: Chhattisgarhg: भूपेश बघेल पर वार के साथ अमित शाह का छत्तीसगढ़ में चुनावी शंखनाद, मुश्किल हो सकती है CM की डगर
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री भूपेश बघेल। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने शनिवार को कोरबा में आमसभा के बहाने छत्तीसगढ़ में चुनाव का बिगुल फूंक दिया है। शाह ने अपने भाषण में सीधे-सीधे मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर हमला कर अपने इरादे भी स्पष्ट कर दिए। अमित शाह की बात से साफ हो गया कि भाजपा 2023 के विधानसभा चुनाव में भ्रष्टाचार और विकास के साथ आदिवासी व पिछड़ा वर्ग के मुद्दे को चुनावी हथियार बनाएगी। छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव को अभी करीब दस महीने बाकी हैं।
आदिवासियों को दिया संदेश
अमित शाह ने अपनी सभा के लिए कोरबा लोकसभा क्षेत्र चुना। कोरबा लोकसभा भले सामान्य सीट है, परंतु यहां आदिवासी वोटर काफी संख्या में है। इस लोकसभा में आने वाले मरवाही, कोरिया और बैकुंठपुर इलाके आदिवासी बहुल हैं। 2019 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस आदिवासी वोटों की बदौलत भाजपा को यहां मात देने में कामयाब हुई थी। अमित शाह ने अपने भाषण में द्रौपदी मुर्मू को राष्ट्रपति बनाए जाने का जिक्र कर आदिवासियों के लिए भाजपा के काम का संदेश वोटरों को दिया।
पिछड़ा वर्ग-आदिवासियों पर सीएम टारगेट
छत्तीसगढ़ में सरगुजा, जशपुर और बस्तर ट्राइबल इलाके हैं और राज्य में 29 सीटें आदिवासियों के लिए सुरक्षित हैं। अभी भाजपा के पास केवल दो आदिवासी विधायक हैं। अमित शाह ने अन्य पिछड़े वर्ग के आरक्षण का मुद्दा भी छेड़ा। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल अन्य पिछड़ा वर्ग को 27 फीसदी आरक्षण देकर अपना वोट बैंक मजबूत करने की रणनीति पर बढ़ते दिख रहे हैं , ऐसे में अमित शाह ने केंद्र सरकार द्वारा नवोदय विद्यालयों में ओबीसी को 27 फीसदी आरक्षण का राग छेड़ दिया।
भ्रष्टाचार पर भूपेश को खड़ा किया कटघरे में
अमित शाह ने डीएमएफ में नौ हजार करोड़ से अधिक की गड़बड़ी का आरोप लगाकर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर सीधा हमला किया। साथ में यह चेतावनी भी दे दी कि भाजपा सरकार कांग्रेस के भ्रष्टाचार का हिसाब करेगी। विकास ठप होने से लेकर बलात्कार, हिंसक और नक्सल घटनाएं बढ़ने का आरोप मढ़कर केंद्रीय गृहमंत्री ने राज्य के मुख्यमंत्री को कटघरे में खड़ा कर दिया। इससे माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में भूपेश बघेल पर संकट के बादल गहराएंगे।
डीएमएफ फंड से राज्य सरकार आत्मानंद स्कूलों के संचालन से लेकर कई काम कर रही है, ऐसे में आने वाले दिनों में भारत सरकार डीएमएफ फंड पर नकेल लगाती है तो राज्य के सामने नई चुनौती कड़ी हो जाएगी। केंद्रीय गृहमंत्री ने चार साल के कांग्रेस राज में कांग्रेस नेताओं के विकास का भी हवाला दिया। अमित शाह ने साफ कहा कि नौ हजार करोड़ कांग्रेस के भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया।
भूपेश पर वार भाजपा की मजबूरी
अमित शाह ने 2023 में राज्य में भाजपा की सरकार और 2024 में केंद्र में मोदी की सरकार बनाने के लिए लोगों आव्हान किया और कमल छाप का बटन दबाने के लिए लोगों से आग्रह किया। उन्होंने अपने भाषण में मोदी सरकार की नीतियों और योजनाओं को चुन-चुनकर गिनाया और 15 साल में रमन राज में विकास का गुणगान भी किया। चावल वितरण का मुद्दा उठया। शाह ने छत्तीसगढ़ के धान के कटोरे और खनिज की प्रचुरता का भी जिक्र किया।
भूपेश-शाह के बीच चुनावी शह-मात
2023 में राज्य में विधानसभा चुनाव में जीत के लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर वार भाजपा की मजबूरी है। भूपेश बघेल ने जिस तरह छत्तीसगढ़ियावाद और छत्तीसगढ़िया संस्कृति को लेकर जमीनी पैठ बनाई है, उसको ध्वस्त करने के लिए भ्रष्टाचार भाजपा के लिए बड़ा अस्त्र है। ऊर्जा नगरी कोरबा कोयले कारोबार का बड़ा केंद्र है और इन दिनों ईडी कोल स्कैम को लेकर भूपेश बघेल के करीबी लोगों पर शिकंजा कसा है, उससे भाजपा को बड़ी ऊर्जा मिली है।
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