Logo
Breaking News Exclusive
नर्मदा नदी से जुड़ी 21 हजार हेक्टेयर जमीन डूबी, 192 गांव उजड़े; सरदार सरोवर डील की इनसाइड स्टोरी गृहमंत्री की कुर्सी, इंटरनल सर्वे और IAS कनेक्शन; पढ़िए अंदरखाने की इनसाइड स्टोरी 116 स्कूलों से टॉयलेट गायब, 513 चपरासियों की भर्ती, 4 करोड़ के कर्ज में विभाग, कलेक्टर बोले- जो हो गया, सो हो गया ड्रग पेडलर्स ने पूछताछ में लिया नाम; विवेक तन्खा बोले- बिना सूचना ले गई पुलिस 3 क्विंटल गांजा केस में महीनेभर से था फरार, पीछा कर पुलिस ने कार के साथ दबोचा किराना व्यापारी की चोरी के बाद हत्या; बिखरे सामान के बीच मिला शव, आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस सिद्ध बाबा के पास ट्रक से टकराई कार, सड़क पर बिछी लहूलुहान लाशें, तड़प-तड़पकर गई जान निर्मला सीतारमण, हरदीप सिंह होंगे आउट, जानिए किसकी जाएगी कुर्सी, किसे मिलेगा प्रमोशन ? पटवारी से रजिस्ट्री ऑफिस तक कटघरे में, पड़ोसी के आधार से खेल, जानिए कैसे पकड़ाया शातिर ? मॉडल ट्राइबल स्कूल को 12वीं तक बढ़ाने की मांग, 6 दिन से हड़ताल पर अभिभावक नर्मदा नदी से जुड़ी 21 हजार हेक्टेयर जमीन डूबी, 192 गांव उजड़े; सरदार सरोवर डील की इनसाइड स्टोरी गृहमंत्री की कुर्सी, इंटरनल सर्वे और IAS कनेक्शन; पढ़िए अंदरखाने की इनसाइड स्टोरी 116 स्कूलों से टॉयलेट गायब, 513 चपरासियों की भर्ती, 4 करोड़ के कर्ज में विभाग, कलेक्टर बोले- जो हो गया, सो हो गया ड्रग पेडलर्स ने पूछताछ में लिया नाम; विवेक तन्खा बोले- बिना सूचना ले गई पुलिस 3 क्विंटल गांजा केस में महीनेभर से था फरार, पीछा कर पुलिस ने कार के साथ दबोचा किराना व्यापारी की चोरी के बाद हत्या; बिखरे सामान के बीच मिला शव, आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस सिद्ध बाबा के पास ट्रक से टकराई कार, सड़क पर बिछी लहूलुहान लाशें, तड़प-तड़पकर गई जान निर्मला सीतारमण, हरदीप सिंह होंगे आउट, जानिए किसकी जाएगी कुर्सी, किसे मिलेगा प्रमोशन ? पटवारी से रजिस्ट्री ऑफिस तक कटघरे में, पड़ोसी के आधार से खेल, जानिए कैसे पकड़ाया शातिर ? मॉडल ट्राइबल स्कूल को 12वीं तक बढ़ाने की मांग, 6 दिन से हड़ताल पर अभिभावक

: Anti-Conversion Law: इंटरफेथ जोड़ों को दी गई कार्रवाई से अंतरिम राहत के खिलाफ एमपी सरकार सुप्रीम कोर्ट जाएगी

News Desk / Sat, Nov 19, 2022


सांकेतिक तस्वीर

सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया

ख़बर सुनें

मध्यप्रदेश सरकार जिलाधिकारी को सूचित किए बिना विवाह करने वाले अंतर्धार्मिक जोड़ों पर मुकदमा चलाने से रोकने के उच्च न्यायालय के अंतरिम आदेश को उच्चतम न्यायालय में चुनौती देने जा रही है। उच्च न्यायालय ने एक अंतरिम आदेश में राज्य सरकार को एमपी फ्रीडम ऑफ रिलिजन एक्ट (एमपीएफआरए) की धारा 10 के तहत उन वयस्कों पर मुकदमा नहीं चलाने का निर्देश दिया, जो अपनी मर्जी से शादी करते हैं।

