गांव में 4 महीने में 8 ग्रामीणों की संदिग्ध मौत : खजाने के लिए 'बलि' की चर्चा, जहर वाली शराब पिलाकर मर्डर का आरोप, 1 शव कब्र खोदकर निकाला गया
छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के कसडोल थाना क्षेत्र से एक बेहद चौंकाने वाला और रहस्यमयी मामला सामने आया है। यहाँ के ग्राम खरवे में पिछले चार महीनों के भीतर एक-एक कर 8 ग्रामीणों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। पीड़ित परिवारों और ग्रामीणों का आरोप है कि गांव के ही एक व्यक्ति ने इन लोगों को शराब में जहर मिलाकर पिलाया था, जिससे इनकी जान गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और प्रशासन की टीम ने शनिवार को कार्यपालिक मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में एक मृतक की कब्र खुदवाकर शव को बाहर निकाला है। शव के अवशेषों को फॉरेंसिक और पोस्टमॉर्टम जांच के लिए लैब भेजा गया है।
देखिए पहले ये तस्वीरें-

पुलिस ने मेहतरू साहू की कब्र को खुदवाया और जांच के लिए सैंपल लिए।

मौके पर पुलिसकर्मी मौजूद रहे, जिनकी निगरानी में शव बाहर निकाला गया।

कब्र खुदाई के दौरान पीड़ित पक्ष के लोग और ग्रामीण मौजूद रहे।
'हंडा' (खजाने) के लिए नरबलि की चर्चा से गांव में दहशत
इस मामले को लेकर खरवे गांव और आसपास के इलाकों में तरह-तरह की चर्चाएं गर्म हैं। ग्रामीणों के बीच यह बात तेजी से फैल रही है कि आरोपी रामसाय जायसवाल जमीन में गड़े कथित प्राचीन खजाने (हंडा) को हासिल करने के अंधविश्वास में डूबा हुआ था। आशंका जताई जा रही है कि वह इसी कथित खजाने को पाने के लिए तांत्रिक क्रियाओं के तहत एक-एक कर ग्रामीणों की 'बलि' दे रहा था।
हालांकि, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि अंधविश्वास और नरबलि के इस एंगल की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन जांच में इस पहलू को भी शामिल रखा गया है।
अस्पताल पहुंचे एक ग्रामीण के बयान से खुला राज, थाने पहुंचे लोग
इस पूरे रहस्यमयी घटनाक्रम का खुलासा तब हुआ जब हाल ही में 14 मई को गांव के मेहतरू साहू (40 वर्ष) की संदिग्ध हालात में मौत हो गई और परिजनों ने सामान्य मौत मानकर उसके शव को दफना दिया। इसी बीच, गांव के ही एक अन्य ग्रामीण की शराब पीने के बाद अचानक तबीयत बेहद बिगड़ गई। उसे तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के बाद उसकी जान बच गई।
होश में आने पर जब उस ग्रामीण ने शराब को लेकर संदेह जताया, तो ग्रामीणों के कान खड़े हो गए। इसके बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण एकजुट होकर कसडोल थाने पहुंचे। उन्होंने पुलिस को लिखित शिकायत सौंपकर आरोप लगाया कि फरवरी 2026 से लेकर 14 मई 2026 के बीच गांव के रामसाय जायसवाल ने कई लोगों को अपने पास बुलाकर शराब पिलाई थी। इस दौरान शराब पीने वाले कुल 8 लोगों की संदिग्ध तरीके से मौत हो चुकी है।
मशीन से खोदी गई कब्र, सैंपल जांच के लिए रायपुर भेजे गए
ग्रामीणों की शिकायत और भारी आक्रोश को देखते हुए शनिवार को पुलिस-प्रशासन की संयुक्त टीम डॉक्टरों के पैनल के साथ श्मशान घाट पहुंची। वहां जेसीबी मशीन की मदद से मृतक महेतरू साहू की कब्र को खुदवाया गया और पुलिसकर्मियों व परिजनों की निगरानी में शव को बाहर निकाला गया। डॉक्टरों की टीम ने मौत का वैज्ञानिक कारण स्पष्ट करने के लिए विसरा और अन्य जरूरी सैंपल कलेक्ट किए हैं, जिन्हें फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) भेजा जा रहा है।
इन 8 ग्रामीणों की हुई है संदिग्ध मौत
ग्रामीणों द्वारा पुलिस को सौंपी गई सूची के अनुसार, पिछले चार महीनों में जिन लोगों की मौत हुई है, उनमें शामिल हैं:
मेहतरू साहू (40 वर्ष)
बद्री पटेल (40 से 50 वर्ष)
बुटालु साहू (40 से 50 वर्ष)
छत्तूराम साहू (40 से 50 वर्ष)
बुदलू जायसवाल (40 से 50 वर्ष)
विनोद साहू (40 से 50 वर्ष)
गजानन मांझी (40 से 50 वर्ष)
चैतु साहू (40 से 50 वर्ष)
हर पहलू की बारीकी से हो रही जांच: SDOP
कसडोल एसडीओपी (SDOP) कौशल किशोर वासनिक ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि पीड़ित पक्ष की शिकायत पर मर्ग कायम कर हर संभावित पहलू की बारीकी से तफ्तीश की जा रही है। संदिग्ध आरोपी से भी पूछताछ के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि दफनाए गए शव की पोस्टमॉर्टम और फॉरेंसिक लैब की रिपोर्ट आने के बाद ही मौतों के वास्तविक और सटीक कारणों का खुलासा हो सकेगा। फिलहाल गांव में एहतियातन पुलिस बल तैनात है और ग्रामीणों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं।
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