सड़क पर आ गया टाइगर
- फोटो : अमर उजाला
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पेंच टाइगर रिजर्व के बफर एरिया से लगे चौरई के लक्खा पिपरिया में मुख्य मार्ग पर अचानक टाइगर ने दस्तक दे दी, जिससे यहां से गुजर रहे राहगीरों के होश उड़ गए। बकायदा शाही अंदाज में जंगल के राजा यहां बीच सड़क पर बैठ गए, जिसके बाद यहां पर मौजूद हर किसी की सांसे थम गईं।
हालांकि, 30 मिनट के बाद बाघ ने यहां से कूच करते हुए पास ही लगे गेहूं के खेत से जंगल की तरफ चला गया। तब कहीं जाकर लोगों ने राहत की सांस ली। गौर करें तो इस वयस्क बाघ की मूवमेंट पिछले एक महीने से चौरई के कोर एरिया क्षेत्र में बनी हुई है, जो लगातार आसपास के इलाके में मवेशियों को अपना निशाना बना रहा है। दो दिन पहले ही बाघ ने देवरी में एक किसान के बछड़े पर हमला किया था। बाद में अचानक दो दिन बाद ही लक्खा पिपरिया पर छिंदवाड़ा सिवनी बाइपास के पास बाघ की मूवमेंट होने से इस क्षेत्र के किसान रात के समय खेतों की सिंचाई करने जाने से डर रहे हैं। हालांकि कुछ किसान खेतों में आग लगाकर बाघ से बचने की युक्ति भी ढ़ूढ़ते नजर आ रहे हैं।
वन विभाग के खड़े हुए कान, पूरे क्षेत्र में बढ़ाई गश्त...
बाघ का रिहायशी इलाके में मूवमेंट की खबर सामने आते ही वन महकमा अलर्ट नजर आ रहा है। पूरे क्षेत्र में वन विभाग अलर्ट पर है। खासकर बाघ को शिकारियों से बचाने के लिए हर तरह से मूवमेंट पर नजर रखी जा रही है। लेकिन यहां परेशानी बात यह है कि बाघ अब तक सिर्फ राहगीरों को ही नजर आया है, अब तक बाघ किसी भी वनकर्मी को नहीं दिखा है। यदा-कदा उसके पगमार्ग जरूर देखने को मिल रहे हैं।
गेरहटिया, सांख, कोनापिंडरई और हरदुआ के पास सबसे ज्यादा मूवमेंट...
वन विभाग के मुताबिक, बाघ की सबसे ज्यादा लोकेशन ग्रेहटिया, सांख, कोनापिंडरई और हरदुआ के पास देखने को मिल रही है। ऐसे में ये क्षेत्र संवेदनशील माने जाते हैं, लेकिन 12 घंटे से बाघ चौरई नगर में मूवमेंट कर रहा है, जो वन विभाग के लिए परेशानी का कारण बन रहा है।
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पेंच टाइगर रिजर्व के बफर एरिया से लगे चौरई के लक्खा पिपरिया में मुख्य मार्ग पर अचानक टाइगर ने दस्तक दे दी, जिससे यहां से गुजर रहे राहगीरों के होश उड़ गए। बकायदा शाही अंदाज में जंगल के राजा यहां बीच सड़क पर बैठ गए, जिसके बाद यहां पर मौजूद हर किसी की सांसे थम गईं।
हालांकि, 30 मिनट के बाद बाघ ने यहां से कूच करते हुए पास ही लगे गेहूं के खेत से जंगल की तरफ चला गया। तब कहीं जाकर लोगों ने राहत की सांस ली। गौर करें तो इस वयस्क बाघ की मूवमेंट पिछले एक महीने से चौरई के कोर एरिया क्षेत्र में बनी हुई है, जो लगातार आसपास के इलाके में मवेशियों को अपना निशाना बना रहा है। दो दिन पहले ही बाघ ने देवरी में एक किसान के बछड़े पर हमला किया था। बाद में अचानक दो दिन बाद ही लक्खा पिपरिया पर छिंदवाड़ा सिवनी बाइपास के पास बाघ की मूवमेंट होने से इस क्षेत्र के किसान रात के समय खेतों की सिंचाई करने जाने से डर रहे हैं। हालांकि कुछ किसान खेतों में आग लगाकर बाघ से बचने की युक्ति भी ढ़ूढ़ते नजर आ रहे हैं।
वन विभाग के खड़े हुए कान, पूरे क्षेत्र में बढ़ाई गश्त...
बाघ का रिहायशी इलाके में मूवमेंट की खबर सामने आते ही वन महकमा अलर्ट नजर आ रहा है। पूरे क्षेत्र में वन विभाग अलर्ट पर है। खासकर बाघ को शिकारियों से बचाने के लिए हर तरह से मूवमेंट पर नजर रखी जा रही है। लेकिन यहां परेशानी बात यह है कि बाघ अब तक सिर्फ राहगीरों को ही नजर आया है, अब तक बाघ किसी भी वनकर्मी को नहीं दिखा है। यदा-कदा उसके पगमार्ग जरूर देखने को मिल रहे हैं।
गेरहटिया, सांख, कोनापिंडरई और हरदुआ के पास सबसे ज्यादा मूवमेंट...
वन विभाग के मुताबिक, बाघ की सबसे ज्यादा लोकेशन ग्रेहटिया, सांख, कोनापिंडरई और हरदुआ के पास देखने को मिल रही है। ऐसे में ये क्षेत्र संवेदनशील माने जाते हैं, लेकिन 12 घंटे से बाघ चौरई नगर में मूवमेंट कर रहा है, जो वन विभाग के लिए परेशानी का कारण बन रहा है।
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