अनूपपुर में सांप के काटने से 18 साल के युवक की मौत : झाड़-फूंक और लापरवाही भी दिखी, बीमार 'कोबरा' का डॉक्टरों ने इलाज कर बचाई जान
MP CG Times / Fri, Sep 4, 2026
अनूपपुर जिले में सर्पदंश और सांपों से जुड़ा एक बेहद अनोखा और झकझोर देने वाला घटनाक्रम सामने आया है। एक ओर जहां अंधविश्वास, झाड़-फूंक और परिजनों की लापरवाही के चलते 18 वर्षीय युवक की सर्पदंश से दर्दनाक मौत हो गई।
वहीं दूसरी ओर जिला मुख्यालय से 7 किलोमीटर दूर एक अत्यंत जहरीले 'कोबरा' (नाग) के बीमार होने पर पशु डॉक्टरों और सर्पप्रहरियों ने उसका इलाज कर जान बचा ली।
घटना 1: कान के पास सांप ने काटा, झाड़-फूंक में गंवाई सांसें
बिजुरी थाना क्षेत्र के भाठाडांड (वार्ड 4 क्योटानटोला) निवासी रवि पाव (18 वर्ष), पुत्र मानसिंह पाव, अपने दादा को लेकर बुआ के घर गुल्लीडांड गया हुआ था।
मंगलवार-बुधवार की दरमियानी रात करीब 3 बजे रवि की नींद खुली और उसने बुआ को बताया कि उसकी गर्दन और कान के पास किसी सांप ने काट लिया है। इसके तुरंत बाद उसे उल्टी होने लगी और वह बेहोश हो गया।
परिजन उसे अस्पताल ले जाने के बजाय भाठाडांड गांव में तांत्रिकों से झाड़-फूंक कराते रहे। हालत ज्यादा बिगड़ने पर उसे बिजुरी अस्पताल और फिर अनूपपुर जिला अस्पताल ले जाया गया।
अनूपपुर जिला अस्पताल के डॉक्टरों (डॉ. हिमांशु पांडेय) ने हालत नाजुक देखकर उसे मेडिकल कॉलेज शहडोल रेफर कर दिया। लेकिन परिजन बाकी रिश्तेदारों के आने का इंतजार अस्पताल परिसर में ही करते रहे। इसी देरी के बीच शाम को रवि ने दम तोड़ दिया। पुलिस ने पंचनामा के बाद शव का पोस्टमार्टम कराया है।
घटना 2: इंसानों ने दिखाई इंसानियत, बीमार 'कोबरा नाग' का कराया इलाज
जिंदगी छीनने वाले विषधर की जान बचाने की एक अनूठी मिसाल अनूपपुर के ग्राम सोनमौहरी (फुटाहाटोला) में देखने को मिली।
गांव के एक घर के पास 6-7 फीट लंबा अत्यंत जहरीला कोबरा नाग बीमार और अर्ध-बेहोश हालत में पड़ा मिला।
ग्रामीणों की सूचना पर सोनमौहरी बीट के सुरक्षा श्रमिक व सर्पप्रहरी राम सिंह गोंड और शशिधर अग्रवाल तुरंत मौके पर पहुंचे।
पशु अस्पताल में हुआ इलाज
सर्पप्रहरी सांप को उठाकर तुरंत पशु चिकित्सालय ले गए। वहां पदस्थ पशु चिकित्सा क्षेत्राधिकारी रूप सिंह धुर्वे ने वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. योगेंद्र दीक्षित से फोन पर परामर्श लेकर कोबरा को इंजेक्शन और दवाइयां दीं।
डॉक्टरों के बेहतर इलाज और सर्पप्रहरियों की तत्परता से अति-जहरीले कोबरा नाग की जान बच गई है, जिसे फिलहाल निगरानी में रखा गया है।
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