जस्टिस सुजॉय पॉल और पीसी गुप्ता की खंडपीठ ने 14 नवंबर को कहा कि धारा 10, जो धर्मांतरण के इच्छुक नागरिक के लिए जिला मजिस्ट्रेट को इस संबंध में (पूर्व) घोषणा देना अनिवार्य बनाती है। पूर्व दृष्टया इस अदालत के पूर्वोक्त निर्णयों के रूप में असंवैधानिक है।

महाधिवक्ता प्रशांत सिंह ने रविवार को पीटीआई को बताया, राज्य सरकार उच्च न्यायालय के अंतरिम आदेश को चुनौती देने के लिए उच्चतम न्यायालय का रुख करने जा रही है, जो इसे एमपीएफआरए वयस्कों की धारा 10 के तहत मुकदमा चलाने से रोकता है, जो अपनी मर्जी से शादी करते हैं। MPFRA गलतबयानी, प्रलोभन, बल की धमकी के उपयोग, अनुचित प्रभाव, जबरदस्ती, विवाह या किसी अन्य धोखाधड़ी के माध्यम से धर्मांतरण की मनाही करता है।

सिंह ने कहा, हम जल्द ही माननीय उच्चतम न्यायालय में याचिका दायर करने जा रहे हैं। उच्च न्यायालय का अंतरिम निर्देश MPFRA, 2021 के प्रावधानों को चुनौती देने वाली सात याचिकाओं के एक समूह पर आया। याचिकाकर्ताओं ने अधिनियम के तहत किसी के खिलाफ मुकदमा चलाने से राज्य को रोकने के लिए अंतरिम राहत मांगी। अदालत ने राज्य सरकार को याचिकाओं पर अपना पैरा-वार जवाब दाखिल करने के लिए तीन सप्ताह का समय दिया था और कहा था कि याचिकाकर्ता इसके बाद 21 दिनों के भीतर प्रत्युत्तर दाखिल कर सकते हैं। 

विस्तार

मध्यप्रदेश सरकार जिलाधिकारी को सूचित किए बिना विवाह करने वाले अंतर्धार्मिक जोड़ों पर मुकदमा चलाने से रोकने के उच्च न्यायालय के अंतरिम आदेश को उच्चतम न्यायालय में चुनौती देने जा रही है। उच्च न्यायालय ने एक अंतरिम आदेश में राज्य सरकार को एमपी फ्रीडम ऑफ रिलिजन एक्ट (एमपीएफआरए) की धारा 10 के तहत उन वयस्कों पर मुकदमा नहीं चलाने का निर्देश दिया, जो अपनी मर्जी से शादी करते हैं।

जस्टिस सुजॉय पॉल और पीसी गुप्ता की खंडपीठ ने 14 नवंबर को कहा कि धारा 10, जो धर्मांतरण के इच्छुक नागरिक के लिए जिला मजिस्ट्रेट को इस संबंध में (पूर्व) घोषणा देना अनिवार्य बनाती है। पूर्व दृष्टया इस अदालत के पूर्वोक्त निर्णयों के रूप में असंवैधानिक है।

महाधिवक्ता प्रशांत सिंह ने रविवार को पीटीआई को बताया, राज्य सरकार उच्च न्यायालय के अंतरिम आदेश को चुनौती देने के लिए उच्चतम न्यायालय का रुख करने जा रही है, जो इसे एमपीएफआरए वयस्कों की धारा 10 के तहत मुकदमा चलाने से रोकता है, जो अपनी मर्जी से शादी करते हैं। MPFRA गलतबयानी, प्रलोभन, बल की धमकी के उपयोग, अनुचित प्रभाव, जबरदस्ती, विवाह या किसी अन्य धोखाधड़ी के माध्यम से धर्मांतरण की मनाही करता है।

सिंह ने कहा, हम जल्द ही माननीय उच्चतम न्यायालय में याचिका दायर करने जा रहे हैं। उच्च न्यायालय का अंतरिम निर्देश MPFRA, 2021 के प्रावधानों को चुनौती देने वाली सात याचिकाओं के एक समूह पर आया। याचिकाकर्ताओं ने अधिनियम के तहत किसी के खिलाफ मुकदमा चलाने से राज्य को रोकने के लिए अंतरिम राहत मांगी। अदालत ने राज्य सरकार को याचिकाओं पर अपना पैरा-वार जवाब दाखिल करने के लिए तीन सप्ताह का समय दिया था और कहा था कि याचिकाकर्ता इसके बाद 21 दिनों के भीतर प्रत्युत्तर दाखिल कर सकते हैं। 


Source link

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें

विज्ञापन