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अनूपपुर में सिस्टम की नाकामी से टूटा युवक? : जमीन विवाद में प्रशासन की चुप्पी, सुसाइड नोट लिख युवक ने की आत्महत्या, परिजनों ने शव रखकर किया चक्काजाम
Wed, Dec 24, 2025
मध्यप्रदेश के अनूपपुर जिले में प्रशासनिक उदासीनता और लगातार प्रताड़ना से परेशान एक युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना से आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने शव को भालूमाड़ा रोड पर रखकर करीब पांच घंटे तक चक्काजाम किया। प्रशासन द्वारा उचित कार्रवाई का आश्वासन दिए जाने के बाद चक्काजाम समाप्त हुआ।
यह मामला अनूपपुर जिले के कोतमा थाना क्षेत्र का है। वार्ड क्रमांक 11, कोतमा निवासी सीताराम सिंह का शव बीती रात थाना क्षेत्र के जंगल में एक पेड़ पर फांसी के फंदे से लटका मिला। सूचना मिलने पर कोतमा पुलिस मौके पर पहुंची और शव को नीचे उतारकर जांच शुरू की।
सुसाइड नोट में जमीन कब्जे का आरोप
पुलिस को मृतक की जेब से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ है। सुसाइड नोट में सीताराम सिंह ने स्पष्ट रूप से उल्लेख किया है कि विनोद पटेल और कामता पटेल ने उसकी जमीन पर अवैध कब्जा कर लिया था। मृतक ने इस संबंध में कोतमा नगर पालिका में कई बार शिकायत की थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ नहीं उठा सका मृतक
परिजनों के अनुसार, सीताराम सिंह प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभार्थी था और उसके खाते में एक लाख रुपये की राशि भी जमा हुई थी। हालांकि जमीन विवाद के चलते वह अपने घर का निर्माण नहीं कर सका। परिजनों ने आरोप लगाया है कि नगर पालिका द्वारा उसका बैंक खाता भी लॉक करवा दिया गया था, जिससे वह लंबे समय से मानसिक तनाव में था।
17 दिसंबर से था लापता, न्याय की मांग पर सड़क पर उतरे लोग
परिजनों ने बताया कि सीताराम सिंह 17 दिसंबर से लापता था। शव मिलने की सूचना के बाद परिजन और ग्रामीण आक्रोशित हो गए और न्याय की मांग को लेकर भालूमाड़ा रोड पर चक्काजाम कर दिया।
मौके पर पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियों ने निष्पक्ष जांच, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और उचित सहायता का आश्वासन दिया, जिसके बाद करीब पांच घंटे बाद चक्काजाम समाप्त हुआ। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।