Logo
Breaking News Exclusive
शहडोल में पिता-बेटी की मौत, पत्नी आईसीयू में भर्ती, ऑनलाइन गेम की लत बनी वजह? अनूपपुर, कोतमा और वेंकटनगर में रुकेंगी तीन एक्सप्रेस ट्रेनें, जानिए कौन सी है वो ट्रेनें? जिला अस्पताल में डिलीवरी के नाम पर वसूली, दो नर्स सस्पेंड, वीडियो वायरल गुरुघासीदास सेंट्रल यूनिवर्सिटी में छात्रों के दो गुटों में मारपीट, वीडियो वायरल जाति पूछकर बदसलूकी, कर्मचारियों पर पैसे मांगने का आरोप, VIDEO वायरल भूपेश ने गाया-मुसवा बिन घोटाला ना होए विष्णु, भाजपा ने कहा- पकड़ागे मुसवा मन रे कंटेनर में छिपाकर ले जाया जा रहा था 900 किलो गांजा, जानिए कैसे पकड़ाए प्राइवेट पार्ट में लात मारने का आरोप, आंख-कान में चोट और ब्लीडिंग, 2 शिक्षक गिरफ्तार शिक्षा-स्वास्थ्य, कृषि और अधोसंरचना पर बड़ा फोकस, जानिए सरगुजा से लेकर बस्तर तक किसे क्या मिला? 18 लठ्ठे और आरा जब्त, मुख्य सरगना फरार, खेत में चल रहा था खेल शहडोल में पिता-बेटी की मौत, पत्नी आईसीयू में भर्ती, ऑनलाइन गेम की लत बनी वजह? अनूपपुर, कोतमा और वेंकटनगर में रुकेंगी तीन एक्सप्रेस ट्रेनें, जानिए कौन सी है वो ट्रेनें? जिला अस्पताल में डिलीवरी के नाम पर वसूली, दो नर्स सस्पेंड, वीडियो वायरल गुरुघासीदास सेंट्रल यूनिवर्सिटी में छात्रों के दो गुटों में मारपीट, वीडियो वायरल जाति पूछकर बदसलूकी, कर्मचारियों पर पैसे मांगने का आरोप, VIDEO वायरल भूपेश ने गाया-मुसवा बिन घोटाला ना होए विष्णु, भाजपा ने कहा- पकड़ागे मुसवा मन रे कंटेनर में छिपाकर ले जाया जा रहा था 900 किलो गांजा, जानिए कैसे पकड़ाए प्राइवेट पार्ट में लात मारने का आरोप, आंख-कान में चोट और ब्लीडिंग, 2 शिक्षक गिरफ्तार शिक्षा-स्वास्थ्य, कृषि और अधोसंरचना पर बड़ा फोकस, जानिए सरगुजा से लेकर बस्तर तक किसे क्या मिला? 18 लठ्ठे और आरा जब्त, मुख्य सरगना फरार, खेत में चल रहा था खेल

: हाथियों की थाप से थर्राया जिला: छत्तीसगढ़ से अनूपपुर पहुंचा 40 हाथियों का दल, महीने भर पहले गजराजों ने ली थी 3 की जान

MP CG Times / Mon, Sep 27, 2021

अनूपपुर। अनूपपुर जिले के डूमर कछार नगर पंचायत और बिजुरी वन परिक्षेत्र के टांकी बीट में छत्तीसगढ़ के सीमावर्ती जिले मरवाही क्षेत्र के जंगल से लगभग 40 हाथियों के दल ने दस्तक दी है. अनूपपुर जिले के सीमावर्ती वन परिक्षेत्र में जैसे हाथियों के ने दस्तक दी. वैसे ही वन विभाग ने टाकी के जंगली एरिया में बसे गांव में अलर्ट जारी कर दिया. साथ ही जंगल से सटे आसपास के गांव को खाली करा दिया गया है. इसके पहले बिजुरी वन परिक्षेत्र अंतर्गत हाथियों के झुंड ने खेत ताक रहे किसान के परिवार पर हमला कर 3 लोगों को मौत के घाट उतार दिया था, जिसके बाद हाथियों का दल छत्तीसगढ़ लौट गया था. अब सोमवार को छत्तीसगढ़ से हाथियों का बड़ा दल अनूपपुर जिले के सीमावर्ती गांव में प्रवेश किया है, जिससे लोगों में हाथी के दल को लेकर डर का माहौल है. वन विभाग ने जंगल में प्रवेश पर लगाई पाबंदी छत्तीसगढ़ से अनूपपुर जिले में जैसे ही हाथियों ने प्रवेश किया वैसे ही आसपास के इलाकों को वन विभाग द्वारा अलर्ट जारी कर वन परिक्षेत्र में प्रवेश पर पाबंदी लगा दी है. छत्तीसगढ़ से आए आधा सैकड़ा हाथियों के दल में करीब आधा दर्जन शावक भी होना बताया जा रहा है, जो की चिंता का विषय है. हाथी के शवकों के होने के कारण हाथों का समूह ज्यादा हिंसात्मक रहता है. इसलिए वन विभाग की टीम न् सतर्कता से काम लेते हुए आसपास के इलाकों में अलर्ट जारी कर प्रभावित क्षेत्रों को खाली करा दिया गया है. हफ्ते भर से मरवाही जिले में था हाथियों का ठहराव हाथियों के इस दल ने छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले से मरवाही वनमंडल की सीमा में दस्तक दी और बेलझिरिया बस्ती के किसानों की फसलों को रौंद डाली. करीब आठ किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचाया है. यह हाथी का दल हफ्ते भर से मरवाही वन परिक्षेत्र में परिभ्रमण कर रहा था, जिसके बाद सोमवार को मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले में प्रवेश कर 1 प्रसिद्ध बिजली के सीमावर्ती गांव में अब इन हाथी के झुंड को देखा गया है. फिलहाल छत्तीसगढ़ की सीमा से लगे गांव अभी भी अलर्ट में रखे गए हैं. जहां वन विभाग की टीम द्वारा नजर रखी जा रही है. रातभर गश्त तो की गई मुनादी भी की गई, लेकिन लोग हाथियों की फोटो, सेल्फी और वीडियो बनाने के चक्कर में जान जोखिम में डालते हुए नजर आए. कुछ दिन पहले ही छत्तीसगढ़ में हाथी प्रभावित वनमंडलों के अधिकारियों की बैठक में इस प्रकार जान जोखिम में डालकर सेल्फी लेने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्णय लिया गया था. https://youtu.be/TQkVchF5ohk 1 महीने पूर्व हाथी के दल ने ली थी 3 की जान बीते दिन 25 अगस्त बुधवार की रात्रि में अनूपपुर जिले के बिजुरी वन परिक्षेत्र अंतर्गत हाथियों ने बेलगांव बीट के गांव से बाहर रह रहे केवट परिवार पर हमला कर एक ही परिवार के तीन सदस्यों को कुचल कर मार डाला था, जिसमें मृतक सदस्यों में गया प्रसाद केवट, मुन्नीबाई बाई केवट और 4 साल का नाती मासूम राजकुमार शामिल थे, जिसको वन विभाग ने मृतक परिवार को 12 लाख की सहायता राशि प्रदान की गई थी.
read more- Landmines, Tanks, Ruins: The Afghanistan Taliban Left Behind in 2001 छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें मध्यप्रदेश की खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें खेल की खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें मनोरंजन की खबरें पढ़ने के लिए करें क्लिक

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें

विज्ञापन