: Teachers Day 2022: शिक्षिका सरिता की जिद ने बदली सरकारी स्कूल की तस्वीर, प्राइवेट विद्यालयों से भी बेहतर पढ़ाई

घर-घर जाकर बच्चों को पढ़ाया
विद्यालय में बच्चों की पढ़ाई के साथ-साथ वार्ड में ऐसे बच्चे जो किन्ही कारणों से अपनी पढ़ाई को छोड़ने के लिए मजबूर हुए उन्हें फिर से शिक्षा की राह दिखाई। लोगों के घर -घर जाकर छात्रों को पढ़ाने के प्रति जागरूक करने का कार्य शिक्षिका सरिता ने अपने शिक्षकीय दायित्व को पूरा करते हुए किया।

शिक्षक पुरस्कार
शिक्षिका सरिता सिंह की शिक्षा के क्षेत्र में किए गए नवाचार को लेकर राज्य स्तरीय शिक्षक पुरस्कार से नवाजा जा रहा है। सरिता सिंह आज भोपाल में राज्यपाल के द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में दिए जा रहे उत्कृष्ट योगदान पर अनूपपुर जिले से सम्मानित होने का पुरस्कार प्राप्त करेंगी।

कक्षा पहली से दूसरी तक छात्रों पढ़ाना
जिला मुख्यालय अनूपपुर के शासकीय प्राथमिक बालक स्कूल बस्ती के शिक्षिका सरिता सिंह विद्यालय में कक्षा 1 और दूसरी के छात्रों को पढ़ाती हैं।

जिले में गठित पुरस्कार चयन समिति
पुरस्कार के लिए आवेदन करने पर जिले में गठित पुरस्कार चयन समिति टीम ने क्लास के बच्चों से जब पाठ्यक्रम के अलावा अन्य विषयों पर सवाल पूछे तो उन्हें छात्रों ने धारा प्रवाह बताया जो टीम के सदस्यों को काफी प्रभावित भी किया। शिक्षिका सरिता सिंह द्वारा स्कूल में छोटे बच्चों को कविता, चित्र,वीडियो कहानी, के माध्यम से बुनियादी रुप से साक्षर करने का प्रयास किया जाता है। शिक्षिका ने टीएलएलएम के माध्यम से अध्यापन कार्य को और सरल तथा आकर्षक बनाने के लिए बच्चों को पढ़ाई के प्रति प्रेरित करने के लिए रंगोली और खेल के माध्यम से नवाचार का प्रयोग किया जो सफल रहा।मुख्य रूप से बच्चे जिस माध्यम से पढ़ाई करना चाहा उसी ढंग से उन्हें पढ़ाया गया। जैसे की रेत में कंकड़ के द्वारा या फिर उंगली चलाकर स्वर व्यंजन की जानकारी दी गई। स्थिति यह हो गई थी कि जो छात्र पढ़ाई से भागते थे उन्हें पढ़ाया हुआ सब स्मरण रहता। शिक्षिका सरिता ने स्कूल के अलावा भी अपने दायित्वों का निर्वहन किया घर-घर जाकर बस्ती में बच्चों को पढ़ाई कराने जागरुक किया गया। इसी तरह जो बच्चे शाला त्यागी थे उन्हें फिर से विद्यालय में दाखिल कराया करीब 11 ऐसे बच्चे उनके मोहल्ले बस्ती क्षेत्र में थे जिसके लिए उन्होंने निरंतर अपना प्रयास जारी रखा। शिक्षिका सरिता के इन्हीं नवा चारों ने उन्हें राज्य स्तरीय पुरस्कार के लिए चुना है।

कोविड-19 में जगाया शिक्षा का अलख
शिक्षिका सरिता सिंह ने कहा कि कोविड-19 के समय बच्चे पढ़ाई से विमुख होते जा रहे थे तब उन्होंने विभिन्ना गतिविधियां उन्हें पढ़ाई के साथ जोड़कर रखने के लिए अपनाई जो सफल रही। पुरस्कार के बाद वह अपने इस अभियान को और आगे विस्तार देंगे जिससे कि बच्चों को सरलतम तरीके से बुनियादी शिक्षा ग्रहण करने में सहूलियत हो।

प्राथमिक श्रेणी पुरस्कार
1- रीवा- केशरी प्रसाद तिवारी, शा. पूर्व. मा. वि. मार्तण्ड, क्रं.1 रीवा।
2- निवाड़ी- अरुण कुमार पटेरिया, शा.मा. शाला चिकटा।
3- अनूपपुर- सरिता सिंह, शा.प्रा. शाला, बालक अनूपपुर बस्ती।
4- मंडला- घनश्याम प्रसाद यादव, शा.क्र. प्रा. आश्रम, शाला चिढ़ार, मण्डला।
5- टीकमगढ़- आशाराम कुशवाहा, शा.प्रा.शाला मदनपुर।
6- राजगढ़- ममता शर्मा, शा.प्र. शाला रघुनाथपुरा, खिलचीपुर
6- उज्जैन- केके कुल्मी, शा.क.मा. वि. दशहरा मैदान, उज्जैन
7-नरसिंहपुर- विपिन कुमार फौजदार, शा.प्रा. शाला सलगापुर, शाहपुर।
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