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सड़क पर बिछा था मौत का 11KV खूनी करंट : गरियाबंद में टूटे बिजली तार में करंट से जिंदा जला बाइक सवार, गर्दन तार में फंसी, करंट से उठीं आग की लपटें

MP CG Times / Fri, May 8, 2026

छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले के सिटी कोतवाली क्षेत्र में शुक्रवार को एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर दिया। दसपुर गांव निवासी 37 वर्षीय यशवंत ध्रुव की उस समय मौत हो गई, जब वह जंगल से तेंदूपत्ता लेकर बाइक से घर लौट रहा था। रास्ते में झूल रहे हाई वोल्टेज बिजली तार ने उसकी जिंदगी कुछ ही सेकंड में खत्म कर दी।

बताया जा रहा है कि यशवंत रोज की तरह दसपुर बांध वाले मार्ग से गांव लौट रहा था। इसी दौरान सड़क के ऊपर से गुजर रही 11 केवी बिजली लाइन का तार टूटकर नीचे लटक रहा था, लेकिन किसी का ध्यान उस पर नहीं गया था।

गर्दन में फंसा तार, उठीं आग की लपटें

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक जैसे ही बाइक सवार युवक वहां पहुंचा, टूटकर झूल रहा बिजली तार उसकी गर्दन में फंस गया। तार में तेज करंट प्रवाहित हो रहा था। गर्दन में तार फंसते ही जोरदार चिंगारी निकली और देखते ही देखते आग की लपटें उठने लगीं।

कुछ ही पलों में बाइक और युवक दोनों आग की चपेट में आ गए। आसपास मौजूद लोग कुछ समझ पाते उससे पहले यशवंत धू-धू कर जलने लगा। हादसा इतना भयावह था कि मौके पर मौजूद ग्रामीण दहशत में आ गए।

सड़क पर मचा अफरा-तफरी का माहौल

घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों ने तुरंत बिजली सप्लाई बंद कराने की कोशिश की और पुलिस को सूचना दी। कुछ लोगों ने युवक को बचाने की कोशिश भी की, लेकिन हाई वोल्टेज करंट और आग की वजह से कोई पास नहीं जा सका।

जब तक बिजली सप्लाई बंद हुई, तब तक युवक की मौके पर ही मौत हो चुकी थी। उसकी बाइक भी पूरी तरह जलकर खाक हो गई।

पुलिस पहुंची मौके पर, जांच शुरू

सूचना मिलते ही गरियाबंद सिटी कोतवाली पुलिस की टीम घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने मौके का निरीक्षण कर पंचनामा कार्रवाई शुरू की। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजने की तैयारी की गई।

सिटी कोतवाली प्रभारी ओमप्रकाश यादव ने बताया कि मामले में मर्ग कायम कर जांच की जा रही है। प्रारंभिक जानकारी में बिजली तार टूटकर नीचे लटकने की बात सामने आई है।

बिजली विभाग की लापरवाही पर उठे सवाल

घटना के बाद ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। लोगों का कहना है कि जिस रास्ते पर हादसा हुआ, वहां से रोज ग्रामीणों और वन क्षेत्र में काम करने वाले लोगों की आवाजाही होती है। इसके बावजूद हाई वोल्टेज लाइन का तार टूटकर नीचे झूलता रहा और किसी जिम्मेदार अधिकारी ने ध्यान नहीं दिया।

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि यदि बिजली लाइन की समय रहते मरम्मत कर दी जाती तो एक युवक की जान बच सकती थी। अब लोग बिजली विभाग के जिम्मेदार कर्मचारियों और अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

हादसे ने खड़े किए कई बड़े सवाल

यह हादसा केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि बिजली व्यवस्था की निगरानी और रखरखाव पर बड़ा सवाल है। आखिर 11 केवी लाइन का तार टूटने के बाद भी विभाग को इसकी जानकारी क्यों नहीं मिली? क्या नियमित निरीक्षण नहीं किया जा रहा था? क्या किसी की लापरवाही ने यशवंत ध्रुव की जान ले ली?

इन सवालों के जवाब अब पुलिस जांच और विभागीय कार्रवाई के बाद ही सामने आ पाएंगे। लेकिन फिलहाल दसपुर गांव में मातम पसरा हुआ है और एक परिवार ने अपना कमाने वाला सदस्य खो दिया है।

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