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: ठाकरे Vs शिंदे: SC ने EC को दिया 'असली शिवसेना' तय करने का अधिकार

News Desk / Tue, Sep 27, 2022

नई दिल्ली:   सुप्रीम कोर्ट में आज असली और नकली शिवसेना के मुद्दे पर बहस हुई. जिसमें सुप्रीम कोर्ट ने सभी पक्षों को सुना और ये तय करने का अधिकार चुनाव आयोग को दे दिया कि वो इस पर अपना फैसला दे. सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग के पाले में गेंद डालते हुए कहा है कि वो शिवसेना के 'असली धड़े' की पहचान करे. इस मामले में दोनों पक्षों ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था. खासकर उद्धव ठाकरे कैंप ने, जिसमें सुप्रीम कोर्ट से गुजारिश की गई थी कि चुनाव आयोग को असली और नकली का फैसला करने से रोका जाए और इसका फैसला वो खुद करे. ये मामला सुप्रीम कोर्ट की संवैधानिक बेंच के पास था, जिसपर मंगलवार को बहस हुई. इस बहस का लाइव प्रसारण यू-ट्यूब के माध्यम से किया गया. और आखिर में जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की 5 सदस्यीय संवैधानिक बेंच ने असली और नकली शिवसेना पर फैसला करने का फैसला चुनाव आयोग पर छोड़ दिया.
संवैधानिक बेंच ने खारिज की ठाकरे गुट की याचिका सुप्रीम कोर्ट की संवैधानिक बेंच की अगुवाई जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ कर रहे थे. इस बेंच में जस्टिस एमआर शाह, जस्टिस कृष्ण मुरारी, जस्टिसी हिमा कोहली और जस्टिस पीएस नरसिम्हा शामिल थे. सुप्रीम कोर्ट की संवैधानिक बेंच ने उद्धव ठाकरे ग्रुप की याचिका को खारिज कर दिया. जिसमें उद्धव ठाकरे ग्रुप ने चुनाव आयोग की कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की थी. ठाकरे ग्रुप की मांग की थी कि सुप्रीम कोर्ट इस मामले से जुड़ी अन्य याचिकाओं पर फैसला कर ले, उसके बाद ही चुनाव आयोग 'असली-नकली' मामले पर कोई फैसला ले. बता दें कि दोनों ही गुटों ने एक-दूसरे गुट के विधायकों को अयोग्य ठहराने जैसे कई मामलों को लेकर सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है. ठाकरे गुट इन्हीं याचिकाओं को आधार पर बनाकर चुनाव आयोग की कार्रवाई पर स्टे ऑर्डर चाहता था. ये भी पढ़ें: सुप्रीम कोर्ट की कार्यवाही का पहली बार लाइव प्रसारण, जानें-किन मामलों की हुई सुनवाई चुनाव आयोग पर टिकी सबकी निगाहें सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अब चुनाव आयोग पर सबकी नजरें टिक गई हैं कि वो क्या फैसला करता है. इस फैसले में सबसे अहम बात ये है कि शिवसेना का धनुष और तीर चुनाव निशान किस कैंप के पास जाएगा. शिवसेना के चुनाव निशान पर दावा करते हुए एकनाथ शिंदे के गुट ने चुनाव आयोग से मांग की थी कि वो असली शिवसेना है और उसे धनुष-तीन का निशान सौंप दिया जाए. इस पर चुनाव आयोग कोई फैसला करे, इससे पहले ही ठाकरे गुट सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया था और ऐसे किसी भी फैसले को करने से चुनाव आयोग को रोकने के लिए सुप्रीम कोर्ट से हस्तक्षेप की मांग की थी. अब सुप्रीम कोर्ट ने ठाकरे गुट की याचिका को खारिज कर दिया है. जिसके बाद चुनाव आयोग को फैसला करना है कि वो धनुष-तीर का निशान किस गुट को देता है.
    • HIGHLIGHTS
 
    • सुप्रीम कोर्ट की संवैधानिक बेंच का बड़ा फैसला
 
    • शिवसेना के असली-नकली दावेदारों पर फैसला करे EC
 
    • ठाकरे गुट ने की थी चुनाव आयोग के फैसले को रोकने की मांग
 
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