Logo
Breaking News Exclusive
पलभर में मची चीख-पुकार, गरियाबंद में घंटों से चल रहा Rescue Operation गरियाबंद में छात्रों के सामने अंडा-बीयर पार्टी; पैग बनाए मिले, सवाल पूछने पर कहा- गेट आउट 3 दोस्तों ने चाकू से काट डाला, तड़पा-तड़पाकर मारा, जानिए क्यों हुआ कांग्रेस नेता का मर्डर ? डूब जाता पूरा परिवार, मासूमों को गोद में रखकर बचाया, अभी भी 300 गाय खतरे में, देखिए मार्मिक तस्वीरें Devbhog अस्पताल ने बचाई जिंदगियां, Normal Delivery से लेकर High-Risk Case तक अखिलेश ने कहा- झुकती है सरकार, झुकाने वाला चाहिए; सत्तापक्ष-विपक्ष का हुआ आमना-सामना लोग रोकते रहे, लेकिन नहीं माना, उफनते नाले में उतरा; कुछ सेकेंड में निगल गई बाढ़ इसमें एक 11 साल का बच्चा भी, खेतों में धान रोपाई कर रहे लोग चपेट में आए, 4 से ज्यादा घायल 9 लोग घायल, तेज रफ्तार कार का टायर फटने से हादसा, लहराते हुए खेत में गिरी बीच सड़क पर हैवानियत, सिर से बहने लगा खून तो बेहोश हुई, 1 साल से अलग रह रही थी महिला पलभर में मची चीख-पुकार, गरियाबंद में घंटों से चल रहा Rescue Operation गरियाबंद में छात्रों के सामने अंडा-बीयर पार्टी; पैग बनाए मिले, सवाल पूछने पर कहा- गेट आउट 3 दोस्तों ने चाकू से काट डाला, तड़पा-तड़पाकर मारा, जानिए क्यों हुआ कांग्रेस नेता का मर्डर ? डूब जाता पूरा परिवार, मासूमों को गोद में रखकर बचाया, अभी भी 300 गाय खतरे में, देखिए मार्मिक तस्वीरें Devbhog अस्पताल ने बचाई जिंदगियां, Normal Delivery से लेकर High-Risk Case तक अखिलेश ने कहा- झुकती है सरकार, झुकाने वाला चाहिए; सत्तापक्ष-विपक्ष का हुआ आमना-सामना लोग रोकते रहे, लेकिन नहीं माना, उफनते नाले में उतरा; कुछ सेकेंड में निगल गई बाढ़ इसमें एक 11 साल का बच्चा भी, खेतों में धान रोपाई कर रहे लोग चपेट में आए, 4 से ज्यादा घायल 9 लोग घायल, तेज रफ्तार कार का टायर फटने से हादसा, लहराते हुए खेत में गिरी बीच सड़क पर हैवानियत, सिर से बहने लगा खून तो बेहोश हुई, 1 साल से अलग रह रही थी महिला

: छत्तीसगढ़ में जल से जीवन बांट रही सरकार: महिलाओं के लिए वरदान बन रहा जल जीवन मिशन, जानिए घरेलू नल कनेक्शन से कैसे बह रही अमृत की धारा ?

MP CG Times / Mon, Nov 4, 2024

विशेष आलेख: कहते हैं कभी प्यासे को पानी पिलाया नहीं, बाद में अमृत पिलाने से क्या फायदा. कुछ ऐसे ही हालात छत्तीसगढ़ के जिलों के कुछ हिस्सों में थे, जहां के लिए लोग पानी की एक-एक बूंद-बूंद के लिए तरस रहे थे. गंदे पानी पीकर गुजर-बसर कर रहे थे, लेकिन इन सबके बीच साय सरकार ने बदहाल और बेबस लोगों की जिंदगी में अमृत घोल दी. गांवों में घर-घर नल जल कनेक्शन भेज खुशियों की धारा बहाई है.

