: MP में 42 IAS अफसरों के तबादले: 12 जिलों के कलेक्टर बदले गए, जानिए किसे कहां भेजा गया
मुख्यमंत्री के दो सचिव का ट्रांसफर
मुख्यमंत्री के सचिव भरत यादव को हटाकर एमपी सड़क विकास निगम का प्रबंध संचालक बनाया गया है। इसी तरह अपर सचिव से प्रमोट होकर पिछले माह सीएम सचिवालय में सचिव बनाए गए अविनाश लवानिया को भी वहां से हटाते हुए एमडी पावर मैनेजमेंट कम्पनी बनाया गया है। सिबि चक्रवर्ती एम को मुख्यमंत्री का सचिव तथा आयुक्त नगरीय प्रशासन और विकास विभाग के अतिरिक्त प्रभार की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
इन 12 जिलों के कलेक्टर बदले
सोमवार रात को जारी आदेश में गुना, खरगोन, डिंडौरी, सीहोर, सतना, बड़वानी, टीकमगढ़, रायसेन, खंडवा, श्योपुर, देवास और बुरहानपुर जिले के कलेक्टर बदले गए हैं।
गुना कलेक्टर सतेंद्र सिंह को एमडी स्टेट कोऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन बनाया गया है। उनकी जगह श्योपुर कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल को गुना कलेक्टर बनाया गया है।
खरगोन कलेक्टर कर्मवीर शर्मा को आयुक्त सह संचालक, खाद्य नागरिक आपूर्ति बनाया गया है। उनकी जगह बुरहानपुर की कलेक्टर भव्या मित्तल को खरगोन का नया कलेक्टर बनाया गया है।
नेहा मारव्या सिंह को डिंडौरी जिला का कलेक्टर बनाया गया है।
सीहोर कलेक्टर प्रवीण सिंह को संचालक लोक स्वास्थ्य बनाया गया गया है। उनकी जगह बाला गुरु के को सीहोर का नया कलेक्टर बनाया है।
सतना कलेक्टर अनुराग वर्मा को एमडी, राज्य भंडार निगम बनाया गया है। उनकी जगह सतीश कुमार एस को सतना का नया कलेक्टर बनाया है।
बड़वानी कलेक्टर डॉ. फटिंग राहुल हरिदास को आयुक्त, मप्र गृह निर्माण बनाया गया है। उनकी जगह गुंचा सनोबर को बड़वानी कलेक्टर बनाया गया है।
टीकमगढ़ कलेक्टर अवधेश शर्मा को ओएसडी, सह-आयुक्त तकनीकी शिक्षा बनाया गया है। उनकी जगह विवेक श्रोत्रिय को टीकमगढ़ जिला का कलेक्टर बनाया गया है।
रायसेन कलेक्टर अरविंद कुमार दुबे को अपर सचिव मुख्यमंत्री बनाया गया है। उनकी जगह अरुण कुमार विश्वकर्मा को रायसेन कलेक्टर बनाया गया है।
खंडवा के कलेक्टर अनूप कुमार सिंह को एमडी पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी बनाया गया है। उनकी जगह देवास के कलेक्टर ऋषभ गुप्ता को खंडवा जिले की कमान दी गई है।
दमोह के जिला पंचायत सीईओ अर्पित वर्मा को श्योपुर का कलेक्टर बनाया गया है।
इन्हें लंबे इंतजार के बाद मिली कलेक्टरी
देवास कलेक्टर बनाए गए ऋतुराज सिंह लंबे समय से कलेक्टरी मिलने का इंतजार कर रहे थे। उनके बैच के अधिकांश आईएएस कलेक्टर बन चुके हैं। दूसरी ओर उन्हें भोपाल जिला पंचायत सीईओ बने करीब ढाई साल हो गया था। आखिरकार उन्हें कलेक्टरी मिल ही गई।
सोशल मीडिया पर दर्द छलका तो नेहा को मिली कलेक्टरी
लंबे समय से कलेक्टरी का इंतजार कर रही 2011 बैच की आईएएस अधिकारी नेहा मारव्या सिंह को आखिरकार कलेक्टरी मिल गई है। वर्तमान में सरकार 2015 बैच के आईएएस अफसरों को कलेक्टरी दे चुकी है। लेकिन, नेहा मारव्या को इसका मौका नहीं मिल पा रहा था। पिछले माह आईएएस सर्विस मीट के पहले दिन आईएएस आफिसर्स एसोसिएशन के ग्रुप में नेहा ने अपना दर्द जाहिर किया था और यह बात मीडिया में भी आई थी। अब नेहा मारव्या को डिंडौरी कलेक्टर पदस्थ किया गया है।
Read More- Landmines, Tanks, Ruins: The Afghanista Taliban Left Behind in 2001 29 IAS-IPS
Tags :
संबंधित ख़बरें
गरियाबंद में काले पत्थर ने छीनी मजदूरों की पहचान : खदानों से घिस गईं हाथों की रेखाएं, बायोमीट्रिक मशीन फेल, राशन नहीं मिल रहा, अरबों का कारोबार, लेकिन गांव में कीचड़-गड्ढे
पाकिस्तानी जेट गिराने वाले अभिनंदन ने एयरफोर्स से लिया रिटायरमेंट : प्राइवेट एयरलाइन FLY91 से जुड़े; 2037 में होना था रिटायर्ड, अब उड़ाएंगे 70 सीटर यात्री विमान
21 साल की लड़की को 2 महीने में 5 सरकारी नौकरियां मिली : SI, ASI स्टेनो और पुलिस कॉन्स्टेबल परीक्षा में झंडे गाड़े, लेकिन MBBS सीट नहीं मिला, पढ़िए शहडोल संभाग के शुभांगी की कहा
जंतर-मंतर पर CJP का 33वां दिन : नड्डा के आवास पर जाने का न्योता ठुकराया, बोले- 'न्यूट्रल वेन्यू पर ही होगी बात'; दिल्ली में 16 मेट्रो स्टेशन बंद, 10 FIR
शहडोल में ₹8 करोड़ की 'डिजिटल कमाई' या मानसिक तनाव? : 1.88 करोड़ फॉलोअर्स वाले हेड-कॉन्स्टेबल विवेकानंद ने दिया इस्तीफा; सस्पेंड करने वाले SP को थमाया लेटर,पढ़िए रिपोर्ट
35 करोड़ साल से कैसे जिंदा हैं कॉकरोच ? : बिना SEX बच्चे पैदा, सिर कटने पर भी जिंदा; डायनासोर से भी पुराने, पढ़िए 10 चौंकाने वाले किस्से
विज्ञापन
विज्ञापन
जरूरी खबरें
विज्ञापन