गरियाबंद में हॉस्टल में छात्र की मौत पर बवाल : नेशनल हाइवे पर चक्काजाम, पिता बोले- अगर समय पर इलाज होता तो बेटा आज जिंदा होता
गिरीश जगत, गरियाबंद। छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में आदिवासी बालक आश्रम, बड़े गोबरा के छात्र राघव मंडावी की मौत से आक्रोशित आदिवासी समाज ने नेशनल हाइवे 130-C पर चक्काजाम कर दिया।
चक्काजाम के कारण सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। समाज के लोग आश्रम अधीक्षक पर कार्रवाई और मृतक छात्र के परिजनों को मुआवजा देने की मांग कर रहे हैं।

जानकारी के अनुसार, ग्राम भाठीगढ़ में संचालित शासकीय आदिवासी बालक आश्रम में रहकर ग्राम गजकन्हार, विकासखण्ड नगरी निवासी छात्र राघव कुमार पढ़ाई कर रहा था।
20 जनवरी को छात्र ने आश्रम के साथियों और कर्मचारियों को तबीयत खराब होने की जानकारी दी और माता-पिता से बात कराने की गुहार लगाई, लेकिन आश्रम कर्मचारियों ने उसकी बातों को अनसुना कर दिया।
बताया जा रहा है कि छात्र की तबीयत लगातार खराब बनी रही। इसके बावजूद समय पर समुचित इलाज नहीं कराया गया।

इलाज के दौरान मौत
पिता ने तत्काल छुट्टी के लिए आवेदन देकर 26 जनवरी की दोपहर अपने बीमार बेटे को घर ले गए। घर पर इलाज कराने के बाद भी कोई सुधार नहीं हुआ, जिसके बाद उसे धमतरी स्थित अस्पताल ले जाया गया। वहां शुक्रवार सुबह 4 बजे छात्र राघव मंडावी की मौत हो गई।
इकलौते बेटे को खोने से हताश पिता ने रो-रोकर कहा कि यदि समय पर इलाज कराया जाता तो आज उनका बेटा जीवित होता।
जनपद सदस्य ने की कार्रवाई की मांग
जनपद सदस्य सुकचंद धुव्र ने आरोप लगाया कि आश्रम अधीक्षक की लापरवाही के चलते राघव की मौत हुई है। उन्होंने बताया कि राघव की तबीयत बिगड़ने पर वे स्वयं परिवार के साथ इलाज कराने धमतरी गए थे, लेकिन छात्र को बचाया नहीं जा सका।
उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
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