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: Reservation Bill: राजभवन-राज्य सरकार के बीच बढ़ा तनाव, सीएम भूपेश ने लगाया बड़ा आरोप

News Desk

News Desk / Tue, Jan 3, 2023

Reservation Bill: राजभवन-राज्य सरकार के बीच बढ़ा तनाव, सीएम भूपेश ने लगाया बड़ा आरोप

रायपुर: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आरक्षण संशोधन विधेयकों पर राज्यपाल की सहमति में कथित देरी को लेकर मंगलवार को राजभवन की आलोचना की। उन्होंने कहा कि राजभवन ने राज्य सरकार से सवाल पूछकर अपनी संवैधानिक शक्तियों से बाहर जाकर काम किया है। बघेल ने कहा कि राज्यपाल अनुसुइया उइके या तो विधेयकों पर हस्ताक्षर करें या उन्हें राज्य सरकार को लौटा दें। मुख्यमंत्री ने रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में मंगलवार को कांग्रेस के 'जन अधिकार महारैली' को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने आरक्षण के पक्ष में उनकी सरकार की पहल के बारे में जानकारी दी तथा पिछले महीने विधानसभा द्वारा पारित दो आरक्षण संशोधन विधेयकों को राज्यपाल की मंजूरी में "देरी" को लेकर विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को घेरा।

बघेल ने इस दौरान विपक्षी दल भाजपा पर राजभवन के माध्यम से छत्तीसगढ़ के लोगों को आरक्षण का लाभ लेने से रोकने की कोशिश करने का आरोप लगाया। छत्तीसगढ़ विधानसभा में तीन दिसंबर को छत्तीसगढ़ लोक सेवा (अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों और अन्य पिछड़ा वर्गों के लिए आरक्षण) संशोधन विधेयक, 2022 और छत्तीसगढ़ शैक्षणिक संस्थान (प्रवेश में आरक्षण) संशोधन विधेयक 2022 पारित किया गया था। विधेयकों के अनुसार राज्य में अनुसूचित जनजाति को 32 प्रतिशत, अन्य पिछड़ा वर्ग को 27 प्रतिशत, अनुसूचित जाति को 13 प्रतिशत और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के लिए चार प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया गया है।

राजभवन और सरकार के बीच बढ़ा तनाव
विधेयकों पर राज्यपाल की सहमति में देरी ने राजभवन और राज्य सरकार के बीच तनाव को बढ़ा दिया है। सभा को संबोधित करते हुए बघेल ने कहा, ''विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका के अलग-अलग कार्य हैं और संविधान में उनकी जिम्मेदारियों को परिभाषित किया गया है। राजभवन राज्य सरकार (आरक्षण विधेयकों पर) से सवाल पूछकर अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर काम कर रहा है। संविधान के अनुच्छेद 200 में स्पष्ट उल्लेख है कि या तो राज्यपाल विधेयकों को स्वीकृति देता है या विधानसभा को वापस कर देता है।''

अधिकार रोकने की कोशिश
उन्होंने कहा कि विधायकों द्वारा लोगों के हित में विधानसभा में पारित विधेयकों को राजभवन में रोक दिया गया है। बघेल ने कहा, ‘‘भाजपा ने राजभवन को राजनीति का अखाड़ा बना दिया है और आरक्षण के लाभ को रोकने की कोशिश कर रही है, जो आपका अधिकार है।’’ उन्होंने कहा कि राज्यपाल ने कहा था कि वह विधानसभा द्वारा पारित किए जाने के एक मिनट के भीतर आरक्षण विधेयकों को मंजूरी दे देंगी, लेकिन एक महीने से अधिक समय हो गया है, विधेयक अभी भी उनकी सहमति के लिए लंबित हैं।
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हमने सभी सवालों के जवाब दिए
मुख्यमंत्री ने कहा, ''आरक्षण विधेयकों को राज्य के लोगों का समर्थन प्राप्त है। या तो आप (राज्यपाल) इस पर हस्ताक्षर कर दें या इसे (विधानसभा को) लौटा दें। लेकिन वह इनमें से कुछ भी नहीं कर रही हैं और इसके बजाय हमसे सवाल पूछ रही हैं। हमने उनके सभी सवालों का जवाब भी दिया है।'' उन्होंने इस दौरान भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर रोजगार छीनने, आरक्षण खत्म करने की कोशिश करने और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों को बेचने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, ''वे (भाजपा) आरक्षण के खिलाफ हैं और नहीं चाहते कि इसका लाभ लोगों तक पहुंचे।'' रैली में पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस की राज्य प्रभारी कुमारी शैलजा, राज्य मंत्रिमंडल के सदस्य तथा पार्टी के नेता और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौजूद थे।


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