दिल्ली में 'यमदूत' बनी आग, बिल्डिंग में जिंदा जले 9 लोग : डेढ़ साल के मासूम और 4 महिलाओं की मौत, AC ब्लास्ट की आशंका
दिल्ली के शाहदरा के विवेक विहार इलाके में रविवार तड़के एक चार मंजिला रिहायशी बिल्डिंग 'कब्रगाह' बन गई। सुबह करीब 3:45 बजे लगी भीषण आग में एक ही परिवार के सदस्यों समेत 9 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई।
मृतकों में 4 पुरुष, 4 महिलाएं और एक महज 18 महीने का बच्चा शामिल है। आग इतनी भयावह थी कि शव कंकाल बन चुके हैं, जिनकी पहचान अब DNA टेस्ट के जरिए की जाएगी।

छत की ओर भागे, लेकिन दरवाजा बंद मिला
दिल्ली पुलिस और फायर ब्रिगेड की शुरुआती जांच में मौत का खौफनाक मंजर सामने आया है। आशंका है कि आग लगने के बाद दम घुटने से बचने के लिए लोग छत की तरफ भागे थे, लेकिन ऊपर का दरवाजा बंद होने के कारण वे वहीं फंस गए और जिंदा जल गए।
पहले फ्लोर से 1 शव, दूसरे फ्लोर से 5 शव (एक ही परिवार के) और सीढ़ियों से 3 शव बरामद किए गए हैं।
जैन परिवार के 5 सदस्यों की मौत, पोते को भी नहीं बचा सके
हादसे में दूसरे और तीसरे फ्लोर पर रहने वाले जैन परिवार को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है।
दूसरा फ्लोर: अरविंद जैन (60), पत्नी अनीता (58), बेटा निशांत (35), बहू आंचल (33) और डेढ़ साल के पोते आकाश की मौत हो गई।
तीसरा फ्लोर: नितिन जैन (50), पत्नी शैले (48) और बेटा सम्यक (25) की जान चली गई।
पहला फ्लोर: शिखा जैन (45) की मौत हुई, जबकि उनके पति नवीन जैन गंभीर रूप से घायल हैं।
ग्रिल और रॉड बनीं 'काल', रेस्क्यू में आई बाधा
दिल्ली फायर सर्विस (DFS) के अधिकारी मुकेश वर्मा के मुताबिक, बिल्डिंग के हर फ्लोर पर दो 4BHK फ्लैट्स हैं।
कुछ लोग शॉर्ट सर्किट बता रहे हैं, तो कुछ का कहना है कि AC में धमाके के बाद आग फैली।
खिड़कियों और बालकनी पर मजबूत लोहे की ग्रिल और रॉड लगी थीं। इस वजह से लोग बाहर नहीं कूद पाए और फायर फाइटर्स को अंदर घुसने में भारी मशक्कत करनी पड़ी।
4 घंटे की मशक्कत के बाद 15 लोगों को सुरक्षित निकाला गया। एक घायल व्यक्ति 30% झुलस चुका है।
स्थानीय पार्षद पंकज लूथरा ने बताया कि, शव इतने बुरे हाल में हैं कि यह बता पाना भी मुश्किल है कि कौन पुरुष है और कौन महिला। शिनाख्त के लिए DNA सैंपल ही एकमात्र रास्ता बचा है।
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