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: दूध पीते नाग-नागिन, देखने उमड़ी भीड़: डसने से एक ग्रामीण की मौत, जानिए आस्था या अंधविश्वास ?

Korea A pair of snakes drinking milk: छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में दूध पीता नाग-नागिन का एक जोड़ा लोगों के लिए आस्था का केंद्र बना हुआ है. करीब एक हफ्ते से लोग गांव के तालाब में मौजूद सांपों को दूध पिलाने आ रहे हैं. ग्रामीण अपने हाथों से सांप को दूध पिला रहे हैं और शरारतें भी कर रहे हैं. बताया जा रहा है कि चार दिन पहले इसी सांप के काटने से एक ग्रामीण की मौत हो गई थी, फिर भी आस्था कम नहीं हुई है. वन्य जीव विशेषज्ञ डॉ. सीके मिश्रा ने बताया कि सांप को दूध पिलाना खतरनाक है, सांप दूध नहीं पीते। आवाज सुनकर सांपों का एक जोड़ा तालाब के किनारे आता है जानकारी के मुताबिक कोरिया जिला मुख्यालय से 10 किलोमीटर दूर ग्राम पंचायत चारपारा के तालाब में करीब एक सप्ताह पहले नाग-नागिन का जोड़ा आ गया था. सांपों का यह जोड़ा लोगों की आवाज सुनकर तालाब के किनारे आ जाता है. दूध पीने के बाद सांप वापस पानी में चला जाता है ग्रामीण श्रद्धापूर्वक सांप को दूध पिला रहे हैं, दूध पीने के बाद सांप वापस पानी में चला जाता है। सांप के दूध पीने की खबर जैसे ही गांव में फैली, आसपास के गांवों से लोग यहां पहुंचने लगे. पड़ोसी जिले सूरजपुर, चिरमिरी से भी लोग यहां पहुंच रहे हैं। उसी सांप के काटने से ग्रामीण की मौत हो गई लोग तालाब में सांप के जोड़े के साथ अठखेलियां भी कर रहे हैं. पांच दिन पहले इसी गांव के अमर सिंह (40) सांप के एक जोड़े के पास आ गए थे. नशे की हालत में उसने सांप को पकड़कर गले में डाल लिया और तालाब से बाहर जा रहा था. वह सांप को मारने के लिए कह रहा था. सांप ने उसे काट लिया. ग्रामीण उसे अस्पताल ले गए, लेकिन उसकी मौत हो गई। लोग इसे दैवीय चमत्कार मानकर पूजा कर रहे हैं चारपारा गांव में नाग-नागिन के जोड़े को लोग दैवीय चमत्कार मानते हैं. लोग नाग की पूजा से लेकर मंदिर बनाने तक हर मुद्दे पर बात कर रहे हैं. जब यह खबर फैली तो आस-पास के गांवों से और यहां तक कि दूर-दूर से भी लोग दूध पिलाने के लिए तालाब के पास आने लगे। सांप नहीं पीता दूध, स्थिति है खतरनाक! अंबिकापुर के वन्य जीव विशेषज्ञ चंद्र कुमार मिश्रा ने बताया कि सांप पूरी तरह से मांसाहारी होते हैं। यह कोबरा सांपों का एक जोड़ा है जो बेहद जहरीली प्रजाति है। प्राकृतिक रूप से सांपों का शरीर दूध पीने के लिए नहीं बल्कि कीड़ों और छोटे जीवों को पचाने के लिए बना होता है। विशेषज्ञ चंद्र कुमार मिश्र ने कहा कि यह समय सांपों के मिलन का है. इसी वजह से कई जगहों पर सांपों के जोड़े देखे जा सकते हैं. जिस तरह से लोग सांपों को दूध पिलाने के लिए उनके पास आ रहे हैं, ये अंधविश्वास भी है और खतरनाक भी. इन सांपों को तालाब से निकालकर जंगल में छोड़ देना चाहिए, ताकि कोई और हादसा न हो. Read more- Landmines, Tanks, Ruins: The Afghanista Taliban Left Behind in 2001 29 IAS-IPS

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