Logo
Breaking News Exclusive
1.88 करोड़ फॉलोअर्स वाले हेड कॉन्स्टेबल विवेकानंद तिवारी ने दिया इस्तीफा; सस्पेंड करने वाले SP को थमाया लेटर, पढ़िए रिपो सागर-नर्मदापुरम और भोपाल ग्रामीण में नए IG की तैनाती, कई दिग्गजों की जिम्मेदारियां बदलीं जिस घर ने 2 साल तक पाला, वहीं शादी की भीड़ का फायदा उठाकर उड़ाए पैसे; प्रेमी के साथ गिरफ्तार कोयला ट्रांसपोर्टर की कैंपर से कुचलकर हत्या, शराब के नशे में विवाद के बाद दोस्त ने ही चढ़ाई गाड़ी क्रेशर खदान में ब्लास्ट से पहले 17 लोगों पर गिरी चट्टान; हाथ-पैर टूटे; टुकड़ों में बंट गया ट्रैक्टर अश्लील मैसेज भेजकर संबंध बनाने का डाला दबाव, बोलीं-तुम्हारे घर को नोंच कर रख दूंगी, फिर किया राजीनामा गर्लफ्रेंड को घर में घुसकर गोली मारी, शादी का दबाव बनाने पर पति-पत्नी ने 4 लाख में दी थी सुपारी BJP के पोस्टर हटते ही दिग्गी राजा खुश, शिवराज ने पढ़ाया खेत बचाने का पाठ; मंडल अध्यक्ष ने किया मूड खराब कमरे में टूटा भरोसा, फर्श पर बिखरा लहू, हाथों की हड्डियां तोड़ीं, सिर फोड़ा; पढ़िए कैसे हत्यारा बना बॉयफ्रेंड ? योगी सरकार ने किसे बचाया, किसे बलि का बकरा बनाया, पढ़िए चढ़ावा चोरों की काली करतूत ? 1.88 करोड़ फॉलोअर्स वाले हेड कॉन्स्टेबल विवेकानंद तिवारी ने दिया इस्तीफा; सस्पेंड करने वाले SP को थमाया लेटर, पढ़िए रिपो सागर-नर्मदापुरम और भोपाल ग्रामीण में नए IG की तैनाती, कई दिग्गजों की जिम्मेदारियां बदलीं जिस घर ने 2 साल तक पाला, वहीं शादी की भीड़ का फायदा उठाकर उड़ाए पैसे; प्रेमी के साथ गिरफ्तार कोयला ट्रांसपोर्टर की कैंपर से कुचलकर हत्या, शराब के नशे में विवाद के बाद दोस्त ने ही चढ़ाई गाड़ी क्रेशर खदान में ब्लास्ट से पहले 17 लोगों पर गिरी चट्टान; हाथ-पैर टूटे; टुकड़ों में बंट गया ट्रैक्टर अश्लील मैसेज भेजकर संबंध बनाने का डाला दबाव, बोलीं-तुम्हारे घर को नोंच कर रख दूंगी, फिर किया राजीनामा गर्लफ्रेंड को घर में घुसकर गोली मारी, शादी का दबाव बनाने पर पति-पत्नी ने 4 लाख में दी थी सुपारी BJP के पोस्टर हटते ही दिग्गी राजा खुश, शिवराज ने पढ़ाया खेत बचाने का पाठ; मंडल अध्यक्ष ने किया मूड खराब कमरे में टूटा भरोसा, फर्श पर बिखरा लहू, हाथों की हड्डियां तोड़ीं, सिर फोड़ा; पढ़िए कैसे हत्यारा बना बॉयफ्रेंड ? योगी सरकार ने किसे बचाया, किसे बलि का बकरा बनाया, पढ़िए चढ़ावा चोरों की काली करतूत ?

: क्या 2023 का चुनाव नहीं लड़ पाएंगे Narottam Mishra ? आज आएगा सुप्रीम कोर्ट का फैसला, जानिए किस मामले में चल रहा केस ?

mp asseblly election 2023: mp asseblly election 2023: नयी दिल्ली। मध्य प्रदेश के बीजेपी नेता और शिवराज सरकार में गृह मंत्री रहे नरोत्तम मिश्रा के साथ मामले में आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होनी है. मामला पेड न्यूज मामले से जुड़ा है, जिसमें चुनाव आयोग ने उन्हें अयोग्य करार दिया था। इसके खिलाफ नरोत्तम मिश्रा हाईकोर्ट पहुंचे थे। जहां से शिकायतकर्ता के सुप्रीम कोर्ट जाने के बाद मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा। 2 मार्च की सुनवाई में अंतिम सुनवाई के लिए 12 मार्च की तिथि निर्धारित की गयी थी. क्या बात है ? राजेंद्र भारती ने 2009 में नरोत्तम मिश्रा के खिलाफ चुनाव आयोग में शिकायत की थी। इसमें उन्होंने मिश्रा पर 2008 के विधानसभा चुनाव में पेड न्यूज छपवाने का आरोप लगाया था। लगभग 8 साल की सुनवाई के बाद, आयोग ने 23 जून, 2017 को 46 समाचारों को पेड न्यूज मानते हुए आरपीआई अधिनियम की धारा 10ए के तहत 3 साल के लिए नरोत्तम मिश्रा को अयोग्य घोषित कर दिया। बात आगे कैसे बढ़ी ? आयोग के फैसले के खिलाफ नरोत्तम मिश्रा हाईकोर्ट पहुंचे थे। जहां से केस दिल्ली हाई कोर्ट ट्रांसफर कर दिया गया। यहां 14 जुलाई 2017 को सिंगल बेंच ने मिश्रा के खिलाफ फैसला सुनाया। इस पर स्टे लेने का प्रयास किया गया लेकिन नहीं हो सका। बाद में 28 जुलाई 2017 को सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगा दी और फिर डबल बेंच में सुनवाई हुई। जहां 2018 में दिल्ली हाई कोर्ट ने आयोग के खिलाफ फैसला सुनाया। दिल्ली हाई कोर्ट के फैसले के बाद याचिकाकर्ता राजेंद्र भारती और चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की थी. अर्जेंट हियरिंग की याचिका पर अप्रैल 2022 में इस मामले में सुनवाई शुरू हुई थी. इससे पहले कोर्ट ने जल्द सुनवाई की याचिका खारिज कर दी थी। आखिरकार 2 मार्च 2023 को मामला सुनवाई के लिए पहुंचा, लेकिन फैसला नहीं हो सका. तब कोर्ट ने अंतिम सुनवाई के लिए 12 अप्रैल की तारीख तय की थी। विधायिका का निर्णय न्यायालय पर निर्भर करता है अब नरोत्तम मिश्रा का भविष्य सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर टिका है. अगर कोर्ट आयोग के फैसले के साथ चला तो शिवराज सिंह के कद्दावर मंत्री 2023 का चुनाव नहीं लड़ पाएंगे. हालांकि, अगर SC दिल्ली हाई कोर्ट के फैसले को बरकरार रखता है, तो मिश्रा को किसी राजनीतिक संकट का सामना नहीं करना पड़ेगा। read more- Landmines, Tanks, Ruins: The Afghanistan Taliban Left Behind in 2001 29 IAS-IPS

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें

विज्ञापन