गरियाबंद में 'यमराज' बने झोलाछाप डॉक्टर! : 10 दिन में गलत इलाज से दूसरी मौत, मेडिकल स्टोर में लग रहे इंजेक्शन; बैकफुट पर स्वास्थ्य विभाग, CMHO बोले- जांच टीम गठित
गिरीश जगत। गरियाबंद जिले का अमलीपदर क्षेत्र इन दिनों स्वास्थ्य सुविधाओं की बदहाली और अवैध इलाज का गढ़ बन चुका है। क्षेत्र में झोलाछाप डॉक्टरों की लापरवाही और गलत इलाज के कारण मात्र 10 दिनों के भीतर दूसरी मौत का मामला सामने आने से हड़कंप मच गया है।
ताजा मामला ग्राम सरनाबहाल (कुरलापारा) का है, जहां 55 वर्षीय अभिलाष नेताम की इलाज के दौरान हालत बिगड़ने से मौत हो गई। इससे पहले 5 सितंबर को सराईपानी निवासी डिगने यादव (54) की भी निजी प्रैक्टिशनर के गलत इलाज से मौत का दावा किया गया था। लगातार हो रही मौतों के बावजूद स्वास्थ्य विभाग केवल खानापूर्ति में जुटा है।

उरमाल पीएचसी से किया रेफर, ओडिशा में इलाज के बाद अगले दिन तोड़ा दम
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, 14 सितंबर को अभिलाष नेताम की तबीयत बिगड़ने पर परिजन उन्हें प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) उरमाल लेकर पहुंचे। उरमाल PHC में पदस्थ डॉ. सनत कुम्भकार ने प्राथमिक जांच के बाद मरीज को रेफर कर दिया। परिजनों से पूछताछ के बाद तैयार केस हिस्ट्री और रेफरल लेटर में मरीज को पहले किसी प्राइवेट डॉक्टर द्वारा इंजेक्शन लगाए जाने का स्पष्ट जिक्र है।
हालत नाजुक होने पर परिजन मरीज को धर्मगढ़ (ओडिशा) के एक निजी क्लिनिक ले गए, वहां इलाज न मिलने पर सरकारी अस्पताल में पूरी रात इलाज कराया गया। स्थिति थोड़ी सामान्य होने पर परिजन उसे घर ले आए, लेकिन 15 सितंबर को उसकी मौत हो गई।

उरमाल PHC डॉ. सनत कुम्भकार की सफाई
"मरीज़ जब अस्पताल पहुंचा तो उसकी सांसें काफी तेज चल रही थीं। मैंने मलेरिया और शुगर दोनों की जांच की, जो नेगेटिव आई। परिजनों ने पूछताछ में स्वीकार किया था कि वे पहले ही किसी झोलाछाप डॉक्टर से मलेरिया का इलाज कराकर इंजेक्शन लगवा चुके थे।"
10 दिन में 3 बड़े कांड, सील हुआ मेडिकल स्टोर
अमलीपदर इलाके में स्वास्थ्य विभाग की ढिलाई से झोलाछाप डॉक्टरों और मेडिकल सेंटरों के हौसले बुलंद हैं:
सराईपानी में मौत (5 सितंबर): डिगने यादव (54) की मौत के बाद परिजनों का वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें निजी डॉक्टर पर गलत इलाज का आरोप लगा। हालांकि जांच टीम पहुंचते ही परिजन मुकर गए।
मेडिकल में अवैध इंजेक्शन: सरनाबहाल के एक मेडिकल स्टोर में अनाधिकृत व्यक्ति द्वारा मरीजों को दवा देने और खुलेआम इंजेक्शन लगाने का वीडियो सामने आया, जिसके बाद औषधि विभाग ने आनन-फानन में मेडिकल स्टोर को सील कर दिया।
10वें दिन दूसरी मौत (15 सितंबर): अभिलाष नेताम की मौत ने एक बार फिर स्वास्थ्य तंत्र की पोल खोलकर रख दी है।

1.5 लाख आबादी के भरोसे आधे-अधूरी सुविधाएं, अवैध धंधा मेहरबान
अमलीपदर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीन 70 से ज्यादा गांव आते हैं, जहां करीब 1.5 लाख की आबादी निवास करती है। सीएचसी और ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ के दर्जनों पद खाली पड़े हैं।
सरकारी अस्पतालों में डॉक्टर न होने का फायदा उठाकर गांव-गांव में अवैध क्लिनिक और झोलाछाप डॉक्टर दुकानें सजाकर बैठे हैं, जिन पर विभाग कोई ठोस दंडात्मक कार्रवाई नहीं कर रहा है।
CMHO बोले- जांच टीम गठित की जा रही है
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला स्वास्थ्य अधिकारी ने जांच का आश्वासन दिया है।
डॉ. वी.के. नवरत्न, सीएमएचओ (CMHO), गरियाबंद
"सरनाबहाल के ग्रामीण की मौत की जानकारी मिली है। पूरे मामले की विस्तृत जांच के लिए विशेष टीम बनाई जा रही है। मेडिकल सील करने समेत सभी शिकायतों पर सख्त कार्रवाई होगी। अमलीपदर में 2 नए डॉक्टरों की पोस्टिंग कर दी गई है और अन्य रिक्त पदों को भी जल्द भरा जा रहा है।"
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