गरियाबंद में आसमानी आफत, दर्जनभर गांवों का संपर्क कटा : बगनई नदी की बाढ़ में फंसे 14 मजदूरों ने पेड़ पर काटी पूरी रात; सुबह रेस्क्यू, छुरा में 40 साल पुराना पुल टूटा
छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में पिछले 24 घंटों से जारी मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। जिले के छुरा और फिंगेश्वर तहसील में 100 मिलीमीटर से अधिक बारिश दर्ज होने से नदी-नाले उफान पर हैं।
इस आसमानी आफत के बीच छुरा के वनांचल में एक रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई, जहां नदी के तेज बहाव में फंसे 14 मजदूरों को अपनी जान बचाने के लिए पूरी रात पेड़ पर गुजारनी पड़ी। वहीं, लगातार बारिश के दबाव में एक 40 साल पुराना पुल भरभराकर ढह गया, जिससे दर्जनों गांवों का संपर्क टूट गया है।

बगनई नदी में अचानक आई बाढ़, 4 महिलाओं समेत 14 मजदूरों ने पेड़ पर काटी रात
दिल दहला देने वाली यह घटना विकासखंड छुरा के अंतिम वनांचल क्षेत्र स्थित ग्राम बीजापाल की है। यहां एक निर्माणाधीन पुल के काम में लगे 14 मजदूर (10 पुरुष और 4 महिलाएं) अचानक उस वक्त मुसीबत में फंस गए, जब बगनई नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया।
पानी का बहाव इतना खतरनाक था कि मजदूरों को भागने का मौका नहीं मिला और उन्होंने जान बचाने के लिए नदी किनारे लगे एक बड़े पेड़ का सहारा लिया। नदी में उफान के कारण शनिवार रात को रेस्क्यू करना संभव नहीं था, जिसके चलते इन सभी मजदूरों ने खौफ के साए में भूखे-प्यासे पूरी रात पेड़ की डालियों पर बैठकर काटी।

गरियाबंद-महासमुंद प्रशासन का जॉइंट ऑपरेशन, टला बड़ा हादसा
रविवार सुबह होते ही गरियाबंद और महासमुंद जिला प्रशासन की टीमें सक्रिय हुईं। महासमुंद से आई विशेष रेस्क्यू टीम ने स्थानीय पुलिस और गोताखोरों के सहयोग से संयुक्त रेस्क्यू अभियान शुरू किया। उफनती नदी की तेज लहरों के बीच बचाव दल ने कड़ी मशक्कत के बाद पेड़ पर फंसे सभी 14 मजदूरों को एक-एक कर सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
समय पर मिले इस रेस्क्यू से एक बड़ी अनहोनी टल गई। इस दौरान गरियाबंद कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक (SP) खुद मौके पर मुस्तैद रहकर रेस्क्यू टीम को निर्देश देते रहे।

40 साल पुराना कुसुमबोड़ा पुल टूटा, ओडिशा मार्ग बंद
दूसरी तरफ, छुरा तहसील के कुसमी-छुरा मार्ग पर स्थित बरसाती नाले का करीब 40 साल पुराना कुसुमबोड़ा पुल रविवार सुबह तेज पानी के बहाव में ढह गया। यह पुल लंबे समय से जर्जर था।
पुल टूटने से कोसमी, नवापारा, सारागांव, दुल्ला, चुरकीदादार और बम्हनी सहित दर्जनभर गांवों का छुरा मुख्यालय से संपर्क पूरी तरह कट गया है। चूंकि यही मार्ग पड़ोसी राज्य ओडिशा के नुआपड़ा जिले को भी जोड़ता है, इसलिए अंतरराज्यीय आवागमन और व्यापार भी ठप हो गया है।

कुम्हार पारा जलमग्न, रातभर पानी निकालने में जुटे रहे लोग
भारी बारिश का असर फिंगेश्वर नगर में भी देखने को मिला, जहां के कुम्हार पारा में भीषण जलभराव हो गया। कई कुम्हार परिवारों के घरों और कारखानों में पानी घुसने से दीवाली और अन्य त्योहारों के लिए तैयार किए गए मिट्टी के सैकड़ों बर्तन बह गए और नष्ट हो गए।
प्रभावित परिवार रातभर अपने घरों से बाल्टियों से पानी निकालने को मजबूर रहे। हालात बिगड़ते देख नगर पंचायत ने सुबह पोकलेन मशीन लगाकर पानी की निकासी शुरू करवाई, तब जाकर लोगों को थोड़ी राहत मिली। जिला प्रशासन ने हाई अलर्ट जारी करते हुए लोगों से नदी-नालों से दूर रहने की अपील की है।
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