मंत्री गाड़ी में बैठी रहीं और PA ने दिखाई दबंगई : फॉर्च्यूनर पर गिरा बूम, तो गाड़ी से उतरकर टोलकर्मी को जड़े तड़ातड़ 5 थप्पड़; हाथ जोड़कर गिड़गिड़ाता रहा कर्मचारी
MP CG Times / Thu, Sep 3, 2026
छत्तीसगढ़ में सत्ता के नशे और वीआईपी धौंस का एक बेहद शर्मनाक मामला सामने आया है। महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के PA ओम प्रकाश राजवाड़े ने लहपटरा टोल प्लाजा पर ड्यूटी कर रहे एक टोल कर्मचारी के साथ बदसलूकी करते हुए तड़ातड़ 5 थप्पड़ जड़ दिए।
घटना 2 सितंबर की देर रात करीब 12:30 बजे की है, जब मंत्री का काफिला बिलासपुर से अंबिकापुर की ओर जा रहा था। थप्पड़बाज़ी और मारपीट की यह पूरी शर्मनाक वारदात टोल प्लाजा पर लगे CCTV कैमरे में कैद हो गई है, जो अब सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रही है।

फॉर्च्यूनर पर गिरा बूम, तमतमा कर उतरे PA ने शुरू कर दी पिटाई
प्रत्यक्षदर्शियों और CCTV फुटेज के अनुसार, पीएम नरेंद्र मोदी की अपील के बाद मंत्री ने अपना फॉलो वाहन हटा दिया है। मंत्री के काफिले में सिर्फ दो गाड़ियां थीं।
काफिले में आगे चल रही इनोवा गाड़ी जैसे ही टोल से गुजरी, ऑटोमैटिक सिस्टम से टोल बूम नीचे गिर गया। इनोवा के ठीक पीछे चल रही मंत्री की फॉर्च्यूनर कार पर बूम गिर गया, जिससे गाड़ी को मामूली नुकसान हुआ।
हाथ जोड़ता रहा कर्मचारी, PA मारते रहे थप्पड़
गाड़ी रुकते ही तमतमाए PA ओम प्रकाश राजवाड़े नीचे उतरे। उन्होंने टोलकर्मी महेंद्र राजवाड़े से गाली-गलौज शुरू कर दी। कर्मचारी हाथ जोड़कर अपनी गलती न होने की दुहाई देता रहा, लेकिन PA ने उस पर तड़ातड़ थप्पड़ बरसा दिए। बाद में मंत्री के सुरक्षाकर्मियों ने बीच-बचाव कर PA को पीछे किया। इस पूरे घटनाक्रम के दौरान मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े गाड़ी के अंदर ही बैठी रहीं।

थाने पहुंचे ग्रामीण, बोले— 'FIR दर्ज नहीं हुई तो करेंगे उग्र आंदोलन'
गुरुवार (3 सितंबर) को पीड़ित टोलकर्मी महेंद्र राजवाड़े अन्य कर्मचारियों और ग्रामीणों के साथ लखनपुर थाने पहुंचा और लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने पीड़ित का मेडिकल परीक्षण (MLC) करा लिया है।
ग्रामीणों का अल्टीमेटम, बाद में समझौता
"एक गरीब कर्मचारी जो ईमानदारी से अपनी ड्यूटी कर रहा था, उसके साथ सरेआम मारपीट की गई है। अगर पुलिस दबाव में आकर मंत्री के PA पर नामजद FIR दर्ज नहीं करती है, तो लहपटरा के ग्रामीण और टोल कर्मचारी सड़क पर उतरकर उग्र आंदोलन करेंगे।" हालांकि अब दोनों पक्षों में समझौता हो गया है।
क्यों गिरा बूम?
टोल प्रबंधन के अनुसार फॉलो वाहन न होने के कारण टोल कर्मचारी यह पहचान नहीं सका कि पीछे आ रही गाड़ी मंत्री के काफिले की है। जैसे ही पहली गाड़ी (इनोवा) क्रास हुई, सिस्टम ने ऑटोमैटिक बूम नीचे कर दिया। फिलहाल इस मामले में मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
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