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: भानुप्रतापपुर उपचुनाव: आदिवासी अरक्षण पर आबकारी मंत्री का विरोध, कवासी लखमा को चुनाव प्रचार से रोका

News Desk / Tue, Nov 22, 2022


कांकेर के भानुप्रतापपुर में चुनाव प्रचार के लिए पहुंचे आबकारी मंत्री का आदिवासियों ने किया विरोध।

कांकेर के भानुप्रतापपुर में चुनाव प्रचार के लिए पहुंचे आबकारी मंत्री का आदिवासियों ने किया विरोध। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

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छत्तीसगढ़ में आदिवासी आरक्षण को लेकर हंगामा थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब इस विरोध के दायरे में कांग्रेस सरकार के मंत्री भी आ गए हैं। कांकेर के भानुप्रतापपुर उपचुनाव में बुधवार को प्रचार करने पहुंचे आबकारी मंत्री कवासी लखमा को लोगों के विरोध का सामना करना पड़ा। आदिवासियों ने आबकारी मंत्री की सभा नहीं होने दी और जमकर नारेबाजी की। काफी देर हंगामा चलने के बाद आबकारी मंत्री सभा से चले गए।

मुख्यमंत्री के खिलाफ की नारेबाजी
दरअसल, भानुप्रतापपुर उपचुनाव को लेकर कांग्रेस के आदिवासी नेता और कैबिनेट मंत्री कवासी लखमा की बुधवार को ग्राम बोगर में सभा थी। जैसे ही आबकारी मंत्री लखमा ने बोलना शुरू किया, लोग खड़े हो गए और मुख्यमंत्री के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। आबकारी मंत्री ने उन्हें समझाने का प्रयास किया, लेकिन आदिवासी नेता सुनने के लिए तैयार नहीं थे। इसे लेकर उनके बीच बहस भी हुई। 

लोग बोले-सरकार आरक्षण विरोधी
सर्व आदिवासी समाज के नेता ज्ञान गौर का कहना था कि राज्य में एसटी, एससी, ओबीसी के आरक्षण को खत्म कर दिया है। विधानसभा में 32 विधायक हैं, लेकिन किसी ने इसे लेकर आवाज नहीं उठाई। विधानसभा में प्रस्ताव लेकर आते तो ऐसा नहीं होता। कहा कि, आरक्षण के विरुद्ध याचिका लगाने वाले को सरकार ने मंत्री का दर्जा दिया। इससे स्पष्ट है कि सरकार आरक्षण के विरोधी है। अभी दिखावे के लिए बात कर रही है।

सावित्री मंडावी बोलीं- आरक्षण दिलाकर रहेंगे
इस दौरान कांग्रेस उम्मीदवार सावित्री मंडावी ने भी लोगों को समझाने का प्रयास किया। इस पर लोग शांत हुए, लेकिन फिर ज्ञान गौर ने कहा कि, स्व. मनोज मंडावी ने एक चैनल में जिला बनाने की घोषणा की थी, लेकिन वह भी पूरा नहीं हुआ। इस पर सावित्री मंडावी ने कहा कि कांग्रेस सरकार आदिवासियों को आरक्षण दिलाकर रहेगी। हालांकि आदिवासियों ने मंत्री की सभा नहीं होने दी। इसके चलते वह चले गए। 

सरकार ने बुलाया है विशेष सत्र
आदिवासी आरक्षण मुद्दे को लेकर आंदोलनरत सर्व आदिवासी समाज ने प्रमोटी आईपीएस अफसर अकबर राम कोर्राम को अपना उम्मीदवार बनाया है। हाईकोर्ट के आदेश के बाद राज्य में आदिवासी आरक्षण 32 फीसदी से घटकर 20 फीसदी हो गया है। भानुप्रतापुर अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित सीट है। भूपेश सरकार ने आरक्षण मुद्दे पर एक और दो दिसंबर को विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया है। भानुप्रतापपुर में पांच दिसंबर को मतदान है और आठ को परिणाम आएंगे।  

विस्तार

छत्तीसगढ़ में आदिवासी आरक्षण को लेकर हंगामा थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब इस विरोध के दायरे में कांग्रेस सरकार के मंत्री भी आ गए हैं। कांकेर के भानुप्रतापपुर उपचुनाव में बुधवार को प्रचार करने पहुंचे आबकारी मंत्री कवासी लखमा को लोगों के विरोध का सामना करना पड़ा। आदिवासियों ने आबकारी मंत्री की सभा नहीं होने दी और जमकर नारेबाजी की। काफी देर हंगामा चलने के बाद आबकारी मंत्री सभा से चले गए।

मुख्यमंत्री के खिलाफ की नारेबाजी
दरअसल, भानुप्रतापपुर उपचुनाव को लेकर कांग्रेस के आदिवासी नेता और कैबिनेट मंत्री कवासी लखमा की बुधवार को ग्राम बोगर में सभा थी। जैसे ही आबकारी मंत्री लखमा ने बोलना शुरू किया, लोग खड़े हो गए और मुख्यमंत्री के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। आबकारी मंत्री ने उन्हें समझाने का प्रयास किया, लेकिन आदिवासी नेता सुनने के लिए तैयार नहीं थे। इसे लेकर उनके बीच बहस भी हुई। 

लोग बोले-सरकार आरक्षण विरोधी
सर्व आदिवासी समाज के नेता ज्ञान गौर का कहना था कि राज्य में एसटी, एससी, ओबीसी के आरक्षण को खत्म कर दिया है। विधानसभा में 32 विधायक हैं, लेकिन किसी ने इसे लेकर आवाज नहीं उठाई। विधानसभा में प्रस्ताव लेकर आते तो ऐसा नहीं होता। कहा कि, आरक्षण के विरुद्ध याचिका लगाने वाले को सरकार ने मंत्री का दर्जा दिया। इससे स्पष्ट है कि सरकार आरक्षण के विरोधी है। अभी दिखावे के लिए बात कर रही है।

सावित्री मंडावी बोलीं- आरक्षण दिलाकर रहेंगे
इस दौरान कांग्रेस उम्मीदवार सावित्री मंडावी ने भी लोगों को समझाने का प्रयास किया। इस पर लोग शांत हुए, लेकिन फिर ज्ञान गौर ने कहा कि, स्व. मनोज मंडावी ने एक चैनल में जिला बनाने की घोषणा की थी, लेकिन वह भी पूरा नहीं हुआ। इस पर सावित्री मंडावी ने कहा कि कांग्रेस सरकार आदिवासियों को आरक्षण दिलाकर रहेगी। हालांकि आदिवासियों ने मंत्री की सभा नहीं होने दी। इसके चलते वह चले गए। 


सरकार ने बुलाया है विशेष सत्र
आदिवासी आरक्षण मुद्दे को लेकर आंदोलनरत सर्व आदिवासी समाज ने प्रमोटी आईपीएस अफसर अकबर राम कोर्राम को अपना उम्मीदवार बनाया है। हाईकोर्ट के आदेश के बाद राज्य में आदिवासी आरक्षण 32 फीसदी से घटकर 20 फीसदी हो गया है। भानुप्रतापुर अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित सीट है। भूपेश सरकार ने आरक्षण मुद्दे पर एक और दो दिसंबर को विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया है। भानुप्रतापपुर में पांच दिसंबर को मतदान है और आठ को परिणाम आएंगे।  

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