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: Satna: खेल-खेल बच्चों ने खा लिए रतनजोत के बीज, आठ बच्चों की तबीयत बिगड़ी, उल्टी-पेट दर्द होने पर लाए अस्पताल

News Desk

News Desk / Sat, Nov 19, 2022

Satna: खेल-खेल बच्चों ने खा लिए रतनजोत के बीज, आठ बच्चों की तबीयत बिगड़ी, उल्टी-पेट दर्द होने पर लाए अस्पताल

बीमार बच्चों को अस्पताल में भर्ती करना पड़ा।

बीमार बच्चों को अस्पताल में भर्ती करना पड़ा। - फोटो : सोशल मीडिया

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मध्य प्रदेश के सतना जिले में आठ बच्चों की तबीयत रतनजोत के बीज खाने से बिगड़ गई। उल्टी-पेट दर्द की शिकायत के बाद उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। सभी बच्चे एक ही परिवार के हैं और उनकी उम्र 3 से 8 वर्ष के बीच है।

जानकारी के अनुसार मामला सतना जिले के अमरपाटन क्षेत्र के ग्राम देवरी जगदीशपुर का है। बताया जाता है कि बच्चे दोपहर में घर के बाहर खेल रहे थे। जहां ये बच्चे खेल रहे थे, वहीं रतनजोत के पौधे भी लगे हुए थे। बच्चों ने रतनजोत के बीज तोड़ कर खा लिए। कुछ देर बाद एक के बाद एक सभी के पेट में दर्द शुरू हो गया और वे उल्टियां करने लगे। परिवारवाले घबरा गए और उन्हें अस्पताल लेकर आए।

बच्चों ने पूछताछ में बताया कि उन्होंने एक पौधे से बीज तोड़ कर खाए हैं। तब परिजनों को पता चला कि बच्चों ने रतनजोत के बीज खा लिए हैं। डॉ. तरुण आवासे ने उनका इलाज शुरू किया। चांदनी साकेत 3 वर्ष, दीपिका 5 वर्ष, कार्तिक 4 वर्ष, प्रिंस साकेत 8 वर्ष, अंश 8 वर्ष, दीपा 8 वर्ष और अनुज साकेत 7 वर्ष शामिल हैं। बच्चों की हालत अब स्थिर बताई जाती है।

विस्तार

मध्य प्रदेश के सतना जिले में आठ बच्चों की तबीयत रतनजोत के बीज खाने से बिगड़ गई। उल्टी-पेट दर्द की शिकायत के बाद उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। सभी बच्चे एक ही परिवार के हैं और उनकी उम्र 3 से 8 वर्ष के बीच है।

जानकारी के अनुसार मामला सतना जिले के अमरपाटन क्षेत्र के ग्राम देवरी जगदीशपुर का है। बताया जाता है कि बच्चे दोपहर में घर के बाहर खेल रहे थे। जहां ये बच्चे खेल रहे थे, वहीं रतनजोत के पौधे भी लगे हुए थे। बच्चों ने रतनजोत के बीज तोड़ कर खा लिए। कुछ देर बाद एक के बाद एक सभी के पेट में दर्द शुरू हो गया और वे उल्टियां करने लगे। परिवारवाले घबरा गए और उन्हें अस्पताल लेकर आए।

बच्चों ने पूछताछ में बताया कि उन्होंने एक पौधे से बीज तोड़ कर खाए हैं। तब परिजनों को पता चला कि बच्चों ने रतनजोत के बीज खा लिए हैं। डॉ. तरुण आवासे ने उनका इलाज शुरू किया। चांदनी साकेत 3 वर्ष, दीपिका 5 वर्ष, कार्तिक 4 वर्ष, प्रिंस साकेत 8 वर्ष, अंश 8 वर्ष, दीपा 8 वर्ष और अनुज साकेत 7 वर्ष शामिल हैं। बच्चों की हालत अब स्थिर बताई जाती है।


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