: Bilaspur News: कबाड़ियों ने जमीनी विवाद में की थी युवक की हत्या, पुलिस के सामने कुबूला सच, भेजे गए जेल
पुलिस की गिरफ्त में हत्यारोपित कबाड़ी। - फोटो : संवाद
विस्तार
बिलासपुर के मस्तूरी थाना क्षेत्र में हुई युवक की हत्या की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। जमीन विवाद और कब्जे के डर के कारण युवक के कबाड़ी दोस्तों ने घटना को अंजाम दिया था। पुलिस ने साक्ष्य के आधार पर युवकों को गिरफ्तार कर न्यायालय मे पेश किया है।हत्याकांड का खुलासा करते हुए एडिशनल एसपी ग्रामीण राहुल देव ने बताया की 13 फरवरी की सुबह करीब नौ बजे मस्तूरी पुलिस को सूचना मिली थी कि शराब भट्टी के आगे कोडीनार खार के पास नहर किनारे गड्ढे में अज्ञात व्यक्ति की लाश पड़ी है। जिसके बाद थाना प्रभारी अपने स्टाफ के साथ मौके पर पहुंचे जहां 30 वर्षीय युवक का शव खून से लथपथ मिला। युवके के शरीर पर कई चोट के निशान थे। पुलिस ने हत्या की आशंका हुई तो पुलिस टीम डॉग स्कार्ट,फॉरेंसिक टीम, एसीसीयू की टीम घटनास्थल पर पहुंची और जांच मे जुट गई।
दस्तावेज के आधार पर मृतक की हुई पहचान
पुलिस अज्ञात शव के पास मिली बैग की तलाशी ली जिसमें जमीन से संबंधित बहुत सारे दस्तावेज के साथ नरेश सिंह और मंजू सिंह के नाम से दो आधार कार्ड के साथ पैन कार्ड मिला जिसमें पता वार्ड नंबर 30 ठाकुर देव मंदिर के पास फजल वाड़ा गांधी चौक लिखा हुआ था। एक अन्य दस्तावेज आधार कार्ड में पता परिवर्तन वाला फॉर्म भी मिला जो 9 फरवरी को जारी हुआ था। वार्ड पार्षद के द्वारा सत्यापित किया गया उस फॉर्म पर लिखे मोबाइल नंबर से पुलिस ने संपर्क किया तब मृतक की पहचान के बारे में पता चला कि मंजू सिंह मृतक की मां है और वह वर्तमान में विवेकानंद कॉलोनी मोपका सरकंडा में रहते हैं। इस दौरान पुलिस सहायता केंद्र प्रभारी को मोपका को विवेकानंद कॉलोनी भेजा और वार्ड क्रमांक 33 के पार्षद से फोन पर मृतक के संबंध में पूरी जानकारी ली गई। जिसपर मृतक के मामा के मोबाइल नंबर पर संपर्क करने व फोटो दिखाने पर पता चला है कि वह उसका भांजा अनीश सिंह ठाकुर है जिसका मोबाइल नंबर बंद आ रहा है।सीसीटीवी फुटेज और चाकू दुकान से मिला क्लू
पुलिस एक्टिव हो गया और आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज को चेक कर आरोपियों की तलाश जारी रखी मृतक घटना के पहले युवक किनसे मिला और कहां-कहां गया है इसकी भी जानकारी एकत्र की। पता चला कि इस दौरान मृतक दोपहर से शाम तक सिटी कोतवाली में गिरफ्तार हुए कबाड़ियों को छुड़ाने थाने पर उपस्थित था जो करीब छह बजे थाने से निकला। पुलिस को लोकल मुखबिर और टीम के माध्यम से पता चला कि अनीश सिंह ठाकुर अपने दोस्त निकेश कौशिक जो तेलीपारा में रहता है उसके पल्सर बाइक को मांग कर कहीं गया था। इसके बाद निकेश कौशिक से पुलिस तेलीपारा पहुंचकर संपर्क किया तब निकेत कौशिक ने बताया कि मृतक अनीश उसका दोस्त है जो 12 फरवरी की शाम करीबन 6:30 बजे उसके पास आकर उसकी पल्सर मोटरसाइकिल मांगी थी। पूछने पर बताया कि वह अपने दो दोस्तों और अरमान और शिबू को लाने जाना है यह कहकर निकला है। इस पर पुलिस दोनो आरोपियों से शुरुआत में अलग-अलग पूछताछ किया तब दोनो युवक अपना गुनाह कबूल कर लिया। कबाड़ी का धंधा करते हैं दोनो युवको ने जमीन लुटने के डर से घटना को अंजाम दिया।एडिशनल एसपी ग्रामीण राहुल देव ने बताया कि आरोपी दोनों युवक अवैध कबाड़ी का धंधा करते हैं। इसी बीच 12 फरवरी को बिलासपुर में अवैध कबाड़ियों के खिलाफ कार्रवाई चल रही थी तो दोनों पकड़े जाने के डर से करीब 1:00 बजे दोपहर में मस्तूरी पहुंच कर छिप रहे थे। मृतक काफी दिनों से दोनों को धमकी देता था कि उन दोनों को झूठे केस में जेल भिजवा कर उसके घर पर कब्जा कर लेगा। जिसके बाद से वह दोनों परेशान थे 12 फरवरी को मृतक फोन कर उन्हे बिलासपुर आने के लिए दबाव बना रहा था दोनों को लगा कि मृतक युवक बिलासपुर बुलाकर अवैध कबाड़ के बारे में पुलिस को बताकर कहीं पुलिस को ना पकड़ावा दे और फिर उनके घर-जमीन पर कब्जा न कर ले।
दोनों ने मिलकर अनीश सिंह को हमेशा के लिए रास्ते से हटाने प्लान बनाया और अपराधिक षड्यंत्र कर मृतक को अकेले बिलासपुर से मस्तूरी बुलवाकर उसपर चाकू से ताबड़तोड़ वार कर दिए। सिर पर पत्थर कुचलकर हत्या को अंजाम दिया दोनों ने मृतक के मोबाइल को भी तोड़ दिया और साक्ष्य छुपाने के लिए घटना में उपयोग चाकू और तोड़े हुए मोबाइल को घटनास्थल से करीब 7 किलोमीटर दूर हाईवे किनारे दर्रीघाट की झाड़ी में फेंक दिया। मृतक के मोटरसाइकिल को बिलासपुर रेलवे स्टेशन बुधवारी बाजार के पीछे गली में लाक कर खड़ा करके छोड़ दिया। इस पर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया है।
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