनाव और अन्य सरकारी कार्य में व्यस्तता बताई है। 15 रुपए प्रति बोरी की सुविधा शुल्क की चर्चा जोरों पर अब तक जितनी भी कार्रवाई हुई है, जिसमें बिरीघाट रोड को छोड़कर अन्य रास्ते पर हुई है। लगातार कार्रवाई के बीच बिरीघाट मार्ग को सबसे सुरक्षित बताया जा रहा है, हैरान करने वाली बात ये है कि इसी मार्ग पर अम्लीपदर थाना भी मौजूद है। खरीदी की शुरुआती दौर में पुलिस की सक्रियता का भय बिचौलिए खाते थे, लेकिन अचानक खौफ खत्म हो गया। सुविधा शुल्क का ठिकाना बदलने की चर्चा कहा जाता है कि इस मार्ग से गुजरने पर प्रति बोरी 15 रुपए की सुविधा शुल्क तय है। इस पैसे को लेने से पहले कितनी गाडियां और कितनी बोरियां ओडिशा सीमा से प्रवेश कर रहे हैं। इन एक-एक बोरे का लेखा-जोखा मौजूद है। जिसका प्रति सप्ताह हिसाब कर भुगतान कर दिया जाता है। साहब ने अवैध परिवहन को रोकने के बयाज इन वाहनों में कितनी मात्रा धान आ रहा है , उसकी निगरानी के लिए टीम को लगा रखा है। मैदानी इलाके में दिन रात मेहनत करने वाली टीम को मेहनताना नहीं मिलने के कारण आपसी तनाव की स्थिति भी देखी गई थी। यह रकम किसे और कैसे जाता है, यह बात सामने नहीं आ रही है, लेकिन अब जब लगातार कार्रवाई हो रही है तो धान के खेल में जुड़े कारोबारियों के बीच दिए जा रहे सुविधा शुल्क का ठिकाना बदलने की चर्चा जोरों पर है। खेल को फेल करने में प्रशासन जुटा देवभोग के दिवानमुड़ा खरीदी केंद्र से धान उठाव करने वाले राइस मिल में 5666 क्विंटल धान कम मिला है। उठाव के समय होने वाले खेल को फेल करने में प्रशासन जुटा हुआ है। इधर गोहरापदर खरीदी केंद्र प्रभारी को निलंबित कर जिला अफसरों की टीम स्टॉक वेरिफिकेशन में जुटी हुई है। 5666 क्विंटल धान की मात्रा कम मिली टीम ने बताया कि मिलर्स ने दीवानमुड़ा खरीदी केंद्र से 12120 क्वी का उठाव किया था, जिसके बदले अब तक मिलिंग किए गए चावल की मात्रा और मौजूद स्टॉक को जोड़ा गया तो 5666 क्विंटल धान की मात्रा कम पाई गई। विधिवत पंचनामा कर रिपोर्ट खाद्य शाखा को भेज दिया गया है। Read more- Landmines, Tanks, Ruins: The Afghanistan Taliban Left Behind in 2001 29 IAS-IPS

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