जीतू पटवारी के भाई नाना पटवारी को हिरासत में : ड्रग पेडलर्स ने पूछताछ में लिया नाम; विवेक तन्खा बोले- बिना सूचना ले गई पुलिस
MP CG Times / Thu, Jul 9, 2026
मध्य प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में उस वक्त भारी हलचल मच गई, जब इंदौर पुलिस ने मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) के अध्यक्ष जीतू पटवारी के छोटे भाई नाना पटवारी को अचानक हिरासत में ले लिया। पुलिस का दावा है कि शहर में पकड़े गए कुख्यात ड्रग पेडलर्स से पूछताछ के दौरान नाना पटवारी की पहचान और संलिप्तता का खुलासा हुआ था, जिसके बाद यह बड़ा एक्शन लिया गया।
शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे ने इस पूरी कार्रवाई की पुष्टि कर दी है। दूसरी तरफ, पटवारी परिवार को बिना सूचना दिए उठाए जाने को लेकर कांग्रेस नेताओं ने पुलिस-प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
ड्रग्स पेडलर्स की निशानदेही पर हुई गिरफ्तारी
इंदौर पुलिस से मिली प्राथमिक जानकारी के अनुसार, पुलिस ने बुधवार देर रात शहर में एमडी/ड्रग्स सप्लाई करने वाले दो शातिर ड्रग पेडलर्स को गिरफ्तार किया था। थाने लाकर जब पुलिस ने दोनों आरोपियों से कड़ाई से पूछताछ की, तो उन्होंने खुलासा किया कि उनके तार और पहचान नाना पटवारी से जुड़े हुए हैं। पेडलर्स द्वारा नाम उजागर किए जाने के तुरंत बाद पुलिस की टीम ने दबिश देकर नाना पटवारी को अपनी हिरासत में ले लिया।
सांसद विवेक तन्खा ने जताया विरोध— 'DGP ऐसी परंपरा न बनाएं'
नाना पटवारी को हिरासत में लिए जाने की खबर आते ही कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं की तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आने लगी हैं। राज्यसभा सांसद और वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक तन्खा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (Twitter) पर ट्वीट कर पुलिसिया कार्यप्रणाली पर गंभीर चिंता जताई।
तन्खा का बड़ा बयान
"जीतू पटवारी जी से मिली जानकारी के मुताबिक इंदौर पुलिस ने उनके छोटे भाई को बिना किसी पूर्व सूचना के हिरासत में लिया है। उन्हें कहां रखा गया है या कहां ले जाया गया है, इसकी जानकारी तक परिजनों को नहीं दी गई है।
मैं डीजीपी (DGP MP) और इंदौर पुलिस कमिश्नर से आग्रह करता हूं कि पुलिस तंत्र में ऐसी असंवैधानिक और गलत परंपराएं न बनाई जाएं, जो भविष्य में पुलिस और जनता दोनों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बनें।"
पुलिस के आधिकारिक बयान का इंतजार
जीतू पटवारी के भाई पर ड्रग नेटवर्क से जुड़े होने के आरोपों और इस हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारी के बाद कांग्रेस खेमे में भारी नाराजगी है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं का कहना है कि यह विशुद्ध रूप से राजनीतिक द्वेष के तहत की गई कार्रवाई है।
फिलहाल इंदौर पुलिस के आला अधिकारियों की तरफ से इस संवेदनशील मामले पर कोई विस्तृत आधिकारिक प्रेस कॉन्फ्रेंस या बयान जारी नहीं किया गया है। माना जा रहा है कि पूछताछ पूरी होने के बाद पुलिस इस मामले में बड़ा खुलासा कर सकती है।
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