'पैलेट गन किसने चलवाई', प्रियंका के सवाल पर हंगामा : अखिलेश ने कहा- झुकती है सरकार, झुकाने वाला चाहिए; सत्तापक्ष-विपक्ष का हुआ आमना-सामना
MP CG Times / Wed, Jul 29, 2026
करीब एक सप्ताहभर लगातार गतिरोध के बाद मंगलवार को लोकसभा में आखिरकार नीट पेपर लीक और लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 पर चर्चा शुरू हुई। हालांकि चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखे आरोप-प्रत्यारोप, तंज और नोकझोंक का दौर चलता रहा।
सुबह 11 बजे लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सांसदों ने आंदोलनकारी छात्रों पर कथित पुलिस कार्रवाई का मुद्दा उठाया। नारेबाजी के कारण सदन की कार्यवाही पहले दोपहर 2 बजे तक स्थगित करनी पड़ी।
इससे पहले सरकार और विपक्ष के बीच चर्चा की अवधि को लेकर सहमति बनी। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि पहले छह घंटे की चर्चा तय हुई थी, फिर इसे 8 घंटे किया गया और यदि विपक्ष चाहे तो सरकार 10 घंटे तक चर्चा कराने को भी तैयार है।
जितेंद्र सिंह ने बताया क्यों जरूरी है नया कानून
दोपहर 2 बजे सदन की कार्यवाही शुरू होते ही प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री डॉ जितेंद्र सिंह ने लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 पर चर्चा की शुरुआत की।
उन्होंने कहा कि 2024 के कानून को और प्रभावी बनाने के लिए संशोधन लाया गया है ताकि संगठित परीक्षा माफिया पर तेजी से कार्रवाई हो सके।
गौरव गोगोई ने पूछा- दो साल पहले वाला कानून क्यों फेल हुआ?
सरकार की दलीलों का जवाब देते हुए कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने कहा कि 2024 में भी सरकार ने इसी तरह दावा किया था कि अब पेपर लीक नहीं होगा, लेकिन 2026 में फिर नीट परीक्षा लीक हो गई। उन्होंने कहा कि यदि पिछला कानून प्रभावी था तो नया संशोधन लाने की जरूरत क्यों पड़ी।
गोगोई ने कहा कि 2024 के मामले में गिरफ्तार अधिकांश आरोपियों को जमानत मिल चुकी है और जिस व्यक्ति को मास्टरमाइंड बताया गया, वह लंबे समय तक फरार रहा।
उन्होंने सरकार से पूछा कि राधाकृष्णन समिति की सिफारिशों का क्या हुआ और एनटीए की जवाबदेही तय क्यों नहीं की गई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि शिक्षा व्यवस्था सुधारने के बजाय सरकार युवाओं की चिंताओं को हल्के में ले रही है।
साथ ही पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के संसद पहुंचने पर भाजपा सांसदों द्वारा किए गए स्वागत पर भी उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि उनका स्वागत ऐसे किया गया, जैसे वे ‘पाकिस्तान से युद्ध जीतकर लौटे हों।’
बांसुरी स्वराज ने कहा- यह बिल समय की जरूरत
भाजपा सांसद बांसुरी स्वराज ने संशोधन विधेयक का समर्थन करते हुए कहा कि परीक्षा माफिया अब संगठित अपराध का रूप ले चुका है और मौजूदा कानून को अधिक कठोर बनाने की आवश्यकता थी।
उन्होंने कहा कि संशोधन जांच एजेंसियों के अधिकार स्पष्ट करता है, जांच और ट्रायल को समयबद्ध बनाता है तथा परीक्षा प्रणाली में विश्वास बहाल करेगा। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल की सराहना करते हुए कहा कि सरकार ने समय रहते कानून को और मजबूत किया है।
अखिलेश यादव का तंज- झुकती है सरकार... झुकाने वाला चाहिए
समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि छात्रों के आंदोलन ने सरकार को झुकने पर मजबूर किया। उन्होंने कहा, सरकार झुकती है सरकार... झुकाने वाला चाहिए। उन्होंने दावा किया कि करोड़ों युवाओं के दबाव के कारण ही धर्मेंद्र प्रधान को पद छोड़ना पड़ा।
अखिलेश ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि 2024 में भी ऐसा ही कानून लाया गया था, लेकिन उसके बावजूद पेपर लीक नहीं रुके।
उन्होंने तंज करते हुए कहा, ‘जो लोग चढ़ावा नहीं बचा सके, वे पेपर लीक कैसे बचाएंगे?’ उन्होंने आरोप लगाया कि अनेक परीक्षाएं रद्द करनी पड़ीं और छात्रों को न्याय के लिए अदालतों का दरवाजा खटखटाना पड़ा।
अभिषेक बनर्जी बोले- कानून बदलने से भरोसा नहीं लौटेगा
तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी ने कहा कि निष्पक्ष परीक्षा हर छात्र का अधिकार है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब भी व्यवस्था विफल होती है तो सरकार नई समिति या नया कानून लेकर आ जाती है, लेकिन जवाबदेही तय नहीं करती। उनके भाषण के दौरान सत्ता पक्ष के सांसदों ने आपत्ति जताई, जिससे सदन में कुछ देर के लिए फिर शोर-शराबा हुआ।
प्रियंका गांधी ने पूछा- पैलेट गन चलाने का आदेश किसने दिया?
चर्चा के दौरान कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने छात्रों पर हुई कथित पुलिस कार्रवाई का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि घायल छात्रा की मां ने उनसे पूछा कि उसकी बेटी पर यह अत्याचार क्यों हुआ।
प्रियंका ने सरकार से सवाल किया, ‘देश के युवाओं पर पैलेट गन चलाने का आदेश किसने दिया? बच्चों पर लाठियां किसके आदेश पर चलाई गईं?’ उन्होंने कहा कि यह सवाल सिर्फ कांग्रेस नहीं बल्कि देश के छात्र, अभिभावक और शिक्षक पूछ रहे हैं।
प्रियंका ने नए शिक्षा मंत्री की नियुक्ति पर टिप्पणी करते हुए बिलकिस बानो मामले का जिक्र किया। इस पर भाजपा सांसदों ने कड़ा विरोध किया और उनसे माफी मांगने की मांग की।
संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने कहा कि किसी मंत्री पर इस तरह की व्यक्तिगत टिप्पणी उचित नहीं है और वरिष्ठ सांसद होने के नाते प्रियंका गांधी को जिम्मेदारी के साथ बोलना चाहिए। इसके बाद सदन में कुछ समय तक तीखी नोकझोंक होती रही।
प्रियंका ने कहा प्रधानमंत्री कैमरे का नहीं, दिल का एंगल बदलें, तभी छात्रों की समस्या का समाधान होगा।
राज्यसभा में भी हंगामा
उधर, राज्यसभा की कार्यवाही भी सुबह 11 बजे शुरू हुई। शून्यकाल के दौरान विपक्षी सांसदों ने छात्रों पर पुलिस कार्रवाई और गृहमंत्री के बयान की मांग को लेकर हंगामा किया। लगातार शोर-शराबे के कारण सभापति सीपी राधाकृष्णन ने सदन की कार्यवाही पहले दोपहर 2 बजे तक स्थगित कर दी। दोबारा कार्यवाही शुरू होने पर उपसभापति हरिवंश ने सदन चलाने की कोशिश की, लेकिन हंगामा जारी रहने पर कार्यवाही अगले दिन सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
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