: बंद घर से चोरी हो गए 40 करोड़ रुपये, आयकर विभाग की रेड से बचने के लिए कारोबारियों ने नौकर के यहां छुपाया था पैसा
कब पड़ी थी रेड
छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले मे 9 नवंबर को आयकर विभाग की टीम ने कुछ व्यापारियों के यहां छापा मारा था। जहां बड़ी मात्रा में कला धन मिला था। लेकिन कुछ व्यापारियों ने आयकर विभाग की आंखों मे धूल झोंककर काला धन अपने नौकरों के यहां छिपा दिया था। लेकिन अचानक 40 करोड़ रुपए चोरी होने की खबर मिलने के बाद व्यापारी परेशान हो गए और आसपास के घरों में तलाशी शुरू कर दी। इस पूरे मामले मे ग्राम पंचायत हरेठी मे स्थित रूई भंडार दुकान के संचालक पुष्पेंद्र देवांगन ने 19 नवंबर को एसपी से शिकायत की है और परिवार को सुरक्षा देने की मांग की है।
क्या है मामला
दरअसल, पीड़ित पुष्पेंद्र देवांगन ने अपनी शिकायत मे बताया कि 15 नवंबर को 10 बजे के आसपास उसके दुकान में सक्ती पुलिस सहित सक्ती के व्यापारी अरुण कुमार अग्रवाल, अनिल कुमार अग्रवाल, कांग्रेस नेता एवं भूतपूर्व नगर पालिका अध्यक्ष श्यामसुंदर जबरदस्ती आकर सीसीटीवी को खंगालने लगे और सीसीटीवी फुटेज को डिलीट मारने की कोशिश की गई। उसके हार्ड डिस्क को ले जाने की बात की गई। पीड़ित ने जब इसका विरोध किया तो व्यापारियों ने जान से मारने की धमकी दी गई है। पीड़ित को बलात्कार और चोरी के झूठे केस में फंसाने की धमकी दी गई।
SDOP और आरक्षक पर लगे गंभीर आरोप
श्रीनाथ रूई भंडार के संचालक पुष्पेंद्र देवांगन ने आरोप लगाया कि सक्ती एसडीओपी तस्लीम आरीफ ने बलात्कार और चोरी के आरोप में फंसा देने की धमकी दी। वहीं, आरक्षक भागवत श्रीवास्तव पर आरोप है कि जबरिया दुकान में घुसकर उसने सीसीटीवी का सीडीआर चेक किया। बिना एफआईआर के परिजनों से पूछताछ की। जबरिया हार्ड डिस्क भी ले जाने की कोशिश की गयी।
करोड़ों के लेनदेन की चर्चा
क्षेत्र में इस बात की चर्चा है कि इस पूरे प्रकरण में करोड़ों का खेल चला है। सूत्र बताते हैं कि 40 करोड़ की तलाश में पुलिस बिना शिकायत और एफआईआर दर्ज किये ही जांच में जुट गयी। देर रात तक पुलिस ने चोर को पकड़ भी लिया और फिर उसके एवज में 1.30 करोड़ इनाम भी पाये। एडिशनल एसपी गीता सिंह ने इस पूरे मामले मे कड़ी कार्यवाही करने की बात कही। इस मामले में एक कारोबारी पुष्पेंद्र देवांगन ने एसपी एमआर अहिरे से शिकायत की है।
रिपोर्ट- सोमेश पटेल
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