Logo
Breaking News Exclusive
मां डॉक्टरों के आगे खून के लिए गिड़गिड़ाई; स्टाफ ने 1 यूनिट ब्लड नहीं दिया, थम गईं सांसें 75 हजार की दूसरी किश्त लेते लोकायुक्त ने दबोचा, पहले भी ले चुका था 35 हजार, 15 दिन में दूसरी बड़ी कार्रवाई बिहार से बुलाए गए थे शूटर, पहले की रेकी; फिर सीने में गोली मार लूटे जेवर, मास्टरमाइंड समेत 3 गिरफ्तार सक्सेस फॉर्मूले को डिकोड करेगा, क्रिस गेल का रिकॉर्ड तोड़ने वाले 'वंडर बॉय' पर देश की पहली 'मल्टी-डिसिप्लिनरी स्टडी' विकास की राह पर बस्तर, वन मंत्री बोले- यह ऐतिहासिक परिवर्तन का प्रमाण मां ने 3 बेटियों को पिलाया जहर, फिर खुद भी किया पिया, कुएं में डूबे चाचा-भतीजे गरियाबंद वन विभाग का पिंजरा खाली, आदमखोर को बकरी नहीं बच्चे पसंद; खौफ से घरों में कैद हुए गांव MP में पॉलिथीन में भरकर सिर-पैर फेंके, जुलूस में कान पकड़कर माफी मांगी ढाई साल की बच्ची का चेहरा जबड़ों में दबाया, कई लोगों को नोच डाला; 35, 28 और 22 टांके लगे Uttar Pradesh के यात्री थे सवार, ईद मनाने आए थे बालाघाट, एम्बुलेंस में जिंदा जल गया था ड्राइवर मां डॉक्टरों के आगे खून के लिए गिड़गिड़ाई; स्टाफ ने 1 यूनिट ब्लड नहीं दिया, थम गईं सांसें 75 हजार की दूसरी किश्त लेते लोकायुक्त ने दबोचा, पहले भी ले चुका था 35 हजार, 15 दिन में दूसरी बड़ी कार्रवाई बिहार से बुलाए गए थे शूटर, पहले की रेकी; फिर सीने में गोली मार लूटे जेवर, मास्टरमाइंड समेत 3 गिरफ्तार सक्सेस फॉर्मूले को डिकोड करेगा, क्रिस गेल का रिकॉर्ड तोड़ने वाले 'वंडर बॉय' पर देश की पहली 'मल्टी-डिसिप्लिनरी स्टडी' विकास की राह पर बस्तर, वन मंत्री बोले- यह ऐतिहासिक परिवर्तन का प्रमाण मां ने 3 बेटियों को पिलाया जहर, फिर खुद भी किया पिया, कुएं में डूबे चाचा-भतीजे गरियाबंद वन विभाग का पिंजरा खाली, आदमखोर को बकरी नहीं बच्चे पसंद; खौफ से घरों में कैद हुए गांव MP में पॉलिथीन में भरकर सिर-पैर फेंके, जुलूस में कान पकड़कर माफी मांगी ढाई साल की बच्ची का चेहरा जबड़ों में दबाया, कई लोगों को नोच डाला; 35, 28 और 22 टांके लगे Uttar Pradesh के यात्री थे सवार, ईद मनाने आए थे बालाघाट, एम्बुलेंस में जिंदा जल गया था ड्राइवर

: CG BREAKING: इस विधायक का हार्ट अटैक से निधन, काली हुई राजपरिवार की दिवाली, सीएम ने जताया दु:ख

MP CG Times / Wed, Nov 3, 2021

राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस जे के खैरागढ़ विधायक देवव्रत सिंह का निधन हो गया है. बुधवार और गुरुवार की दरमियानी रात करीब 3 बजे देवव्रत सिंह को दिल का दौरा पड़ा, जिससे उनकी मौत हो गई. बताया जा रहा है कि हार्ट अटैक की शिकायत के बाद उन्हें सिविल अस्पताल ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में उनकी सांसें थम गईं. राजनांदगांव के सीएमएचओ मिथलेश चौधरी ने विधायक देवव्रत सिंह के निधन की पुष्टि की है. वहीं मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने शोक जताया है, उन्होंने कहा कि राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार होगा. देवव्रत सिंह खैरागढ़ शाही परिवार के सदस्य थे. उनके निधन की खबर के बाद उनके समर्थकों में शोक की लहर है. उनके निजी आवास पर समर्थकों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई है. समर्थकों का कहना है कि इस बार शाही परिवार की दिवाली काली पड़ गई है. MP CRIME BREAKING : बाजार से लौट रहे BJP नेता की बीच सड़क पर गोली मारकर हत्या, बाइक लूट कर भी ले गए हत्यारे देवव्रत सिंह, जो लंबे समय तक कांग्रेस में थे, 2018 के विधानसभा चुनाव से पहले पूर्व सीएम अजीत जोगी की पार्टी जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ जे (JCCJ) में शामिल हो गए थे। पार्टी ने उन्हें टिकट भी दिया था. देवव्रत सिंह उन पांच जेसीसीजे लोगों में से एक थे, जिन्होंने विधानसभा चुनाव जीता था. इससे पहले वह कभी खैरागढ़ के विधायक और कभी कांग्रेस के टिकट पर राजनांदगांव के सांसद रह चुके हैं. सनकी हत्यारा: मां के बाद बेटे ने पिता को भी मार डाला, बोला- दोनों को जन्नत भेजा दिया, अब अगला नंबर भाभी का हालांकि पिछले कुछ दिनों से चर्चा थी कि देवव्रत सिंह जेसीसीजे छोड़कर दोबारा कांग्रेस में शामिल हो सकते हैं. बताया जा रहा था कि पिछले कुछ महीनों में वह कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं से भी मिले थे. वह दीपावली पर्व के मद्देनजर अपने आवास पर थे. बुधवार शाम तक उनकी तबीयत ज्यादा खराब नहीं थी, अचानक रात में उनकी तबीयत बिगड़ गई. उनका दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया. MP में किसान ने की खुदकुशी: बैंक से मिला साढ़े 3 लाख जमा करने का नोटिस, कर्ज से परेशान किसान ने कर ली आत्महत्या राजनीतिक परिवार, अच्छी छवि आपको बता दें कि खैरागढ़ शाही परिवार की दूसरी पीढ़ी के राजा वीरेंद्र बहादुर सिंह के बेटे शिवेंद्र बहादुर सिंह तीन बार राजनांदगांव से सांसद रह चुके हैं. 1998 में कांग्रेस ने उन्हें टिकट नहीं दिया. इसके बाद उन्होंने जनता दल के टिकट पर चुनाव लड़ा, लेकिन इस चुनाव में कांग्रेस के मोतीलाल वोरा की जीत हुई. खैरागढ़ शाही परिवार के दूसरे बेटे रविंद्र बहादुर सिंह की पत्नी रानी रश्मिदेवी सिंह 1995 से लगातार चार बार खैरागढ़ से विधायक थीं. उनकी मृत्यु के बाद हुए उपचुनाव में उनके पुत्र देवव्रत सिंह विधायक बने. तब से वे राजनीतिक करियर में सक्रिय थे. क्षेत्र में देवव्रत की छवि एक अच्छे नेता की थी. read more- Landmines, Tanks, Ruins: The Afghanistan Taliban Left Behind in 2001

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें

विज्ञापन