जंतर-मंतर पर CJP का 33वां दिन : नड्डा के आवास पर जाने का न्योता ठुकराया, बोले- 'न्यूट्रल वेन्यू पर ही होगी बात'; दिल्ली में 16 मेट्रो स्टेशन बंद, 10 FIR
नई दिल्ली। नीट पेपर लीक और शिक्षा विभाग में कथित धांधलियों के विरोध में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का आंदोलन 33वें दिन भी उग्र बना हुआ है। 20 जुलाई को हुए 'संसद मार्च' के दौरान पुलिस लाठीचार्ज और आंसू गैस के बाद पैदा हुए हालातों के बीच केंद्र सरकार ने दूसरी बार प्रदर्शनकारियों से बातचीत की कोशिश की है।
हालांकि, सीजेपी (CJP) ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री व भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा के आवास पर मुलाकात के प्रस्ताव को खारिज कर दिया है।

CJP प्रवक्ता सौरव दास का बयान: 'आवास पर नहीं, न्यूट्रल जगह पर होगी बात'
सीजेपी प्रवक्ता सौरव दास ने पुष्टि की है कि जेपी नड्डा की ओर से उन्हें बातचीत के लिए उनके सरकारी आवास पर आमंत्रित किया गया था।
सौरव दास ने कहा:
"सरकार अगर वास्तव में मांगों को मानने की मंशा रखती है, तो हम बातचीत के लिए तैयार हैं। लेकिन हम किसी मंत्री के आवास पर नहीं जाएंगे। अगर मुलाकात होगी, तो वह जंतर-मंतर के आसपास किसी न्यूट्रल वेन्यू (निष्पक्ष जगह) पर ही होगी।"

सुरक्षा व्यवस्था सख्त: 16 मेट्रो स्टेशन बंद, पुलिस ने दर्ज कीं 10 FIR
संसद मार्च के दौरान हुए उग्र घटनाक्रम के बाद राजधानी में सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं।
मेट्रो स्टेशन सील: एहतियात के तौर पर और भीड़ को संसद भवन की तरफ बढ़ने से रोकने के लिए दिल्ली मेट्रो के 16 प्रमुख स्टेशनों को बंद कर दिया गया है।
10 एफआईआर दर्ज: दिल्ली पुलिस ने 20 जुलाई को हुई हिंसा, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और सुरक्षा बलों पर हमले के आरोप में अलग-अलग थानों में 10 एफआईआर दर्ज की हैं।
गंभीर धाराएं: प्रदर्शनकारियों पर आरएएफ (RAF) जवानों और पुलिसकर्मियों पर पथराव करने, गाड़ी तोड़ने और जानलेवा हमला करने के आरोप लगाए गए हैं।
मेदांता अस्पताल पहुंचे जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह, वांगचुक का अनशन जारी
इधर, 28 जून से अनशन पर बैठे मशहूर पर्यावरणविद और शिक्षाविद सोनम वांगचुक की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें दिल्ली हाईकोर्ट के निर्देश के बाद सफदरजंग अस्पताल से गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में शिफ्ट किया गया है।
सूत्रों के मुताबिक, मंगलवार देर रात केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह मेदांता अस्पताल पहुंचे और सोनम वांगचुक का हाल-चाल जाना। हालांकि, वांगचुक का रुख अभी भी सख्त है और वे छात्रों की मांगें पूरी होने तक अनशन खत्म करने को तैयार नहीं हैं।
क्या है 'कॉकरोच जनता पार्टी' और क्यों भड़का आंदोलन?
मई महीने में बेरोजगारी पर एक अदालती सुनवाई के दौरान आई टिप्पणी के विरोध में उपजा यह 'सोशल मीडिया सत्याग्रह' अब देश का सबसे बड़ा छात्र-युवा आंदोलन बन चुका है।
मुख्य मांग: केंद्रीय शिक्षा मंत्री का तत्काल इस्तीफा या बर्खास्तगी।
दूसरी मांग: मेडिकल और प्रतियोगी परीक्षाओं (NEET/NTA) के आयोजन में आमूलचूल सुधार और पेपर लीक पीड़ितों को मुआवजा।
तीसरी मांग: 20 जुलाई के प्रदर्शन में घायल युवाओं के इलाज की जिम्मेदारी और किसी भी छात्र पर फर्जी एफआईआर न दर्ज किया जाना।
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