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शहडोल में शस्त्र पूजन पर DIG की राइफल मिसफायर : फायरिंग के दौरान ट्रिगर दबाते ही आई सिर्फ क्लिक की आवाज; दूसरी INSAS से दागी गोली, वीडियो वायरल होने पर उठे सवाल
Thu, Oct 22, 2026
मध्य प्रदेश के शहडोल जिले में विजयादशमी के मौके पर पुलिस विभाग द्वारा आयोजित शस्त्र पूजन समारोह से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। पूजन के बाद हवाई फायरिंग की परंपरा निभाते समय डीआईजी (DIG) विवेक सिंह की राइफल से गोली ही नहीं चली। ट्रिगर दबाने पर राइफल से सिर्फ 'क्लिक' की आवाज आई।
इसके बाद आनन-फानन में डीआईजी को दूसरी INSAS राइफल दी गई, जिससे उन्होंने फायरिंग की रस्म पूरी की। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस महकमे के हथियारों की स्थिति, मेंटेनेंस और सुरक्षा जांच को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हुआ था पूजन, SP-ASP ने भी की फायरिंग
विजयादशमी के अवसर पर शहडोल पुलिस लाइन स्थित रिजर्व केंद्र में परंपरागत विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ अस्त्र-शस्त्रों और शासकीय वाहनों का पूजन किया गया था। इस दौरान जिले में सुख, शांति, समृद्धि और बेहतर कानून-व्यवस्था की कामना की गई। कार्यक्रम में पुलिस-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी और स्थानीय जनप्रतिनिधि मौजूद थे।
पूजन के बाद जब हर्ष फायरिंग की रस्म शुरू हुई, तो सबसे पहले डीआईजी विवेक सिंह ने INSAS राइफल हाथ में ली। उन्होंने जैसे ही ट्रिगर दबाया, गोली चलने की बजाय केवल क्लिक की आवाज सुनाई दी।
दूसरी राइफल से पूरी की रस्म
राइफल के मिसफायर होने के तुरंत बाद अधिकारियों ने उन्हें दूसरी INSAS राइफल थमाई, जिससे फायरिंग की गई। इसके बाद एसपी (SP) और एएसपी (ASP) ने भी अपनी-अपनी राइफल से फायरिंग कर रस्म पूरी की।
हथियारों की जांच और मेंटेनेंस पर उठे सवाल
घटना का वीडियो सामने आने के बाद यह सवाल तेजी से उठ रहा है कि क्या औपचारिक और संवेदनशील कार्यक्रमों में इस्तेमाल से पहले हथियारों की तकनीकी जांच (Technical Inspection) नहीं की जाती?
क्या हथियार में कोई यांत्रिक खराबी थी, कारतूस खराब था या फिर सफाई/मेंटेनेंस में लापरवाही बरती गई थी? हालांकि, राइफल से गोली न चलने की सटीक वजह अभी तक स्पष्ट नहीं हो सकी है। जानकार मान रहे हैं कि औपचारिक आयोजनों में हथियारों के सुरक्षित संचालन और तय एसओपी (SOP) का कड़ाई से पालन होना बेहद जरूरी है, ताकि आपात स्थिति में पुलिस बल को ऐसे किसी धोखे का सामना न करना पड़े।