ऑनलाइन अटेंडेंस पर भड़कीं शिक्षिका ने बनाया Video : बोलीं- टीचरों की ऐप से निगरानी बंद करो, अफसरों के काम का भी ऑनलाइन हिसाब हो, DEO ने थमाया नोटिस
छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में शिक्षा विभाग के ऑनलाइन अटेंडेंस (App Based Attendance) नियम को लेकर विवाद गहरा गया है। नवागढ़ विकासखंड के हाई स्कूल में पदस्थ शिक्षिका निर्मला कोमल ने स्कूल परिसर में ही ऑनलाइन अटेंडेंस के विरोध में एक तीखा वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया, जो अब तेजी से वायरल हो रहा है।
वीडियो में शिक्षिका ने सरकार और प्रशासनिक व्यवस्था पर सीधा हमला बोलते हुए कहा है कि जब शिक्षकों की पल-पल की निगरानी ऐप के जरिए की जा रही है, तो कलेक्टर से लेकर तमाम आला अधिकारियों के कामकाज का हिसाब-किताब भी ऑनलाइन और सार्वजनिक होना चाहिए।

'समय पर पहुंचने के चक्कर में हादसे हो रहे': टीचर की बड़ी बातें
शिक्षिका निर्मला कोमल ने 29 अगस्त की सुबह 11 बजे स्कूल पहुंचकर यह वीडियो शूट किया। वीडियो में उन्होंने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए मुख्य रूप से ये मुद्दे उठाए।
जब शिक्षकों के स्कूल आने-जाने का हिसाब ऐप से लिया जा रहा है, तो अधिकारियों के दौरों, कार्यक्रमों और कामकाज की डिटेल भी जनता के सामने ऑनलाइन रखी जानी चाहिए।
समय पर ऐप में हाजिरी दर्ज कराने के चक्कर में शिक्षकों को तेज गाड़ी चलानी पड़ती है, जिससे वे हादसों का शिकार हो रहे हैं। सड़कों पर घूम रहे आवारा मवेशियों पर सरकार का ध्यान नहीं है।
शिक्षिका ने साफ कहा कि शिक्षक अपनी जिम्मेदारी ईमानदारी से निभा रहे हैं। यदि व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ और शिक्षकों को परेशान किया गया, तो आने वाले चुनाव में जनता सरकार को मुंहतोड़ जवाब देगी।
रिएक्शन और एक्शन, DEO ने जारी किया कारण बताओ नोटिस
वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है। कुछ लोग शिक्षिका की हिम्मत की तारीफ कर रहे हैं, तो वहीं कई लोगों का कहना है कि पढ़ाई के समय में रील बनाना और सरकारी नीति पर सार्वजनिक टिप्पणी करना अनुशासनहीनता है।
जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) अशोक सिन्हा का बयान
मामला संज्ञान में आते ही जांच शुरू कर दी गई है। शिक्षिका निर्मला कोमल को कारण बताओ नोटिस (Show Cause Notice) जारी किया गया है। जवाब मिलने और जांच रिपोर्ट के आधार पर नियमानुसार आगे की सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
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