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शहडोल में कोल माफिया ने रेंजर से मारपीट, वर्दी फाड़ी : डीएफओ बोलीं- पुलिस के संरक्षण में अवैध उत्खनन, 24 घंटे बाद दर्ज हुई FIR
Fri, Feb 13, 2026
मध्य प्रदेश के शहडोल जिले में अवैध कोयला परिवहन रोकने गई वन विभाग की टीम पर कोल माफिया ने हमला कर दिया। रेंजर की पिटाई की गई, उनकी वर्दी फाड़ दी गई और डीएफओ के साथ भी अभद्र व्यवहार किया गया। घटना के 24 घंटे बाद पुलिस ने मामला दर्ज किया।
क्या है पूरा मामला?
घटना की तारीख: 11 फरवरी, रात करीब 7 बजे
स्थान: खेतावली गांव, ऊपर टोला
ग्रामीणों ने अवैध कोयले से भरे ट्रैक्टर को रोका और पुलिस व वन विभाग को सूचना दी। वन विभाग की टीम पहले पहुंची, पुलिस देर से पहुंची। वन टीम को अकेला पाकर हथियारबंद माफिया ने हमला कर दिया।
रेंजर के साथ क्या हुआ?
डीएफओ श्रद्धा पंद्रे के अनुसार, रेंजर रामनरेश विश्वकर्मा को मौके पर भेजा गया था।माफिया ने उनकी गाड़ी रोकी, बाहर खींचकर मारपीट की। उनकी वर्दी फाड़ दी गई।किसी तरह जान बचाकर वे वहां से निकले।
पुलिस पर गंभीर आरोप
डीएफओ ने आरोप लगाया कि, पुलिस ने तुरंत एफआईआर दर्ज नहीं की। रात 11 बजे थाने पहुंचने के बावजूद सुबह 4 बजे तक रिपोर्ट नहीं लिखी गई। आवेदन तीन बार बदलवाया गया। अधिकारियों ने फोन तक रिसीव नहीं किए। पुलिस कोल माफिया के पक्ष में काम कर रही है।
पहले पुलिस ने कहा कि मौके पर कोयला नहीं मिला। बाद में कहा कि विवाद वन विभाग के हूटर बजाने से हुआ — जिसे डीएफओ ने गलत बताया।
ग्रामीणों का आरोप
घोड़सा नाला में वर्षों से अवैध खनन हो रहा है। रोजाना दर्जनों ट्रैक्टर 7 किमी दूर बरखेड़ा की ओर कोयला ले जाते हैं। माफिया 24 घंटे इलाके की रेकी करते हैं। तेज रफ्तार ट्रैक्टरों से हादसे भी हो चुके हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि बार-बार शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं होती, इसलिए इस बार उन्होंने खुद ट्रैक्टर रोका।
हथियार लेकर पहुंचे माफिया
ग्रामीणों के मुताबिक, 15–20 लोग बंदूक और तलवार लेकर पहुंचे। धमकियां दी गईं।हल्की झड़प भी हुई। 24 घंटे बाद दर्ज हुई FIR
सोहागपुर पुलिस ने रेंजर की शिकायत पर बिट्टन सिंह, चिंटू सिंह, राजू सिंह समेत अन्य के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा, मारपीट, तोड़फोड़, गाली-गलौज की धाराओं में मामला दर्ज किया है।