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: अनूपपुर में नाबालिग से रेप की वारदात: बोला था-तुमसे शादी करूंगा, लेकिन मुकर गया, लड़की ने बच्चे को दिया जन्म, जानिए कैसे पकड़ाया आरोपी ?

अनूपपुर जिले में एक बार फिर मानवता को शर्मसार करने वाली वारदात उजागर हुई है। भालूमाड़ा थाना क्षेत्र में 15 वर्षीय नाबालिग के साथ शादी का झांसा देकर रेप करने वाला आरोपी आखिरकार पुलिस के शिकंजे में आ गया।

यह मामला जितना संवेदनशील है, उतना ही खतरनाक भी—क्योंकि पीड़िता नाबालिग थी, गर्भवती हुई और अकेले दर्द झेलते हुए उसने एक नवजात को जन्म भी दे दिया। लेकिन आरोपी, जिसके वादों पर उसने भरोसा किया था, उसका भविष्य बर्बाद कर दूर से तमाशा देखता रहा।

यह मामला 13 नवंबर को दर्ज किया गया, जब फुनगा अस्पताल से पुलिस को सूचना दी गई कि प्रसव के लिए भर्ती हुई पीड़िता नाबालिग है और उसके साथ दुष्कर्म हुआ है। यह सूचना ही केस को दिशा देने के लिए काफी थी।

आरोपी की पहचान रामू बैगा (21 वर्ष) पुत्र सोहन बैगा, निवासी बाड़ीखार (वर्तमान निवासी छुलकारी, थाना भालूमाड़ा) के रूप में हुई। पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी में देर नहीं की, क्योंकि अपराध की प्रकृति साफ-साफ बताती थी कि मामले को लटकाना किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं।

थाना प्रभारी उप निरीक्षक विपुल शुक्ला ने टीम के साथ तत्काल दबिश दी और आरोपी को गिरफ्तार करके न्यायालय में पेश कर दिया। अदालत ने बिना देरी किए आरोपी को जेल भेज दिया।

शादी का झांसा… और उसके बाद शुरू हुआ डर, दर्द और धोखा

पीड़िता ने पुलिस को बताया कि रामू बैगा पिछले कई महीनों से उसे शादी का प्रलोभन देता रहा। गांवों में ऐसे मामले अक्सर दबा दिए जाते हैं, पर इस घटना में लड़की ने भरोसा किया और आखिरकार वह गर्भवती हो गई। जब तक स्थिति घरवालों के संज्ञान में आती, तब तक उसकी सेहत बिगड़ चुकी थी और उसे अस्पताल ले जाना पड़ा।

फुनगा अस्पताल में 15 वर्षीय लड़की ने एक नवजात को जन्म दिया। डॉक्टरों ने जब उसकी उम्र की पुष्टि की, तब पूरा मामला सामने आया। अस्पताल प्रबंधन ने तुरंत तहरीर दी, क्योंकि मेडिकल क़ानून के तहत नाबालिग के गर्भवती होने पर दुष्कर्म का मामला अनिवार्य रूप से दर्ज करना होता है। इस तहरीर ने आरोपी के भागने की संभावनाओं को खत्म कर दिया।

पुलिस की तेज कार्रवाई—कानून के आगे अपराधी का बचना नामुमकिन

अस्पताल से मिली रिपोर्ट के बाद भालूमाड़ा पुलिस ने बिना एक पल गंवाए FIR दर्ज की। आरोप गंभीर थे—, नाबालिग से रेप, शादी का झांसा, गर्भवती करना और प्रसव के बाद पीड़िता की हालत बिगड़ना।

यह पूरा मामला न सिर्फ अपराध की क्रूर तस्वीर पेश करता है, बल्कि यह भी बताता है कि ग्रामीण इलाकों में आज भी लड़कियों को कितनी असुरक्षित स्थितियों का सामना करना पड़ता है।

थाना प्रभारी विपुल शुक्ला के नेतृत्व में पुलिस टीम ने सर्च ऑपरेशन चलाया और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी अपने कृत्य से साफ मुकरने की कोशिश करता रहा, पर मेडिकल रिपोर्ट, पीड़िता का बयान और अस्पताल की तहरीर उसके झूठ को पलभर में काटती चली गई।

अदालत ने सीधे आरोपी को जेल भेज दिया—यह साफ संकेत है कि राज्य में नाबालिगों के साथ अपराध को किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

कानून की नज़र में अब आगे क्या?

अब केस पॉक्सो एक्ट (POCSO) के तहत आगे बढ़ रहा है। यह धारा इतनी कठोर है कि आरोपी को लंबे समय तक जेल से बाहर निकलना आसान नहीं होगा। नाबालिग से रेप एक ऐसा अपराध है जिसमें जमानत भी मुश्किल होती है।

समाज के लिए चेतावनी—बेटियों की सुरक्षा सिर्फ कानून से नहीं, जागरूकता से भी आती है

यह घटना उन सभी परिवारों के लिए चेतावनी है जो समाज के दबाव, शर्म या डर की वजह से सच छुपा देते हैं। अगर पीड़िता को समय रहते सुरक्षा और मार्गदर्शन मिला होता, शायद हालात इतने दर्दनाक न होते।

अनूपपुर में हुई यह घटना सिर्फ एक केस फाइल नहीं—यह समाज के सामने रखा गया एक आईना है। झूठे वादों और अंधविश्वास के भरोसे बच्चों की जिंदगी दांव पर नहीं लगाई जा सकती।

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