: BIG BREAKING: हाईटेक तरीका इजाद कर लोगों की गाढ़ी कमाई ले उड़ा ठग, जानिए कहां हुई करोड़ों की ठगी ?
एटीएम में कैश डालने गए तब उजागर हुआ मामला
कवर्धा में शातिर ठग गिरोह ने बैंक की एटीएम से करोड़ों की राशि की ठगी कर ली और बैंक प्रबंधन को इसकी भनक तक नहीं लगी. मामले का खुलासा तब हुआ जब एटीएम में कैश (cash) डालने गए कर्मचारियों ने लेन-देन का मिलान किया. जब लेन-देन का हिसाब होने लगा तो बैंक प्रबंधक के होश उड़ गए. बैंक प्रबंधक की इस लापरवाही का सिलसिला यहीं खत्म नहीं हुआ. घटना की जानकारी मिलने के करीब एक महीने बाद प्रबंधक मामले की शिकायत करने सिटी कोतवाली पहुंचे. कवर्धा के एसबीआई की कील 07 अलग-अलग एटीएम से शातिर ठग गिरोह के सदस्यों द्वारा लाखों रुपये की ठगी किये जाने की शिकायत बैंक प्रबंधक ने बीते 19 सितंबर को थाना सिटी कोतवाली में दर्ज कराई है.
एटीएम से नहीं मिला 4 लाख का हिसाब, तब हुई थाने में शिकायत
एसबीआई बैंक प्रबंधक ने पुलिस को बताया कि एक महीने पहले एटीएम में कैंश डालने के दौरान कर्मी जब एटीएम पहुंचे तो एटीएम में 4 लाख रुपये का हिसाब-किताब नहीं मिला. इसपर बैंक प्रबंधक ने विभागीय जांच की, जिसमें राशि का कुछ भी पता नहीं चला. तब मामले की शिकायत थाने में की. पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ धारा 420 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी. मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल जिले के सभी बैंकों के मैनेजर को बुलाकर मीटिंग की और सभी एटीएम के लेन-देन की जांच करने कहा है. सूत्रों के मुताबिक जिले की सात अलग-अलग एटीएम से करीब 1 करोड़ 14 लाख रुपये की ठगी हुई है.
पुलिस ने कवर्धा के ऋषभदेव चौक की एटीएम से 22 अगस्त की सीसीटीवी फुटेज निकाली, जिसमें हैकर की फोटो पुलिस के हाथ लगी. उसी के आधार पर पुलिस ने एक संदिग्ध को हिरासत में लेकर पुछताछ की तब जाकर मामले का खुलासा हुआ. सिटी कोतवाली पुलिस ने तत्काल एक पुलिस टीम बनाकर बुधवार को उत्तर प्रदेश भेजा और आरोपी को यूपी के मछलीशहर के विश्वपालपुर गांव स्थित उसके घर से गिरफ्तार कर लिया. बताया जा रहा है आरोपी सुरेंद्र कुमार बिंद अपने क्षेत्र का पंचायत सदस्य है. आरोपी को गिरफ्तार कर पुलिस उसे कवर्धा ले आई है. वहीं पुलिस अब आरोपी गिरोह के अन्य सदस्यों को पकड़ने के लिए एक टीम भेजी है, जो अभी तक नहीं लौटी है.
शातिर ठगों ने एटीएम से ऐसे की ठगी
दरअसल, हैकर ठगी की नीयत से पैसा निकालने एटीएम जाते थे. वे एटीएम में ट्रांजेक्शन करते थे, लेकिन जैसे ही एटीएम पैसा देती थी तो एटीएम के कैश बॉक्स में उंगली डाल कर शातिर पैसा तो पकड़ लेते थे, लेकिन उसे बाहर नहीं निकालते थे. पैसा बाहर नहीं निकाले जाने के कारण एटीएम में लगे इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम से ट्रांजेक्शन कैंसिल हो जाता था. थोड़ी देर बाद हैकर पैसे खींचकर निकाल लेते थे. फिर एसबीआई के कस्टमर केयर में कॉल कर ट्रांजेक्शन फेल होने की सूचना देते थे. ऐसे में खाते से अमाउंट कटा तो दिखाई देता था, लेकिन ट्रांजेक्शन कैंसिल होने के कारण बैंक हैकर के खाते में राशि ट्रांसफर कर देता था. अन्य आरोपियों को लेकर लौट रही है पुलिस घटना को लेकर एसपी मोहित गर्ग ने बताया कि एक से अधिक आरोपी को लेकर पुलिस की टीम लौट रही है. जैसे ही आरोपी आते हैं और बैंक प्रबंधन ट्रांजेक्शन की डिटेल देता है तो आज ही प्रेस कांफ्रेंस कर मामले का खुलासा करेंगे. हमारे पास अभी तक सिर्फ 4 लाख की ही ठगी की शिकायत मिली है और अमाउंट ज्यादा भी हो सकता है. बहरहाल, सुरक्षा कारणों से पुलिस कुछ भी बताने से परहेज कर रही है.Tags :
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