: पीठ पर पुलिस सवार: MP पुलिस की शराब ठेकेदारों से सवारी की यारी, गुर्गों ने पीठ पर बैठाकर 'साहब' को कराई नदी पार
Fri, Sep 3, 2021
कटनी। मध्यप्रदेश पुलिस (Madhya Pradesh Police) के कारनामें भी बड़े अजीब होते हैं. इसी वजह से MP पुलिस हमेशा चर्चा में रहती है. इस बार भी चर्चा की वजह कुछ खास है. दरअसल कटनी (katni) जिले में पुलिस शराब माफियाओं पर कार्रवाई करने गई थी, लेकिन साहब वापस शराब ठेकेदार के एक कर्मचारी के पीठ पर सवार होकर लौटे. पुलिस अधिकारी पीठ पर बैठकर ही नदी पार करते हुए नजर आए. अब अजब MP पुलिस की गजब तस्वीर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है. यह तस्वीर पुलिस और ठेकेदार की सांठगांठ की ओर इशारा कर रही है.पूरा मामला जिले के एनकेजे थाना क्षेत्र का है, जहां थाने में तैनात एएसआई (ASI) दिनेश बघेल शराब माफियाओं पर कार्रवाई करने गए थे. लेकिन आरोपियों को पकड़ने के धर बजाय एएसआई दिनेश बघेल शराब ठेकेदार के कर्मचारी की पीठ पर ही सवार होकर खिलखिलाते नजर आए. साहब खिरहनी नदी पार करते हुए नजर दिखे. जिससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि पुलिस अवैध शराब और माफियाओं को लेकर कितना सजग है. आलम यह है कि मैदानी अमला हंसी ठिठोली करते हुए शराब ठेकेदार के इशारे पर काम कर रहा है. जो अब जगजाहिर हो रहा है.
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ASI की इस कारनामे को कुछ ग्रामीणों ने अपने मोबाइल में कैद कर लिया. जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है. जिसमें देखा जा सकता है कि एएसआई दिनेश बघेल एक व्यक्ति की पीठ पर बैठकर नदी पार करते हुए नजर आ रहे हैं. साथ ही उनके दोनों पैर को दो लोगों ने पकड़ रखा है. और वह नदी पार कर रहे हैं. इतना ही नहीं पानी के बीच एएसआई मस्ती भी करते हुए नजर आ रहे हैं.बता दें कि जब तक एएसआई दिनेश बघेल अवैध शराब बना रहे ग्रामीणों तक पहुंच पाते, जब तक वे वहां से रफूचक्कर हो गए. हालांकि कार्रवाई के दौरान पुलिस को नदी के किनारे कई जगहों पर धधकती हुई भट्टी भी मिली. साथ ही डिब्बे में महुआ-लहान भी मिले. जिसे पुलिस ने नष्ट कर दिया है. MP पुलिस की इस तरह की तस्वीर पहले भी वायरल हो चुकी है.
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42.78 लाख की धोखाधड़ी में विधायक पर शिकंजा : किसान के नाम पर लोन, ब्लैंक चेक से निकाले लाखों, कांग्रेस विधायक बालेश्वर साहू जेल भेजे गए
Sun, Jan 25, 2026
छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले के जैजैपुर से कांग्रेस विधायक बालेश्वर साहू को किसान से 42 लाख 78 हजार रुपए की धोखाधड़ी के मामले में बड़ा झटका लगा है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रवीण मिश्रा की कोर्ट ने विधायक की जमानत याचिका खारिज करते हुए उन्हें 22 जनवरी तक न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।
चांपा पुलिस ने 9 जनवरी को कोर्ट में चार्जशीट पेश की। सुनवाई के दौरान विधायक बालेश्वर साहू कोर्ट में पेश हुए और जमानत की मांग की, लेकिन कोर्ट ने आरोपों की गंभीरता को देखते हुए उन्हें जेल भेजने का आदेश दिया।
किसान के नाम पर लोन, ब्लैंक चेक से निकाले लाखों
पुलिस जांच में सामने आया कि विधायक बालेश्वर साहू ने अपने सहयोगी गौतम राठौर के साथ मिलकर किसान राजकुमार शर्मा के नाम पर 42 लाख रुपए का लोन पास कराया। इसके बाद किसान से 10 ब्लैंक चेक ले लिए गए, जिनके जरिए फर्जी हस्ताक्षर कर अलग-अलग किश्तों में रकम निकाल ली गई।
सहकारी बैंक में मैनेजर रहते रची गई साजिश
जांच के मुताबिक वर्ष 2015 से 2020 के बीच बालेश्वर साहू बम्हनीडीह सहकारी बैंक में मैनेजर के पद पर पदस्थ थे, जबकि गौतम राठौर विक्रेता के रूप में काम करता था। दोनों ने किसान क्रेडिट कार्ड से लोन दिलाने का झांसा देकर यह साजिश रची।
HDFC बैंक में खुलवाए गए फर्जी खाते
आरोप है कि दोनों ने HDFC बैंक में किसान के नाम से दो नए खाते खुलवाए। इन्हीं खातों के जरिए फर्जी साइन और अंगूठा लगाकर 15 जनवरी 2015 से धीरे-धीरे कुल 42.78 लाख रुपए की निकासी की गई।
विधायक की पत्नी के खाते में भी ट्रांसफर हुए पैसे
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि विधायक बालेश्वर साहू ने अपनी पत्नी आशा साहू के खाते में 7.5 लाख रुपए ट्रांसफर कराए थे, जिससे मामला और गंभीर हो गया।
बैंक कॉल से खुला धोखाधड़ी का राज
पीड़ित किसान राजकुमार शर्मा को इस धोखाधड़ी की जानकारी तब हुई, जब 2020 में HDFC बैंक चांपा से उसे कॉल आया। बैंक ने पूछा कि क्या उसने विधायक को पैसे निकालने की अनुमति दी है। इसके बाद किसान ने बैंक से पूरी जानकारी निकलवाई।
रकम लौटाने का वादा, फिर टालमटोल
किसान ने जब विधायक से संपर्क किया तो बालेश्वर साहू ने 6 महीने में ब्याज सहित रकम लौटाने का आश्वासन दिया, लेकिन पैसा वापस नहीं किया गया। बाद में सहयोगी गौतम राठौर ने इस रकम को चुनावी खर्च बताया।
2025 में दर्ज हुई FIR
लंबे समय तक इंतजार के बाद पीड़ित किसान ने 14 अगस्त 2025 को चांपा थाने में शिकायत दर्ज कराई। जांच के बाद 3 अक्टूबर 2025 को पुलिस ने विधायक बालेश्वर साहू और गौतम राठौर के खिलाफ FIR दर्ज की।
इन धाराओं में दर्ज हुआ केस
पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ IPC की धारा 420 (धोखाधड़ी), 468 (जालसाजी), 267 (सरकारी दस्तावेज का दुरुपयोग) और 34 (साझा अपराध) के तहत मामला दर्ज किया।
हाईकोर्ट से मिली थी गिरफ्तारी से राहत
गिरफ्तारी से बचने के लिए विधायक ने हाईकोर्ट का रुख किया था। 4 नवंबर 2025 को हाईकोर्ट ने गिरफ्तारी पर रोक लगाई थी, लेकिन जांच में सहयोग करने और चार्जशीट कोर्ट में पेश करने के निर्देश दिए थे।
सहयोगी गौतम राठौर जमानत पर बाहर
इस मामले में विधायक के सहयोगी गौतम राठौर फिलहाल जमानत पर बाहर हैं, जबकि विधायक बालेश्वर साहू को जेल भेज दिया गया है।