: Pintu Rana SI: सिक्योरिटी गार्ड पिंटू राणा बना पुलिस अफसर, माँ-बाप ने कंधों पर सजाए सितारे तो भर आई सबकी आंखें

पिंटू राणा की सक्सेस स्टोरी
पिंटू राणा की सक्सेस स्टोरी उन युवाओं के लिए प्रेरणादायी है, जो परिवार के आर्थिक हालात के सामने घुटने टेक देते हैं। हार मान जाते हैं। मेहनत करना छोड़ देते हैं और अपनी नाकामयाबी में मुफलीसी को कोसते हैं। पिंटू ने संघर्ष को चुना। दिल से मेहनत की। नतीजा ये है कि अब इनके कंधे पर सितारे और माथे पर अशोक स्तम्भ विराजमान है।

पिंटू राणा एसआई का इंटरव्यू
वन इंडिया से बातचीत में पिंटू राणा एसआई ने बताया कि वे मूलरूप से जालौर जिले के सांचोर कस्बे के रहने वाले हैं। जालौर जिला पूरे राजस्थान में साक्षरता के मामले में सबसे निचले पायदान पर है, मगर पिंटू ने शिक्षा को ही अपनी तरक्की का मार्ग बनाया और गरीबी को मात देते हुए पढ़ाई पूरी की। पिता ने खेतों में मजदूरी करके पढ़ाया।

पिंटू राणा ने हासिल की थी 33वीं रैंक
बता दें कि पिंटू राणा ने राजस्थान पुलिस एसआई परीक्षा में भाग्य आजमाया और 33वीं रैंक हासिल की। राजस्थान पुलिस उपनिरीक्षक परीक्षा का परिणाम बीते साल 31 अगस्त को जारी हुआ था। इसके बाद से पिंटू राणा 14 माह की ट्रेनिंग पर थे।

राजस्थान पुलिस एसआई पासिंग आउट परेड
पिंटू राणा ने बताया कि राजस्थान पुलिस अकादमी जयपुर में 14 माह का प्रशिक्षण पूरा हो चुका है। दो सितम्बर 2022 को पासिंग आउट परेड हुई है, जिसमें उनके पिता पूनमा राम राणा व माता सुखीदेवी ने भी शिरकत की। माता पिता ने इनके कंधे पर बतौर एसआई दो सितारे लगाए। यह पल इनकी जिंदगी का सबसे यादगार था। इसे ये ताउम्र नहीं भूल पाएंगे।

पिंटू राणा को जोधपुर आयुक्तालय में पोस्टिंग मिली
पिंटू राणा को प्रशिक्षण के बाद जोधपुर आयुक्तालय में पोस्टिंग मिली है। यहां पर डेढ़ माह का कमांडो प्रशिक्षण होगा। फिर किसी थाने में पोस्टेड किया जाएगा। पिंटू कहते हैं कि राजस्थान पुलिस में बतौर एसआई मेरा प्रयास रहेगा कि किसी के साथ अन्याय नहीं हो और ना ही किसी अपराधी के हौसले बुलंद हो।

केयर्न इंडिया कम्पनी में बना सिक्योरिटी गार्ड
बता दें कि पिंटू कुमार ने जालौर जिले के सांचोर के सरकारी स्कूल से 12वीं और यहीं से वर्ष 2015 में कॉलेज की पढ़ाई की। फिर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारियां में जुट गया, मगर परिवार की आर्थिक स्थिति सही नहीं होने के कारण मैंने नौकरी करना तय किया। सरकारी नौकरी नहीं लग पाया तो केयर्न इंडिया कम्पनी के सांचोर स्थित कार्यालय में 15 हजार रुपए प्रतिमाह में बतौर सिक्योरिटी गार्ड काम शुरू किया। रात में बतौर सिक्योरिटी गार्ड नौकरी और दिन में लाइब्रेरी में जाकर प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करता था।

रमीला से हुई पिंटू राणा की शादी
पिंटू कुमार राणा ने बताया कि उनकी सफलता में मेहनत, माता पिता का आशीर्वाद रहा। इनके एक बेटा है। पिंटू की ख्वाहिश है कि उनका बेटा भी बड़ा होकर पुलिस अफसर बने।
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