जुर्मनई दिल्लीस्लाइडर

मनरेगा में महाघोटाला: काम किए बगैर वेंडर और पंचायत सेवक ने निकाल लिए पैसे, किसके सह में हुआ कारनामा ?

गिरिडीह. झारखंड के गिरिडीह में महात्‍मा गांधी राष्‍ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी कानून मनरेगा (MGNREGA) में बड़ा घोटाला सामने आया है. यहां काम किए बगैर ही फंड की निकासी करने का मामला सामने आया है. इस अनियमितता का आरोप वेंडर के साथ ही पंचायत सेवक और रोजगार सेवक पर लगा है. BDO ने बताया कि यह मामला उनके संज्ञान में आया है और छानबीन के बाद इस मामले में उचित कार्रवाई की जाएगी.

शर्मनाक वारदात : व्यापारी ने भिखारी महिला से किया दुष्कर्म, फिर कर दी हत्या, CCTV कैमरे में कैद हुई वारदात

निचले स्तर के अधिकारियों के द्वारा काम किए बगैर पैसे की निकासी करने से आलाधिकारी भी सकते में हैं. चौंकाने वाली बात यह है कि निचले स्‍तर के अधिकारी इस तरह की कारगुजारी कर लेते हैं और किसी को इसकी कानों कान खबर त नहीं होती है. इस घोटाले में प्रखंड विकास पदाधिकारी, रोजगार सेवक, पंचायत सेवक और वेंडर्स की अहम भूमिका सामने आती है.

MP में एक और VYAPAM की दस्तक ! अब PGDM कोर्स में सामने आया फर्जीवाड़ा, सरकार को लगा करोड़ों का चूना

इसी तरह का एक मामला जिले के तीसरी प्रखंड के खिजुरी पंचायत में सामने आया है. यहां पर 70 से अधिक डोभा बनाया गया, लेकिन अभी तक एक भी डोभा में बोर्ड नहीं लगा है. हालांकि, बोर्ड लगाने के नाम पर लाखों रुपये की धनराशि वेंडर, पंचायत सेवक और रोजगार सेवक ने मिलकर निकाल लिए.

राजेन्द्रग्राम ब्रेकिंग न्यूज: कोरोना वैक्सीनेशन में लापरवाही बरतने वाले सचिव निलंबित, और सचिवों पर भी गिर सकती है गाज, पंचायत में अव्यवस्था का अंबार

1 बोर्ड पर 3000 रुपये से अधिक का फंड
बताया जाता है कि मनरेगा में एक बोर्ड पर 3000 से अधिक रुपए दिए जाते हैं. कम से कम 70 डोभा पर बोर्ड लगने हैं. वेंडर और पंचायत सेवक ने बोर्ड लगाने के नाम पर पैसे निकाल लिए हैं और इसकी जानकारी लाभुक तक को नहीं है कि उनके डोभे में बनने वाले बोर्ड के पैसे की निकासी हो चुकी है.

राजेंद्रग्राम ब्रेकिंग न्यूज: तेज रफ्तार बोलेरो ने बाइक सवारों को मारी टक्कर, एक युवक की मौके पर मौत, दूसरा गंभीर रूप से जख्मी

हालांकि, जब ऑनलाइन चेक किया गया तब पता चला कि पैसे तो 6 महीना पहले ही निकाल लिया गया है. जब इस घटना की जानकारी ग्रामीणों ने मुखिया के माध्यम से प्रखंड विकास पदाधिकारी को दिया. आरोप है कि अधिकारी भी अभी तक इस मामले को लटका कर रखा है और जांच के नाम पर टालमटोल कर रहे हैं, जबकि मामला साफ सरकारी धनराशि का गबन का है.

बीडीओ बोले- मनरेगा मामले में जल्‍द होगी कार्रवाई
इस घटना को लेकर बीडीओ संतोष प्रजापति ने बताया कि यह मामला उनके संज्ञान में आया है. इसकी जांच की जाएगी. अभी तक हमने 70 में से 3 डोभा चेक किया है, जहां पर पाया गया कि पैसे की निकासी तो कर ली गई है, लेकिन बोर्ड नहीं लगा है. इस पर जल्द ही कार्रवाई की जाएगी और जो पैसे की निकासी की गई है उसकी भी रिकवरी की जाएगी.

read more- Landmines, Tanks, Ruins: The Afghanistan Taliban Left Behind in 2001

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button