घर के आंगन में नल से गिर रही पानी की धार ने महिलाओं का जीवन ही बदल दिया है। जल जीवन मिशन महज हर घर तक पेयजल पहुंचाने की योजना नहीं है। यह दूरस्थ अंचलों और गांवों में महिलाओं की दिनचर्या और जीवन में बड़ा बदलाव ला रहा है। गांवों में परंपरागत रूप से घर में पेयजल और अन्य जरूरतों के लिए पानी के इंतजाम का जिम्मा महिलाओं पर ही है। घर तक पानी की पहुंच न होने के कारण उन्हें हैंडपंपो, सार्वजनिक नलों, कुंओं या अन्य स्रोतों से रोज पूरे परिवार के लिए जल संकलन करना पड़ता है। रोजाना का यह श्रमसाध्य और समयसाध्य काम बारिश तथा भीषण गर्मी के दिनों में दुष्कर हो जाता है। कई इलाकों में गर्मियों में जलस्रोतों के सूख जाने के कारण दूर-दूर से पानी लाने की मजबूरी रहती है। परिवार के लिए पानी की व्यवस्था हर दिन का संघर्ष बन जाता है। महिलाओं के दिन के कई घंटे इसी काम में निकल जाते हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के हर घर तक नल से जल पहुंचाने के सपने को पूरा करने का जल जीवन मिशन पेयजल के साथ ही महिलाओं को कई समस्याओं से निजात दिला रहा है। घर तक स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल पहुंचने से वे कई चिंताओं से मुक्त हो गई हैं। अब रोज-रोज पानी के लिए बहुत सारा श्रम और समय नहीं लगाना पड़ता। इससे उन्हें घर के दूसरे कामों, बच्चों की परवरिश, खेती-बाड़ी एवं आजीविका के अन्य कार्यों के लिए अधिक समय मिल रहा है और वे इन कार्यों पर अपना ज्यादा ध्यान व समय दे पा रही हैं। बारहों महीने घर पर ही जलापूर्ति से लगातार बारिश तथा गर्मी के दिनों में पेयजल का संकट जल जीवन मिशन ने दूर कर दिया है। गर्मियों में जलस्तर के नीचे चले जाने से तथा बरसात में लगातार बारिश से जल की गुणवत्ता प्रभावित होती है। गुणवत्ताहीन पेयजल से पेट तथा निस्तारी के लिए खराब जल के उपयोग से त्वचा संबंधी रोगों का खतरा रहता है। जल जीवन मिशन ने सेहत के इन खतरों को भी दूर कर दिया है। जल जीवन मिशन के माध्यम से हर घर में रोज प्रति व्यक्ति 55 लीटर जल की आपूर्ति की जा रही है। घर तक जल की सुलभ और पर्याप्त पहुंच से महिलाओं के ‘किचन गार्डन’ (बाड़ी) के लिए भी पानी मिल रहा है। इसके लिए उन्हें अब अतिरिक्त समय और श्रम नहीं लगाना पड़ रहा। इस्तेमाल किए हुए जल का सदुपयोग करते हुए इससे वे अपनी बाड़ी में लगाए सब्जी-भाजी की सिंचाई कर रही हैं। उनका यह काम परिवार के सुपोषण का द्वार भी खोल रहा है। छत्तीसगढ़ में हर घर में नल से जल पहुंचाने के जल जीवन मिशन का 79 प्रतिशत से अधिक काम पूरा हो गया है। राज्य के 39 लाख 63 हजार 700 घरों में पाइपलाइन से पेयजल पहुंच रहा है। मिशन की शुरूआत के बाद से अब तक करीब 36 लाख 44 हजार नए घरों में नल कनेक्शन दिए गए हैं। प्रदेश में 4142 ऐसे गांव हैं जहां के शत-प्रतिशत घरों में नल से पानी पहुंच रहा है। जल जीवन मिशन के अंतर्गत 19 जिलों में 77 प्रतिशत से अधिक काम पूरे कर लिए गए हैं। हर घर तक नल से जल पहुंचाने के लिए धमतरी जिले में मिशन का 98 प्रतिशत, रायपुर में 94 प्रतिशत, राजनांदगांव में 89 प्रतिशत, जांजगीर-चांपा में 88 प्रतिशत, दुर्ग और मुंगेली में 87 प्रतिशत, बालोद में 86 प्रतिशत तथा गरियाबंद और सक्ती में 85 प्रतिशत काम पूर्ण कर लिया गया है। मिशन के तहत बेमेतरा में 84 प्रतिशत, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई और बस्तर में 83 प्रतिशत, कबीरधाम और महासमुंद में 82 प्रतिशत, रायगढ़ में 81 प्रतिशत, कोंडागांव में 79 प्रतिशत, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में 78 प्रतिशत तथा दंतेवाड़ा और बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में 77 प्रतिशत से अधिक काम पूर्ण हो चुके हैं। खारे पानी, भू-जल में भारी तत्वों की मौजूदगी या जल स्तर के ज्यादा नीचे चले जाने की समस्या से जूझ रहे गांवों में स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल की आपूर्ति के लिए 71 मल्टी-विलेज योजनाओं का काम प्रगति पर है। इनके माध्यम से 3234 गांवों के दस लाख से अधिक घरों में पेयजल के लिए सतही (नदी) जल पहुंचाया जाएगा। जल जीवन मिशन के कार्यों के लिए राज्य शासन द्वारा चालू वित्तीय वर्ष के बजट में राज्यांश के रूप में 4500 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।

लेखक: कमलेश साहू, सहायक जन सम्पर्क अधिकारी, रायपुर

  Read More- Landmines, Tanks, Ruins: The Afghanista Taliban Left Behind in 2001 29 IAS-IPS

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें

विज्ञापन